Sat. Apr 4th, 2020

पुलिस बयान से मुकरी तो दंतेवाड़ा में हजारों ग्रामीणों ने थाना घेरा

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दन्तेवाड़ा/किरंदुल। दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हज़ारों की संख्या में जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण दो सूत्रीय मांगों को लेकर थाने का घेराव करने पहुंचे। हाल ही में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दो दिन पहले माओवादियों ने निलावाया के रहने वाले मोहान भास्कर को मुखबिरी के आरोप में धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी थी।

ग्रमीणों ने आरोप लगाया कि पोटाली नवीन पुलिस कैंप में मोहन भास्कर रहता था। उस क्षेत्र में लगातार पुलिस गश्त रही। वो पुलिस डीआरजी ग्रुप में शामिल था। जब नक्सली ने उन्हें मारा तो पुलिस अपना बयान बदल रही है कि मोहन पुलिस में शामिल नहीं था। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि नए कैंप न खोले जाएं। हमारी सुरक्षा के लिए केवल पुलिस थाना ही रहें? 

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सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने आरोप लगाया कि आत्मसमर्पण के नाम से ग्रमीण को कुछ पैसे का लालच देकर  पुलिस अपना मुखबिर बनाती है। जब  उनके साथ मोहन भास्कर जैसी घटना होती है तो पुलिस अपने बयान से मुकर जाती है। मोहन भास्कर पिछले एक साल से पुलिस में शामिल था। वर्दी बंदूक के साथ हमेशा क्षेत्र में गश्ती करवाता था। पुलिस स्पष्ट जवाब दे कि मोहन DRG का जवान था या एक मुखबिर था?

जब उनके साथ इस तरह की घटना हुई तो पुलिस उनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार क्यों नहीं कर रही है? और पुलिस सामने क्यों नहीं आई? यह सवाल उन सबके लिए हैं, जो आत्मसमर्पण किए हुए नक्सली पुलिस में काम कर रहे हैं। उनके साथ भी इस तरह की घटना होगी तो पुलिस अपना बयान बदलने में देरी नहीं करेगी। लोगों ने मांग की कि मोहन भास्कर को शहीद का दर्जा मिले जो मुआवजा  पुलिस जवान को मिलता है, मोहन भास्कर को भी मिले। पोटाली में जो कैंप स्थापित है, वो सीआरपीएफ का है या जिला पुलिस का, हमें लिखित में जवाब दिया जाए।

आंदोलन में पहुंचे क्षेत्रीय थाना प्रभारी  दंतेवाड़ा सौरभ कुमार, थाना प्रभारी  किरंदुल डीके बरवा थाना प्रभारी नकुलनार साहू और SDOP दंतेवाड़ा चंद्रकांत गर्वना ने लिखित में जवाब दिया कि मोहन भास्कर पुलिस का गोपनीय सैनिक था और उच्च अधिकारी इसकी फाइल बनाकर चुनाव आयोग और सरकार को भेज रहे हैं। जो मुहवाज़ा मिलना है उनके परिवार को दिया जाएगा और पोटाली में जो नवीन नए कैंप खोले गए हैं, नक्सलीगढ़ हुआ करता था। जनता की सुरक्षा के दृष्टिकोण से एसटीएफ और DRG का कैंप खोला गया है।

(रायपुर से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट…)

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