Subscribe for notification
Categories: राज्य

तो क्या सचमुच सरयू राय चौथे पूर्व मुख्यमंत्री को भी भेजवाएंगे जेल?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवार दास पर शिकंजा कसता जा रहा है। हालांकि जब वे मुख्यमंत्री थे तो उन्हीं के मंत्रिमंडलीय साथी सरयू राय ने उन्हें कई बार चेतावनी दी थी कि यदि वे नहीं संभले तो बिहार और झारखंड के तीन पूर्व मूख्यमंत्रियों की तरह उन्हें भी जेल जाने से कोई रोक नहीं सकता है। सरयू राय बिहार और झारखंड के ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने इन राज्यों के तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को जेल भिजवाया है। इन तीन में से जगन्नाथ मिश्र की मृत्यु हो चुकी है लेकिन दो अभी भी जेल के सलाकों के पीछे हैं। जगन्नाथ मिश्र बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में दोषी थे और कई वर्षों तक जेल में रहे। इसके बाद इस घोटाले के सबसे बड़े आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव हैं, यादव को जेल तक पहुंचाने में सरयू राय की बड़ी भूमिका रही है।

आइए ! पहले सरयू राय को जानते हैं। सरयू राय ने 1994 में सबसे पहले पशुपालन घोटाले का भंडाफोड़ किया था। उन दिनों लालू प्रसाद यादव की तूती बोलती थी। सबसे पहले राय ने ही लालू यादव पर आरोप लगाया था। उन दिनों राय भाजपा के नेता हुआ करते थे। राय लंबे समय तक बिहार और उसके बाद झारखंड में भाजपा के लिए जमीन तैयार करते रहे हैं। आज भी भाजपा के कई बड़े नेता राय को बहुत पसंद करते हैं। बाद में चारा घोटाले की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआइ से जांच हुई। राय ने घोटाले के दोषियों को सजा दिलाने में उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक का संघर्ष किया। इसके फलस्वरूप राजद अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत दर्जनों राजनीतिक नेताओं व अफसरों को जेल जाना पड़ा। राय की छवि शुरू से एक जुझारू नेता की रही है। राय ने 1980 में किसानों को आपूर्ति होने वाले घटिया खाद, बीज तथा नकली कीटनाशकों का वितरण करने वाली शीर्ष सहकारिता संस्थाओं के विरूद्ध आवाज उठायी थी। उन दिनों बिहार कांग्रेस में तपेश्वर सिंह की तूती बोलती थी लेकिन राय ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सफल आंदोलन किया। सरयू राय ने ही संयुक्त बिहार में अलकतरा घोटाले का भी भंडाफोड़ किया था। इसके अलावा झारखंड के खनन घोटाले को उजागर करने में सरयू राय की अहम भूमिका रही है। इतने घोटालों के पर्दाफाश के बाद तो सरयू राय का नाम भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों में खौफ का पर्याय बन गया था।

जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा से चुन कर आए भाजपा के बागी नेता झारखंड के विधानसभा चुनाव से पहले ही बेहद गंभीर आवाज में कहा था कि लगता है मेरी नियति में चौथे सीएम को भी जेल भेजवाना लिखा है। बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को सलाखों के पीछे भेजने वाले सरयू राय अब रघुवर दास के पीछे पड़े हैं। जिस प्रकार भाजपा के नेता एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवार दास चारों ओर से घिरते जा रहे हैं उससे तो यही लगने लगा है कि दास भी जेल जा सकते हैं।

