Sun. May 31st, 2020

बिहार के भोजपुर में नाबालिग दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार, गिरफ़्तारी की बात दूर एफआईआर तक नहीं हुआ दर्ज

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प्रतीकात्मक फ़ोटो।

पटना। बिहार के भोजपुर के चरखीपोखरी में एक नाबालिग दलित बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। घटनास्थल का दौरा करके लौटे इंक़लाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मंज़िल ने बताया कि 25 अप्रैल को जब लड़की गांव में ही अपनी माँ का कपड़ा सिलाई कि लिए देने के बाद लौट रही थी तो अचानक गांव के ही गोलू पाण्डे, शिव शंकर, कृष्णा राय समेत चार लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। और फिर पकड़कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।

घटना 25 अप्रैल की है, लेकिन अभी तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि ऐसा सामंती- उत्पीड़नकारी ताकतों के दबाव के चलते हो रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बच्ची की मेडिकल जांच तक नहीं हुई थी। मनोज मंज़िल के नेतृत्व में गए जांच दल ने मौके पर ही जिला पुलिस अधीक्षक से बात कर तत्काल मुकदमा दर्ज करने और मेडिकल जांच कराने की मांग की। उसके बाद मेडिकल जांच हुआ। भोजपुर एसपी ने जाँच दल को स्पीडी ट्रायल का आश्वासन दिया।

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जांच दल ने मांग की है कि सभी बलात्कारियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाए, मामले का स्पीडी ट्रायल हो, पीड़ित छात्रा व उसके परिजनों की सुरक्षा की गारंटी की जाए। नेताओं ने कहा कि अगर बलात्कारियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं होती है और छात्रा को न्याय नहीं मिलता है तो जिले से लेकर राज्य तक आंदोलन चलाया जाएगा। 

इस बर्बर घटना के खिलाफ 29 अप्रैल को भाकपा-माले, ऐपवा, आइसा, इनौस, और इंसाफ मंच प्रतिवाद दिवस मनाएँगे। इसके तहत लॉक डाउन का पालन करते हुए जो जहां है वहीं धरना अथवा एक दिन के उपवास पर बैठेगा। 

भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने भोजपुर के चरखीपोखरी में हुए इस जघन्य कांड की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन में इन ताकतों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है और नीतीश कुमार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन में दलित-गरीब भूख से मर रहे हैं और ऊपर से इस तरह की बर्बर घटनानाओं ने उनका जीना दूभर कर दिया है। उन्होंने खुले तौर पर इन अपराधियों पर भाजपा-जदयू के संरक्षण का आरोप लगाया।

उच्चस्तरीय जांच दल में मनोज मंजिल के अलावा प्रखंड सचिव महेश, जिला कमेटी सदस्य टेंगर, राम ईश्वर यादव, कैलाश पाठक, सतीश कुशवाहा, राम प्रवेश राम, मकबूल आलम और जब्बर कुमार शामिल थे। जांच दल ने पीड़ित लड़की के परिवार से मुलाकात की और उससे पूरी घटना की जानकारी ली।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित रिपोर्ट।)

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