Thu. Oct 24th, 2019

सिरसा डेरा को लेकर रोज़ नए खुलासे, दफनाईं गईं थी 300 लोगों की अस्थियां

1 min read
gurmeet-ram-rahim-dera-sacha-soda-sirsa

gurmeet-ram-rahim-dera-sacha-soda-sirsa

चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय के भीतर बड़ी संख्या में कब्र होने और कंकाल मिलने की खबरों के बीच डेरे के उपाध्यक्ष डॉ पीआर नैन ने हरियाणा पुलिस की एसआईटी को 300 लोगों के नामों की लिस्ट सौंपी है। इस लिस्ट में उन लोगों के नाम हैं, जिनकी अस्थियां (अंत्येष्टि के बाद) डेरा के खेतों में दफना दी गईं।

डॉ. नैन के मुताबिक इन भक्तों की हड्डियों को उनके परिवारों द्वारा विश्वास में दफन किया गया था, जो “मोक्ष” (मोक्ष) देगी। नैन से पूछताछ करने वाले एसआईटी के प्रमुख पुलिस उपायुक्त कुलदीप बेनीवाल ने मीडिया से कहा, “उनके पास लोगों का पूरा रिकार्ड है जिनकी हड्डियों को डेरा में दफनाया गया है, और नैन ने पुलिस को एक सूची सौंपी है, जिसे हम वेरिफाई करेंगे।” एसआईटी को यह भी बताया कि डेरा ने उस भूमि पर पौधे रोपण शुरू कर दिया था, जहां एक जर्मन वैज्ञानिक की सलाह के आधार पर कंटेनरों को दफन किया गया था। बेनीवाल ने कहा है कि जमीन में कंकाल दबे होने की कोई जानकारी नहीं है।

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर Janchowk Android App

एसआईटी प्रमुख कुलदीप बेनिवाल का कहना है कि उन्होंने पहले डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना से पूछताछ की थी और फइर उपाध्यक्ष डॉ पीआर नैन को बुलाया गया था। नैन ने एसआईटी के सामने दावा किया कि यह डेरे में अस्थियां दफनाने की पुरानी परंपरा है।

आपको मालूम है कि गुरमीत राम रहीम को अपने डेरे के दो साध्वियों से बलात्कार के जुर्म में 20 साल की सज़ा सुनाई गई है। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत की ओर से दोषी करार दिए जाने के बाद से डेरे में कंकाल दबे होने के आरोप कुछ पुराने सेवादारों के हवाले से सामने आ रहे हैं। यह भी आरोप हैं कि कुछ लोगों की हत्या करके उनकी लाशों को डेरे में दबाया गया है। इससे पहले कोर्ट ऑर्डर पर डेरा की जांच भी हो चुकी है। जानकारी के बाद खुदाई भी कराई गई लेकिन कंकाल निकलने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। हालांकि, एक बार फिर से कंकाल दबे होने की खबरें सामने आ रही हैं।

हिंसा के लिए दिए गए थे 25 लाख

डेरा सच्चा सौदा की 25 सदस्यीय कमेटी के प्रमुख चमकौर सिंह के घर से पुलिस ने दबिश के दौरान करीब 25 लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि कि यह पैसा हनीप्रीत और डॉ. आदित्य इंसा के इशारे पर पंचकूला में दंगा करवाने के लिए दिया गया था। 

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, यह पैसा चमकौर सिंह को डेरे से पंचकूला में दंगे करवाने एवं उपद्रवियों के बीच बांटने के लिए दिया गया था। चमकौर सिंह ने कैश घर में छुपाकर रखा हुआ था। पुलिस रिमांड के दौरान चमकौर सिंह ने कई बड़े खुलासे किए हैं और कई लोगों का नाम बताया है जिन्होंने इस पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका निभाई। 

Donate to Janchowk
प्रिय पाठक, जनचौक चलता रहे और आपको इसी तरह से खबरें मिलती रहें। इसके लिए आप से आर्थिक मदद की दरकार है। नीचे दी गयी प्रक्रिया के जरिये 100, 200 और 500 से लेकर इच्छा मुताबिक कोई भी राशि देकर इस काम को कर सकते हैं-संपादक.

Donate Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *