26.1 C
Delhi
Friday, September 24, 2021

Add News

रोजगार की मांग को लेकर सेंचुरी के सैकड़ों मजदूर इंदौर पहुंचे, मेधा पाटेकर के नेतृत्व में रैली निकाली

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

इंदौर। पिछले 45 महीनों से आंदोलनरत सेंचुरी के श्रमिक कल सुबह इंदौर पहुंचे और उन्होंने लोहा मंडी से कमिश्नर कार्यालय तक रैली निकाली तथा बाद में श्रम आयुक्त कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और दिन भर धरना दिया। श्रमिक जनता संघ के बैनर तले और मेधा पाटकर के नेतृत्व में हुए इस धरने और प्रदर्शन में 400 से ज्यादा मजदूर और महिलाएं शरीक थे। रात 8बजे तक चले इस धरना प्रदर्शन में विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि बिरला मैनेजमेंट द्वारा फर्जी तरीके से मिल की बिक्री की गई है और मजदूरों को जबरिया वीआरएस दिया गया है जो हमें मंजूर नहीं है। सेंचुरी के 873 श्रमिक और कर्मचारियों ने जब VRS नकारा है, तब जरूरी हो जाता है कि शासन हस्तक्षेप करके बिक्री अनुबंध और रजिस्ट्रियों की जांच करे तथा सभी श्रमिकों को रोजगार सुनिश्चित करे।

मध्य प्रदेश और देशभर के लोग बेरोजगारी के खिलाफ लड़ रहे हैं। युवा आत्महत्याओं के लिए मजबूर हैं, किसानों की तरह! क्या राज्य शासन ने, श्रम मंत्रालय और मुख्यमंत्री श्रमिकों के पक्ष में अगुवाई नहीं करेंगे? क्या उद्योगपतियों की मनमानी नहीं रोकेंगे। क्या VRS के नाम पर ‘अनैच्छिक सेवानिवृत्ति’ की साजिश से श्रमिकों की जिंदगी की बर्बादी को नहीं रोक पाएंगे? हम चाहते हैं त्वरित हस्तक्षेप, विवाद का सुलझाव यही बात उन्होंने श्रम आयुक्त से मिलकर भी कही और कार्यवाही की मांग की।

मजदूरों का कहना था कि मध्य प्रदेश सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए और मजदूरों को रोजगार बचाना चाहिए, तथा पूरे फर्जी सौदे की भी जांच की जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में मेधा पाटकर के साथ रामस्वरूप मंत्री, नवीन मिश्रा, संजय चौहान, राजेश खेते,  ज्योति भदाने, राजन तिवारी संतलाल दिवाकर सहित विभिन्न मजदूर प्रतिनिधि शरीक थे। श्रम आयुक्त ने आश्वस्त किया कि जो भी कानूनी कार्रवाई होगी वह करेंगे और मजदूरों का रोजगार बचाने की कोशिश होगी। इसी तरह विभिन्न मुद्दों की चर्चा करते हुए संभागायुक्त से भी मेधा पाटकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिला। विस्तार से सेंचुरी के सौदे में हुए फर्जीवाड़े, स्टांप ड्यूटी की चोरी तथा मजदूरों के साथ की जा रही साजिशों को बताया तथा कार्यवाही की मांग की।

मध्य प्रदेश के श्रम आयुक्त और इंदौर के संभाग आयुक्त को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि दोनों मिल्स की भूमि कुल 83 एकड़ होकर, व्यावसायिक वर्ग में परिवर्तित है। प्रत्यक्ष में औद्योगिक वर्ग में तब्दीली जरूरी थी। लेकिन सेंचुरी ने उसे ‘कृषि भूमि’ वर्ग में दिखाकर, उसी रेट से दो BTA और दो रजिस्ट्रियों के अनुसार बेची हुई दिखाई है। यह फर्जीवाड़ा होकर स्टांप ड्यूटी कम भरने की साजिश यानी शासकीय तिजोरी की चोरी और अपराध है।

 2- यह सेंचुरी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की संपदा राष्ट्रीय हाईवे से लगत होते हुए भी काफी भूमि रास्ते से अंदर मानकर शासकीय गाइडलाइन से कम रेट पर बेची गई दिखाई है।

3- सेंचुरी यार्न और सेंचुरी डेनिम मिल्स की संपदा, जो पूर्व के अधिकृत कागजों में दिखाई है, उसमें बदलाव दिखाया है।

 4- पहले 2017 में किया BTA और अभी के दो BTA में फर्क है जो बिनाधार है। मात्र संपदा का मूल्यांकन कम करके स्टांप ड्यूटी कम करने के लिए ही किया गया है।

5- VRS नकारने वालों को जबरन किस आधार पर एक या दो किस्तों में राशि का भुगतान किया है स्पष्ट नहीं है।

सेंचुरी के संबंध में करीबन 300 श्रमिकों की 2012 के अनुबन्ध अनुसार एरियर्स तथा ठेका मजदूरों का हक और सेवा सुविधा न देने संबंधी।

इस स्थिति में किए BTA और रजिस्ट्री बिक्री की पूरी जांच, धरातल पर भी होनी जरूरी है, उसमें हमारी सहभागिता भी। फर्जी बिक्री होने पर भी 25 (FF) का आधार बनाकर VRS अनैछिक रूप से 873 श्रमिकों पर थोपा जाना गैरकानूनी है। यह बात 06.04.2018 के उच्च न्यायालय के आदेश में भी स्पष्ट रूप से कही गई है। कृपया आप पूरी और सच्ची तथा न्यायपूर्ण जांच, हमारी सुनवाई के साथ तत्काल करवाएं।

हमारी अपेक्षा और आग्रह है कि मनजीत की दोनों कंपनियों से सेंचुरी ने वर्षों तक पसीना बहाने वाले कुशल श्रमिक और कर्मचारियों को लेना मना करने से रोजगार का अधिकार याने जीने का अधिकार भी कुचला जा रहा है। इस स्थिति में मध्यप्रदेश शासन ने हस्तक्षेप करते हुए, जो मिल्स मनजीत की कंपनियां चला सकती हैं तो सेंचुरी कंपनी या श्रमिक संस्था से चला कर या दोनों पक्षकारों को मंजूर विकल्पों द्वारा रोजगार सुरक्षित करें, यही न्याय पूर्ण होगा। तब तक मनजीत के नुमाइंदे या सेंचुरी कंपनी श्रमिक और कर्मचारियों को उन्हें सालों पहले आवंटित आवास से बाहर न करें, यह जवाब की अपेक्षा में, भी सुनिश्चित करें।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

पेगासस जासूसी के आरोपों की जांच मामले में अगले हफ्ते आएगा सुप्रीमकोर्ट का आदेश

पेगासस जासूसी मामले में जांच के लिए उच्चतम न्यायालय टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी बनाने जा रही है। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.