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एक थे केरल के मंत्री, दूसरे हैं बिहार के सुशील मोदी!

बिहार के उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी की एक तस्वीर वायरल हो रही है। बाढ़ का कहर झेल रहे बिहार की राजधानी पटना में पानी उनके घर तक पहुंच गया तो प्रशासन उन्हें और उनके परिवार को बेहतर जगह पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार में बाढ़ से करीब 40 लोग मर चुके हैं। घरों, अस्पतालों, दफ्तरों में पानी घुसा हुआ है। शर्मनाक बात है कि सुशील मोदी की इस तस्वीर से पहले कोई ऐसी तस्वीर नहीं है जिसमें वे बाढ़ पीड़ितों के बचाव में या राहत कार्यों में जुटे हों। पानी उन तक पहुंचा तो वे दिखाई दिए, प्रशासन के जरिये अपनी बेहतरी का इंतजाम करते हुए। उनके और विकास पुरुष सीएम नीतीश कुमार होर्डिंग्स की तस्वीरों में ज़रूर बाढ़ के बीच दिखाई देते रहे।

यह भी आपको याद होगा कि कुछ महीने पहले जुलाई में बिहार बाढ़ से बेहाल था तो भी सुशील मोदी फिल्म शो के लिए चर्चा में आए थे। विकास का तो जो हाल है, वह सामने है ही, सरकार की संवेदनशीलता का भी औऱ ज़िम्मेदारी का भी। गौरतलब है कि बिहार और केन्द्र दोनों जगह भाजपा सरकार में है तो पैसे के संकट का तो सवाल ही नहीं है। अफ़सोस तो यह है कि राज्य पर ऐसी विपदा के समय मुखिया भी देश में लौटकर अपने दुनिया में चमक जाने के भाषण पर ही केंन्द्रित रहता है।

बाढ़ के बीच नीतीश और मोदी की होर्डिंग।

सुशील मोदी की इस तस्वीर और नीतीश और उनके केन्द्र के रहनुमाओं के रवैये को आप देख रहे हैं। केरल में पिछले साल आई भयानक बाढ़ के दौरान वहां की लेफ्ट सरकार के मंत्री क्या कर रहे थे, यह भी याद कीजिए। यह भी कि किस तरह केंद्र ने तब केरल के साथ शत्रुतापूर्ण रवैया अपना लिया था। तब आरएसएस के विचारक, स्वदेशी जागरण मंच के नेता और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निदेशक एस गुरुमूर्ति ने तो केरल की बाढ़ को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से ही जोड़ दिया था।

बाढ़ पीड़ितों से मिलते केरल के मुख्यमंत्री।

आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोगों ने केरल में मुसलमानों और ईसाइयों की जनसंख्या, बीफ आदि का हवाला देकर सोशल मीडिया पर `डॉन्ट डोनेट` मुहिम ही छेड़ दी थी। अभी भी सर्च करेंगे तो यह कचरा आसानी से मिल जाएगा। इसके बावजूद केरल के मंत्रियों ने अपनी पार्टियों के काडर के साथ जनता के बीच राहत कार्यों में सीधे हिस्सा लिया था। राहत सामग्री कंधों पर ढोते हुए, बच्चों को बचाते हुए, राहत सामग्री और राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्ति करते हुए।

बाढ़ पीड़ितों की सहायता करते केरल के मंत्री थामस।

सहायता कार्य में जुटे केरल के वित्तमंत्री।

केरल की आपदा के खिलाफ बोलते तथाकथित सन्यासी।

(जनचौक के रोविंग एडिटर धीरेश सैनी के सौजन्य से।)

This post was last modified on October 1, 2019 10:14 pm

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

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