मोदी सरकार देश के सार्वजनिक क्षेत्रों को बेशर्मी से बेच रही है: विनोद सिंह

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झारखंड के धनबाद में 11 अगस्त को मासस एवं भाकपा माले के संयुक्त तत्वावधन में रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई, सफल अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र देने, झारखंड में तमाम रिक्त पदों पर बहाली करने एवं पारा शिक्षकों समेत अनुबंध कर्मियों से किया गया वादा पूरा करने की मांग की गयी।  

महाधरना में मुख्य रूप से माले के बगोदर विधायक विनोद सिंह एवं मासस के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी उपस्थित थे। महाधरना को संबोधित करते हुए माले विधायक विनोद सिंह ने कहा कि “लगातार आप देख रहे हैं कि भाजपा सरकार देश में गरीब विरोधी, किसान विरोधी, मजदूर विरोधी काला कानून ला रही है,  देश की मोदी सरकार देश की सार्वजनिक क्षेत्रों को बेचने का कार्य कर रही है। धनबाद कोयलांचल में निजी कंपनी आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय युवा बेरोजगारों को नज़रअंदाज कर रही है। पूर्व की रघुवर सरकार ने रांची में सहिया-सहायिका आंदोलनकारियों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया था। जिसके बाद राज्य के युवा छात्र नौजवानों ने रघुवर सरकार को विदा किया था।

आज राज्य की हेमंत सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा छात्रों पर जिस प्रकार से बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया, इसने पुराने दिनों की यादों को ताजा कर दिया है। हेमंत के डेढ़ साल के कार्यकाल में हजारों युवाओं ने नौकरी के लिए परीक्षा प्रतियोगिता दिया था। लेकिन युवा आज नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं।

कोरोना काल में प्राइवेट स्कूल पूर्ण रूप से बंद थे। लेकिन स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से पूरी फीस जबरन वसूल रहे हैं। यहां तक कि छात्राओं को अपनी मांगे मांगने पर बर्बरता पूर्वक लाठी खानी पड़ रही है। इसलिए महाधरना के माध्यम से केंद्र की पूंजीवादी सरकार के खिलाफ, भाजपा सरकार के खिलाफ, मासस-माले की ओर से चेतावनी दी जा रही है। यदि अविलंब देश में नौकरियों का सृजन नहीं किया गया, तो लाल झंडा सड़क पर नौजवानों के लिए आंदोलन करने के लिए तैयार रहेगा।” 

मासस के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि “राज्य की सरकार  बेरोजगारों को रोजगार देने में कोताही बरत रही है। देश एवं राज्य में  किसी की भी सरकार रहे, लाल झंडा के लोग युवा बेरोजगारों के लिए हमेशा उनके साथ खड़े हैं और सरकार से लड़ने के लिए भी तैयार हैं। राज्य सरकार तत्काल रिक्तियों को भरे राज्य में रोजगार के सवाल पर, लोगों के विस्थापन के सवाल पर, सरकारें नियुक्तियों के सवाल पर गड़बड़ियां करती हैं तो लाल झंडा का मतलब होता है, चाहे किसी की भी सरकार हो, इन सवालों के पक्ष में आंदोलन के लिए खड़ा रहना। इसलिए राज्य के युवाओं के हर एक आंदोलन में लाल झंडा के लोग एकजुट हैं। हम तमाम लाल झंडे की ताकतों की ओर से चेतावनी देते हैं कि राज्य की तमाम लंबित रिक्तयों को तत्काल बहाल करे। देश में केंद्र की सरकार के खिलाफ युवा बेरोजगार जिस प्रकार से गोलबंद हो रहे हैं, आने वाले समय में युवा छात्र नौजवान मिलकर देश की मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार रहेंगे।”

मासस जिला अध्यक्ष हरिप्रसाद पप्पू ने कहा कि “शिक्षित बेरोजगार नौकरी के लिए सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं को पास कर गए, लेकिन राज्य सरकार नियुक्ति पत्र देने में आनाकानी कर रही है। राज्य सरकार के द्वारा चुनाव के समय जो वायदे किए गए थे, उन सभी वायदों को तुरंत पूरा करे। इस भीषण गर्मी में कोयलांचल में बिजली कटौती करना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां केंद्र की सरकार ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, वहीं राज्य सरकार ने भी चुनाव में ताल से ताल मिलाया था। डी वी सी केंद्र सरकार के अधीन है अतः केंद्र सरकार अविलंब धनबाद की बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से दुरुस्त करे। धनबाद कोयलांचल में खटकर खाने वाले मजदूर किसानों के साथ केंद्र की मोदी सरकार का रवैया सोतेलापन जैसा है। केंद्र की मोदी सरकार युवा, नौजवानों के लिए किसी भी प्रकार से कोई प्रगतिशील योजना नहीं बना पायी है, जिसके कारण पूरे देश में बेरोजगारों की फौज खड़ी है। छात्र छात्राओं को अपनी जायज मांगों को मांगने पर लाठी खाना पड़ रहा है।”

महा धरना कार्यक्रम समाप्ति के बाद विभिन्न पार्टियों को छोड़कर मार्क्सवादी युवा मोर्चा में शामिल हुए, जिनमें अशोक यादव, पप्पू खान, मोहन चौहान, श्याम पंडित, सुनील चौहान, अशोक सिंह, रिजवान अंसारी, अधिक यादव, शानू दत्ता, बंटी चौहान, कारू यादव, रितेश सिंह आदि को निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने माला पहनाकर मासस पार्टी में विधिवत रूप से शामिल किया। महाधरना में मुख्य रूप से मार्क्सवादी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन महतो, जिप सदस्य दिल मोहम्मद, मायुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष बबलू महतो, राजकुमार महतो, राणा चटराज, मोहम्मद अख्तर, मंगल महतो आदि शामिल रहे।

(झारखंड से विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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