मुस्लिम बोर्डिंग हाउस खुलवाने के लिए छात्रों ने डीएम दफ्तर पर किया प्रदर्शन, डीएम ने सारा दोष हॉस्टल अथॉरिटी पर मढ़ा

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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिग हाउस छात्रावास को खुलवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैंकड़ों छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द छात्रावास को खुलवाने की मांग की। लेकिन जिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के सामने हॉस्टल सील करने की जवाबदेही से पल्ला झाड़ते हुए सारा दोष हॉस्टल अथॉरिटी के सिर मढ़ दिया।

जिलाधिकारी ने हॉस्टल अथॉरिटी को बुलाकर छात्रों के सामने ही फटकार लगायी। डीएम ने हॉस्टल अथॉरिटी से पूछा कि कंधों पर बैग लेकर जो छात्र यहां विरोध में खड़े हैं, बताइये ये वैध हैं कि अवैध हैं। जवाब में हॉस्टल अथॉरिटी ने कहा कि ये सब वैध छात्र हैं।

जिलाधिकारी को ज्ञापन देते मुस्लिम बोर्डिंग हाउस के छात्र

डीएम ने नाराज़गी जाहिर करते हुए अथॉरिटी से कहा कि तुम लोगों ने यह बात क्यों छुपायी कि छात्रों की परीक्षाएं चल रही है। आप छात्रों को अवैध बताकर पुलिस-प्रशासन को ले गए और हॉस्टल सील करवा दिए। जिलाधिकारी महोदय ने आगे कहा कि जैसे तुम लोगों ने लेटर लिखकर प्रशासन से कहा कि हॉस्टल में अवैध छात्र रह रहे हैं और हॉस्टल को अवैध क़ब्ज़े से खाली कराने के लिए हॉस्टल सील कर दें वैसे ही हॉस्टल को खुलवाने के लिए प्रार्थन पत्र लिखो और हॉस्टल खोलो। हॉस्टल अथॉरिटी ने छात्रों के सामने डीएम से ‘हां करते हैं’ कहकर सहमति दी।

जिलाधिकारी को ज्ञापन देते छात्र

जिलाधिकारी दफ़्तर से निकलकर छात्रों ने अब मुस्लिम बोर्ड हाउस के मुख्य सचिव बरकत अली के आवास पर धरना शुरु कर दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अगर हॉस्टल अथॉरिटी गेट नहीं खोलती है तो कल सुबह 8 बजे वो लोग ताला तोड़ देंगे। वहीं पीड़ित छात्रों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल अथॉरिटी ने यह सब पैसे के लालच में किया है। अभी बमुश्किल एक महीना पहले ही छात्रों ने हॉस्टल फीस भरी है। हॉस्टल अथॉरिटी चाहती है कि उमेश पाल हत्याकांड प्रकरण की आंड़ में हॉस्टल पूरी तरह से खाली हो जाए तो वो फिर से नए सिरे से छात्रों को एलॉट करें ताकि उन्हें फिर से पैसा मिले।

भुक्तभोगी छात्रों का आरोप है कि हर साल 24-25 लाख रुपये हॉस्टल अथॉरिटी सिर्फ़ फ़ीस से अर्जित करती है और मेंटिनेंस के नाम पर कुछ लाख रुपये खर्च कर बाक़ी सारा पैसा खा जाते हैं। छात्रों का आरोप है कि सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए हॉस्टल अथॉरिटी छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है। जबकि डीएम ने साफ कहा कि उनके पास कोई भी क़ानून और व्यवस्था के लिए आएगा तो वह प्रशासन दे देंगे। छात्रों ने कहा कि डीएम के बयान से हॉस्टल अथॉरिटी का असल चेहरा सामने आ गया है।

जिलाधिकारी के कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन करते छात्र

पीड़ित छात्रों ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया है कि आज कुछ छात्रों की परीक्षा थी। उन्होंने एडमिट कार्ड ऑनलाइन निकालकर परीक्षा में बैठे हैं। और समस्या बताकर आज का पेपर दे आये हैं। लेकिन 13 तारीख को जब ये फिर पेपर देने जाएंगे तो उन्हें ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स लेकर जाना पड़ेगा। आंदोलित छात्रों ने आगे कहा कि जो ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के छात्र हैं उनका पीजी इंट्रेस का लास्ट डेट 16 तारीख की है। लेकिन जब डॉक्यूमेंट्स ही उनके पास नहीं रहेगा तो कैसे अप्लाई करेंगे।

बता दें कि 6 मार्च को पुलिस प्रशासन ने मुस्लिम बोर्डिग हाउस को सील कर दिया था। जबकि ठीक एक दिन ही पहले यानि 5 मॉर्च को हॉस्टल अथॉरिटी ने नोटिस लगाकर सूचित किया कि छात्र हॉस्टल खाली कर दें। नहीं तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जबकि ठीक एक दिन पहले यानि 4 मॉर्च को सचिव इरफ़ान ख़ान और बरकत अली ने छात्रों को होली की छुट्टी का हवाला देकर घर जाने को कहा था। और अधिकांश छात्र होली पर अपने गांव घर होली मनाने चले गये थे।

मानसिक प्रताड़ना झेल रहे छात्र

इससे पहले शुक्रवार दोपहर मुस्लिम हॉस्टल के छात्रों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में परीक्षा का हवाला देते हुए जल्द से जल्द मुस्लिम बोर्डिंग हाउस खुलवाने की मांग की। छात्रों ने प्रयागराज जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में लिखा है कि 24 फरवरी, 2023 को उमेश पाल हत्याकांड प्रकरण के बाद से पूरा हॉस्टल मानसिक रूप से प्रशासन एवं मीडिया की प्रताड़ना झेल रहा है।

छात्रों ने आगे लिखा है कि इसी बीच हॉस्टल प्रशासन ने छात्रों से कहा कि आप लोग होली और शब-ए-बारात पर घर चले जाओ और 10 फरवरी को वापिस आ जाना। छात्रों ने ज्ञापन में बताया है कि उन्हें मीडिया के ज़रिए यह जानकारी मिली की हॉस्टल सील कर दिया गया है। साथ ही 5 मार्च को हॉस्टल में चस्पा नोटिस के माध्यम से छात्रों को सूचना दी गई कि हॉस्टल ईद तक बंद रहेगा।

मुस्लिम बोर्डिंग हाउस के प्रशासनिक अधिकारी

छात्रों ने डीएम को बताया है कि मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में रह रहे सभी छात्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भिन्न-भिन्न कोर्स में दाख़िला लिए हुए हैं। और अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट की परीक्षाएं व कक्षाएं चल रही हैं। उनका सारा सामान नोट्स, किताबें, कपड़े, आईकार्ड, एडमिट कार्ड, लैपटॉप आदि हॉस्टल के कमरे में सील पड़ा है। जिसके कारण छात्रों के रहने, खाने और पढ़ाई करने की सारी व्यवस्था चौपट होने के चलते पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। छात्रों ने आगे विभिन्न भर्तियों का हवाला देते हुए डीएम प्रयागराज को बताया है कि इस समय भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के भिन्न भिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं जिससे छात्र वंचित हो जाएंगे।

हॉस्टल अथॉरिटी का पक्ष और आगे का कदम जानने के लिए मुस्लिम बोर्डिंग हाउस के सचिव डॉ इरफ़ान अहमद ख़ान सें संपर्क किया गया लेकिन उनका मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ जा रहा है।

(सुशील मानव स्वतंत्र पत्रकार हैं और प्रयागराज में रहते हैं।)

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