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बिहार विधानसभा में सशस्त्र पुलिस विधेयक पर हंगामा, विपक्षी विधायकों को बल प्रयोग कर बाहर निकाला

बिहार विधानसभा में बिहार विशेष “सशस्त्र पुलिस विधयेक” पर चर्चा के दौरान जमकर मारपीट हुई है।

विधानमंडल के बजट सत्र के 20 वें दिन मंगलवार को पुलिस अधिनियम बिल 2021 के विरोध में मामला विधायकों की पिटाई तक पहुंच गया। पटना के डीएम और एसएसपी मॉर्शल संघ मिलकर विपक्षी विधायकों को लातों से मारा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दरअसल ‘पुलिस अधिनियम बिल 2021’ को वापस लेने की मांग पर विपक्ष ने सदन के सामने शोरगोल मचाया। जिसके चलते स्पीकर विजय सिन्हा को सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी। लेकिन जब कार्रवाई शुरु हुई सदन में प्रस्ताव पास कराने के दौरान अध्यक्ष की कुर्सी तक विपक्ष के विधायक पहुंच गए और अध्यक्ष के हाथ से विधेयक खींचने की कोशिश की।

दरअसल बिल वापसी की मांग करते हुए राजद और कांग्रेस की 07 महिला विधायकों ने स्पीकर के आसन को घेर लिया। लगातार घंटी बजती रही, लेकिन महिला विधायकों ने आसन के पास से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद स्पीकर के चैंबर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष को चेंबर से निकालने के लिए पटना के डीएम और एसएसपी तक को जुटना पड़ा। इसके बाद मार्शल ने विधायकों को उठाकर सदन के बाहर फेंकना शुरु कर दिया। इतना ही नहीं DM और SSP ने विधायकों को जमकर पीटा। चैंबर के पास विपक्ष के विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई। इसके बाद एक-एक कर विपक्ष के विधायकों को सुरक्षाकर्मी बाहर फेंकने लगे। इस दौरान मकदुमपुर से राजद विधायक सतीश कुमार दास बेहोश हो गए।

इससे पहले कार्यवाही शुरू होने के बाद डॉ. प्रेम कुमार सभापति बने, लेकिन विपक्ष के करीब 12-13 विधायक वेल के पास पहुंच गए और बिल फाड़ दिया। नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कुछ विधायक रिपोर्टर टेबल पर चढ़ गए। इस बीच जब दूसरी बार कार्यवाही स्थगित हुई तो सत्तापक्ष के सभी सदस्यों के सदन से चले जाने के बाद राजद के भाई वीरेंद्र ने रिपोर्टर टेबल पर चढ़ कर इस बिल के विपक्ष में वोटिंग करा दी। फिर कार्यवाही को 05:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा चैंबर में ही बैठे रहे। बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान CM नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे।

विपक्षी विधायकों के भारी हंगामे के बावजूद आज मंगलवार को बिहार विधानसभा में भारी हंगामे के बीच बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधयेक पेश हो गया।

वहीं बिहार विधानसभा में आज हुए इस शर्मनाक घटना के बाद विपक्षी विधायक धरने पर बैठे हुए हैं।

पटना में रैली निकाल रहे जदयू कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

वहीं आज शहीद भगत सिंह जयंती पर पटना में प्रस्तावित राष्ट्रीय जनता दल के कार्यक्रम पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। पुलिसिया दमन में कई राजद कार्यकर्ता लहूलुहान हुए हैं।

नीतीश सरकार द्वारा पुलिसिया दमन के खिलाफ़

लालू प्रसाद यादव के ट्वीटर हैंडल से लिखा गया है कि -” लोहिया जयंती पर नीतीश में हिटलर, मुसोलिनी और पोल पॉट की आत्मा समा गई है। वह तिलमिलाए जा रहे हैं। “

गौरतलब है कि आज शहीद दिवस के दिन देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने को आतुर तीन युवाओं, भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु ने हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज ही महान समाजवादी विचारक लोहिया जी की जयंती भी है। इसी सिलसिले में आज राष्ट्रीय जनता दल ने बेरोज़गारी के मुद्दे पर विधानसभा का घेराव करने का एलान किया था।

बिहार विधानसभा में पुलिस द्वारा विपक्षी विधायकों की पिटाई के खिलाफ़ कल सीपीआईएमएल धिक्कार दिवस मनायेगी।

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This post was last modified on March 24, 2021 12:26 am

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