अपराधियों ने ही कर दिया है यूपी में कानून का एनकाउंटर: ऐपवा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं, दलितों व गरीबों पर चौतरफा हमले बढ़ गए हैं। प्रदेश में न्याय मिलना दूर की कौड़ी होता जा रहा है, वरना उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मां-बेटी को लोकभवन (सीएम दफ्तर) के सामने आत्मदाह करने के लिए मजबूर न होना पड़ता। कासगंज, झांसी, अमेठी, गाजियाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, जौनपुर, फैजाबाद समेत पूरे प्रदेश में महिलाओं, गरीबों और दलितों के ऊपर लगातार हमले बढ़ रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है। कानपुर व गोण्डा में  अपहरण की घटना को देखते हुए लग रहा है कि  भयमुक्त अपराधियों ने कानून का ही एनकाउंटर कर दिया है। ये बातें आज महिला संगठन ऐपवा के प्रदर्शन के दौरान कही गयीं।

प्रदेश में गुंडा-पुलिस राज के बढ़ते खौफ के खिलाफ़ इंसाफ और कानून के राज की मांग के साथ आज लखनऊ में ऐपवा के नेतृत्व में तमाम महिलाओं ने विरोध-प्रदर्शन किया।

इस दौरान महिलाओं ने अपने हाथों में तख्यितां ले रखी थीं। जिन पर नारे लिखे थे। इनमें प्रमुख रूप से गरीबों, महिलाओं, दलितों पर हमले क्यों, योगी सरकार जवाब दो”, “लखनऊ, कासगंज, गाजियाबाद समेत सभी दोषियों को जल्द से जल्द सजा दो”, “ऐपवा नेता जीरा भारती के हमलावरों को गिरफ्तार करो” आदि नारे शामिल थे।

ऐपवा लखनऊ की संयोजिका मीना सिंह ने कहा कि यूपी की योगी सरकार अगर इन अपराधों पर तत्काल लगाम नहीं लगाती है तो सूबे की महिलाएं उसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए बाध्य हो जाएंगी।

इस पूरे मसले पर पत्रकार कृष्णकांत ने विस्तार से लिखा है:

यूपी में वाकई जंगलराज कायम हो चुका है। सुनते हैं कि बिहार में जब लालू यादव का शासन था, वहां पर अपहरण अघोषित उद्योग बन गया था। लग रहा है कि वही दिन अब यूपी को नसीब हुए हैं।

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रविवार को फिर से गोरखपुर में एक बच्चे का अपहरण कर लिया गया। बदमाशों ने एक करोड़ की फिरौती मांगी। फिर बच्चे की हत्या कर दी।

गोरखपुर के पिपराइच में मिश्रौलिया टोला से दोपहर 12 बजे घर के बाहर खेल रहे छठवीं के बच्चे को बदमाश उठा ले गए। वे बाकायदा चार पहिया वाहन से आए और बच्चे को ले गए। इसके बाद तकरीबन तीन बजे बच्चे के पिता महाजन गुप्ता को फोन करके फिरौती मांगी। खबरों के अनुसार महाजन गुप्ता चौराहे पर पान की दुकान चलाते हैं।

इसके दो दिन पहले गोंडा में एक व्यवसायी के बेटे का अपहरण कर लिया गया था, हालांकि, वह बच्चा पुलिस ने हासिल कर लिया।

इसके पहले कानपुर में लैब असिस्टेंट संजीत यादव का अपहरण हुआ था, जिसमें पुलिस ने ही फिरौती की रकम भिजवाई और अंतत: उनकी हत्या कर दी गई।

उधर कानपुर देहात में 15 जुलाई को चौरा धर्मकांटा से बृजेश नाम के 25 वर्षीय युवक का अपहरण हुआ था। 20 लाख फिरौती मांगी गई है। पुलिस को अब तक इस मामले में कोई सुराग नहीं है।

इटावा से खबर आई है कि फ्रेंड्स कॉलोनी से आठ महीने पहले एक युवक शिवम का अपहरण हुआ था। लड़के का परिवार पिछले 8 महीने से अपने बेटे की राह देख रहा है। घटना 18 नवंबर, 2019 की है। उनसे फिरौती मांगी गई। पैसों के अभाव में परिवार फिरौती की रकम नहीं दे पाया और अपहर्ताओं ने बच्चे को नहीं छोड़ा। तब से यह परिवार इटावा, कानपुर, लखनऊ तक के अधिकारियों से लेकर सीएम योगी से भी गुहार लगा चुका है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

आज तक ने 22 जुलाई को एक खबर छापी थी, जिसका शीर्षक है: ‘युवक का अपहरण कर मांगी 1 करोड़ की फिरौती, भाजपा नेता निकला किडनैपर’.

खबर के मुताबिक, यूपी के कानपुर देहात में एक भाजपा नेता ने अपने साथियों के साथ मिलकर एंटीक समान की टेस्टिंग करने वाले खंडवा के सुशील तिवारी का अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद उसके घरवालों से 1 करोड़ की फिरौती भी मांगी और उसकी बेरहमी से पिटाई भी की। बाद में पुलिस ने अपहरण हुए व्यक्ति को सकुशल छुड़वा लिया और अपहरणकर्ताओं को जेल भेज दिया। ये मामला यूपी के कानपुर देहात, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र का है।

सुशील तिवारी पेशे से पंडिताई का काम करते हैं और साथ ही एंटीक सामानों की परख करते हैं जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत होती है। मुख्य साजिशकर्ता सत्यम सिंह चौहान के पास से पुलिस ने एक सफेद रंग की टीयूवी कार भी बरामद की है जिसपर भाजपा जिला मंत्री भी लिखा है। साथ ही उस पर भाजपा का झंडा भी लगा है।

एक पखवाड़े के भीतर अपहरण की इतनी घटनाएं सामान्य बात नहीं है।

(सूचनाएं: अमर उजाला, आजतक, नवभारत टाइम्स, जागरण,)

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