Friday, January 21, 2022

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वर्ष 2022 में तीन हाथों से गुजरेगा मास्टर ऑफ रोस्टर पावर

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इस साल 2022 में उच्चतम न्यायालय में तीन चीफ जस्टिस होंगे। उच्चतम न्यायालय की अगुवाई तीन अलग-अलग मुख्य न्यायधीशों के हाथ में होने की संभावना है। निवर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना 26 अगस्त, 2022 को सेवानिवृत्त होंगे। वरिष्ठता के अनुसार, अगले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ज‌स्टिस यूयू ललित होंगे, जिनका कार्यकाल तीन महीने से कम होगा। वह 8 नवंबर, 2022 को रिटायर हो जाएंगे। सीजेआई बनने की कतार में अगले जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ हैं। वर्ष 2022 में मास्टर ऑफ रोस्टर पावर तीन हाथों से गुजरेगा।

2022 में उच्चतम न्यायालय के आठ जज रिटायर होंगे। सीजेआई रमना और जस्टिस ललित के अलावा, इस साल रिटायर होने वाले अन्य जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी (4 जनवरी 2022), जस्टिस विनीत सरन (10 मई 2022), जस्टिस एल नागेश्वर राव ( 7 जून 2022), जस्टिस एएम खानविलकर (29 जुलाई 2022), जस्टिस इंदिरा बनर्जी (23 सितंबर 2022) और जस्टिस हेमंत गुप्ता (16 अक्टूबर 2022) हैं।

यदि कोई नई नियुक्ति नहीं होती है तो उच्चतम न्यायालय की कार्य शक्ति घटकर 25 हो जाएगी। पीठ में केवल तीन महिला जज होंगी। पिछले साल 31 अगस्त को, नौ नए जजों ने सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में शपथ ली थी, जिसके बाद पीठ पर जजों की कुल संख्या एक रिक्ति के साथ 33 तक पहुंच गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में इस वर्ष एक साथ नौ जजों की नियुक्ति हुई जो कि एक रिकार्ड है। अभी सुप्रीम कोर्ट में 33 जज काम कर रहे हैं और एक पद खाली है। लेकिन अगले वर्ष आठ जज सेवानिवृत्त हो जाएंगे जिसमें प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना और उनके बाद भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) का पद संभालने वाले जस्टिस यूयू ललित शामिल हैं। जजों की सेवानिवृत्ति का सिलसिला जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में अगर समय रहते सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति नहीं हुई तो जजों के कई पद खाली हो जाएंगे। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के मंजूर पद 34 हैं।

सुप्रीम कोर्ट में जजों के सेवानिवृत्त होने का सिलसिला क्रिसमस और नववर्ष की छुट्टियां खत्म होते ही शुरू हो जाएगा। सबसे पहले 4 जनवरी को जस्टिस आर.सुभाष रेड्डी सेवानिवृत्त होंगे। जनवरी के बाद तीन महीने यानी फरवरी, मार्च, अप्रैल में कोई जज सेवानिवृत्त नहीं होगा लेकिन मई से लेकर नवंबर तक हर महीने एक जज सेवानिवृत होगा। 10 मई को जस्टिस विनीत सरन सेवानिवृत होंगे। फिर सात जून को जस्टिस एल नागेश्वर राव और 29 जुलाई को जस्टिस एएम खानविल्कर सेवानिवृत होंगे।

चीफ जस्टिस एनवी रमना 16 महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद 26 अगस्त 2022 को सेवानिवृत्त होंगे हालांकि सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर उनका कुल करीब आठ साल का कार्यकाल पूरा होगा। जस्टिस रमना के बाद वरिष्ठता के हिसाब से जस्टिस यूयू ललित चीफ जस्टिस बनेंगे। चीफ जस्टिस के तौर पर जस्टिस ललित का कार्यकाल संक्षिप्त होगा। वे करीब तीन महीने ही चीफ जस्टिस रहेंगे और आठ नवंबर 2022 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ चीफ जस्टिस का पद संभालेंगे।इस प्रकार वर्ष 2022 में मास्टर ऑफ रोस्टर पावर तीन हाथों से गुजरेगा।

जस्टिस चंद्रचूड़ का हाल के दिनों में किसी भी चीफ जस्टिस का सबसे लंबा कार्यकाल होगा और वह 10 नवंबर, 2024 तक इस पद पर रहेंगे, जो 2 साल से अधिक समय तक चलेगा।जस्टिस रमना के बाद और जस्टिस यूयू ललित के सेवानिवृत्त से पहले दो और जज सेवानिवृत्त होंगे जिसमें जस्टिस इंदिरा बनर्जी 23 सितंबर 2022 को और जस्टिस हेमंत गुप्ता 16 अक्टूबर 2022 को सेवानिवृत होंगे।

हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए 23 नाम अब भी सरकार के पास

उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम की ओर से 2018 से 2021 तक विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों के पद के लिए सिफारिश किए गये और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से इसे दोबारा भेजे जाने के बाद भी 23 नाम मंजूरी के लिए सरकार के पास अब तक लंबित हैं। कम से कम सात उच्च न्यायालयों ने इन नामों को उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिए भेजे हैं।

दरअसल 23 नामों को सरकार ने पुनर्विचार करने के अनुरोध के साथ लौटा दिया, लेकिन उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने अलग-अलग समय पर इन नामों को फिर से भेजा। दो नामों को- एक कर्नाटक उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के लिए और दूसरा जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए- सरकार को उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने दो बार भेजा।दोनों उम्मीदवार अधिवक्ता हैं, जिनमें से जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए उम्मीदवार का नाम 2018 में भेजा गया था, जबकि कर्नाटक उच्च न्यायालय के लिए अधिवक्ता के नाम की सिफारिश 2019 में की गई थी। सूत्रों ने बताया कि 31 दिसंबर तक 23 नाम ऐसे थे, जिनकी सिफारिश उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम ने 2018 से अब तक की थी।

सरकार की ओर से लौटाए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने भी दोबारा इन नामों को भेजा था, लेकिन वे अब भी लंबित हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2021 में उच्च न्यायालयों में 120 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई जबकि 2016 में रिकॉर्ड 126 न्यायाधीशों की उच्च न्यायालयों में नियुक्ति की गई थी। देश के 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के 1,098 आवंटित पद हैं, जिनमें एक दिसंबर 2021 की तारीख में 696 न्यायाधीश कार्यरत थे, जबकि 402 पद रिक्त थे।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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