Saturday, December 4, 2021

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लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के सवाल पर बिहार में शुरू हुई शहीद जगदेव-कर्पूरी संदेश यात्रा

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बिहार में ‘शहीद जगदेव-कर्पूरी संदेश यात्रा शुरू की गई। यह यात्रा ‘शहीद जगदेव-कर्पूरी का संदेश, बहुजन हो एक’ और ‘ब्राह्मणवादी-पूंजीवादी हमले के खिलाफ संघर्ष करो तेज’ के आह्वान के साथ गांव-गांव तक शहीद जगदेव प्रसाद और कर्पूरी ठाकुर के विचारों और विरासत पर चर्चा के साथ किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं, सरकारी शिक्षा को बर्बाद करने वाली नई शिक्षा नीति 2020, बेरोजगारी और वंचितों की वंचना बढ़ाने वाली विनिवेश और निजीकरण की नीति का फर्दाफाश करेगी। यात्रा में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा आरक्षण और सामाजिक न्याय पर किए जा रहे हमले, लोकतंत्र को कमजोर करने और जातिगत जनगणना की जरूरत और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

यात्रा सामाजिक न्याय आंदोलन और बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन के संयुक्त बैनर तले किसान आंदोलन के साथ एकजुटता में शहीद जगदेव प्रसाद कुशवाहा के जन्म दिवस 2 फरवरी से जारी अभियान के क्रम में शुरू हुई है। सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार) के रिंकु यादव एवं बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन (बिहार) के सोनम राव ने बताया कि यह यात्रा 23 फरवरी तक चलेगी। 23 फरवरी को भागलपुर में जुटान होगा और मार्च निकाला जाएगा।

दोनों नेताओं ने बताया कि यात्रा की शुरुआत आज भागलपुर जिला के बिहपुर के हरियो गांव से हुई। यात्रा हरिओ पंचायत के विभिन्न गांवों सहित झंडापुर में ग्रामीणों से संवाद और चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभा करते हुए बिहपुर स्टेशन चौक तक पहुंची और यहां सभा हुई।

इस मौके पर सामाजिक न्याय आंदोलन के गौतम कुमार प्रीतम ने कहा कि 90 प्रतिशत बहुजनों की चौतरफा बेदखली और गुलामी की कीमत पर नरेंद्र मोदी सरकार ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने का अभियान आगे बढ़ा रही है। हिंदू राष्ट्र बनाने के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए ही मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून, चार श्रम संहिता और नई शिक्षा नीति 2020 थोपने का काम किया है। वहीं बिजली बिल 2020 प्रस्तावित है। निर्बाध निजीकरण जारी है। सरकारी संपत्ति और उपक्रमों को बेचा जा रहा है। सामाजिक न्याय को ठिकाने लगाया जा रहा है। सरकार विरोधी आवाजों को दमनकारी काले कानूनों, मुकदमों और जेल के जरिए दबाया जा रहा है। लोकतंत्र को दफनाया जा रहा है।

इस मौके पर अंजनी ने कहा कि कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में भी जहां एक ओर करोड़ों लोगों का रोज़गार गया, वहीं सबसे धनी अरबपतियों की जायदाद 35 प्रतिशत बढ़ गई, लेकिन अभी नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेश बजट भी अरबपतियों के हित में ही है। पूंजीपतियों के हाथों देश को बेचने का बजट है। इस बजट में भी एससी-एसटी की हकमारी हुई है।

अनुपम आशीष और रवींद्र कुमार सिंह ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद और कर्पूरी ठाकुर जैसे बहुजन नायकों की विरासत को बुलंद करते हुए आज फिर से ब्राह्मणवादी- पूंजीवादी हमले का मुकाबले के लिए ताकत से खड़े होने की जरूरत है। बहुजन एकता को बुलंद करने की जरूरत है। यात्रा में गौरव पासवान, रणधीर पासवान, अखिलेश शर्मा, निर्भय कुमार, इंदल शर्मा, पंकज कुशवाहा सहित कई लोग शामिल रहे।

(वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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