Sunday, October 24, 2021

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दास्ता

आज वक्त मजदूरों को आवाज़ दे रहा है!

सदियों दासता, सामंतवाद से संघर्ष करने के बाद दुनिया में मज़दूरों ने 1 मई 1886 को अपने अस्तित्व का परचम फ़हराया। महज 105 साल में ही पूंजीवाद ने अपने पसीने की महक से विश्व का निर्माण करने वाले मेहनतकश...
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भारत में उच्च जाति के शीर्ष न्यायाधीशों का रवैया अपने दलित सहयोगियों के प्रति पक्षपातपूर्ण: यूएस बार एसोसिएशन रिपोर्ट

प्रभावशाली अमेरिकन बार एसोसिएशन (एबीए) सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स द्वारा, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि भारतीय...
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