Thursday, December 9, 2021

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फिल्म

फिल्म श्रमजीवीः मजदूरों की जिंदगी का दर्द भरा दस्तावेज

यह सिलाई मशीन चलने की आवाज़ है। लगता है कि इसमें रेल की आवाज़ की अनुगूंज घुली हुई है। फ़िल्म `वस्त्र उद्योग` (टैक्सटाइल एंड गारमेंट इंडस्ट्री) के मज़दूरों पर केंद्रित है, तो सिलाई मशीनों की आवाज़ें आनी ही है।...

जन्मदिन विशेषः हबीब तनवीर ने कह दिया था सामाजिक-राजनीतिक उद्देश्यों के लिए फिल्मों को अलविदा

आधुनिक रंगमंच में हबीब तनवीर की पहचान लोक को पुनर्प्रतिष्ठित करने वाले महान रंगकर्मी की है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 1 सितंबर, 1923 को जन्मे हबीब तनवीर, रंगमंच में अपने आगाज से लेकर अंत तक उन सांस्कृतिक मूल्यों-रंगों...

पुण्यतिथिः शिवसेना की धमकी के आगे नहीं झुके एके हंगल, फिल्में रोक दी गईं तो करने लगे थे टेलरिंग

एके हंगल के नाम का जैसे ही तसव्वुर करो, तुरंत हमारी आंखों के सामने एक ऐसी शख्सियत आ जाती है जो सौम्य, शिष्ट, सहृदय, सभ्य, गरिमामय, हंसमुख है और इस सबसे बढ़कर एक अच्छा इंसान। भला आदमी! हिंदी सिनेमा...

भारतीय समाज में जारी सतत हिंसा अब बन गयी है सभ्यता का हिस्सा

"मैं राइटर बनना चाहता था....और साइंटिस्ट भी... फिर सोचा कि शायद साइंस का राइटर बन जाऊंगा। कुछ भी न हुआ साला! क्योंकि पैदा जहां हुआ वहां पैदा होना ही एक भयानक एक्सीडेंट जैसा था।"ये 'आर्टिकल 15' के एक अहम...
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तीन साल बाद जेल से रिहा हुईं एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज

भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद जाति हिंसा मामले में तीन साल और तीन महीने पहले गिरफ्तार की गईं वकील और ऐक्टिविस्ट...
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