Monday, April 15, 2024

पुरुषवादी समाज

मीडिया की प्राथमिकता में नहीं है अब जनसरोकार

आज मीडिया का स्वरूप और प्राथमिकताएं बदल गई हैं। मुख्यधारा के मीडिया में कहीं कोई बड़े मूल्य, आदर्श और जनप्रतिबद्धता अब चिराग लेकर ढूंढने पर भी नहीं दिखेगी। पूंजी, कारपोरेट हित और सत्ता सहयोग उसकी प्रवृत्ति बन चुकी है। इस...

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तमाम प्रतिकूलताओं के बावजूद जनविवेक से स्थिति में बदलाव होगा

भारत में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर कुछ गहरी आशंकाएं उभर रही हैं। इतिहास की गहरी घाटियों से कुछ...