झारखंड उच्च न्यायालय में ऐसी कई जनहित याचिकाएं दाखिल की गयी है जिसमें दास पर भी आरोप लगाया गया है लेकिन अभी हाल में झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सरयू राय ने बेहद चालाकी से पूर्व मुख्यमंत्री को घेर लिया। सदन में अल्पसूचित प्रश्नकाल में विधायक सरयू राय ने पथ निर्माण विभाग से संबंधित एक सवाल किया। सरयू राय ने सदन में अग्रवाल ग्लोबल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, जो छत्तीसगढ़ के रायपुर की कंपनी है, उसको लेकर सवाल उठाया। सरयू राय ने पूछा कि क्या हंटरगंज-पांडेपुर-प्रतापपुर पथ के चौड़ीकरण का काम 7933.149 लाख रूपये की लागत पर मार्च 2017 में इस कंपनी को दी गई थी, जबकि 13 जनवरी 2017 को इंडियन कंपनी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत इस कंपनी को पंजीकृत होने का कार्य अनुभव ही नहीं है। मामले को लेकर सरयू राय ने आरोप लगाया कि इस कंपनी का संबंध एक बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति से है, हालांकि राय ने सदन में पूर्व मुख्यमंत्री दास का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका इशारा दास की ओर ही था। उन्होंने कहा कि ये कंपनी सिर्फ पथ निर्माण विभाग में ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों में भी काम रही है। यह कंपनी छत्तीसगढ़ की है और रायपुर में इनका क्लार्क नाम का एक होटल भी है। सदन में उन्होंने कहा कि उस प्रभावशाली व्यक्ति के बेटे की शादी उसी होटल से हुई थी। इसलिए मामले की जांच एसीबी से होनी चाहिए।

राय के सवाल पर सरकार की तरफ से जबाव देते हुए प्रभारी मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि मामला चूंकि हाईकोर्ट में है और कंपनी को काम पूर्व महाधिवक्ता अजित कुमार की सलाह पर दिया गया था, इसलिए फिलहाल हाईकोर्ट का निर्णय आने तक जांच नहीं करायी जा सकती है। महाधिवक्ता का नाम सुनते ही सरयू राय ने पूर्व महाधिवक्ता अजित कुमार के बारे में सदन में कहा कि उनके बारे में भी मैंने सदन में सवाल पूछा है। उनके कई सलाह विवादों में रहे हैं और तीन-चार लोगों का एक नेटवर्क है, जो एक दूसरे की सलाह लेकर अनियमितता को अंजाम देते रहे हैं। ऐसे में आखिर कैसे ऐसे महाधिवक्ता की सलाह को गंभीरता से लिया जाए।

इस बात पर विधायक प्रदीप यादव, बंधु तिर्की और राजेंद्र सिंह ने सरयू राय का साथ दिया और कहा कि मामले की जांच होनी ही चाहिए। विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि मेरा भी एक मामला हाईकोर्ट में लंबित था, इसके बावजूद रघुवर सरकार ने एसआईटी बनाकर जांच करायी थी। सदन में विधायक प्रदीप यादव ने बिना देरी किया हुए कहा कि इस मामले से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ही हैं। इससे आगे कहा कि उन्हीं के बेटे की शादी कंपनी के होटल क्लाॅर्क में हुई थी। मामला संवेदनशील है और इसकी जांच होनी ही चाहिए। विधायकों के समर्थन को देखते हुए बादल पत्रलेख ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में बदले की भावना से काम नहीं करना चाहती लेकिन सभी सदस्यों की राय है कि मामले की जांच हो, इसलिए मामले की जांच के लिए विधानसभा की एक समिति गठित की जायेगी।

यही नहीं सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में रघुवार दास के खिलाफ सदन में और कई मामले खड़े किए जाएंगे तथा उस पर सरकार के द्वारा जांच कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। दूसरी ओर राय विगत दिनों दिल्ली जाकर सर्वोच्च न्यायालय के कुछ अधिवक्ताओं से मिलकर सलाह ली है। वे रघुवर दास के खिलाफ पहले से मोर्चा खोले हुए हैं। राय की छवि बेहद अच्छी है और उनका रुतबा भी जबरदस्त है। चूंकि केन्द्र में भाजपा की सरकार इसलिए राय को लड़ने में थोड़ी दिकत हो सकती है लेकिन धीरे-धीरे जो परिस्थिति बन रही है उसमें राय के हाथ रघुवर दास के गिरेबान तक पहुंचती दिख रही है। सब कुछ योजना से चली तो वह दिन दूर नहीं जब चौथे पूर्व मुख्यमंत्री भी जेल के सलाकों के पीछे होंगे।

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on March 25, 2020 5:24 pm

Share