Thursday, January 20, 2022

Add News

हबीब जालिब

रंज यही है बुद्धिजीवियों को भी कि राहत के जाने का इतना ग़म क्यों है!

अपनी विद्वता के ‘आइवरी टावर्स’ में बैठे कवि-बुद्धिजीवी जो भी समझें, पर सच यही है, इत्ते बड़े मुल्क में, एक सीधी सी बात को ऐसे खरेपन से कह देना, राहत इंदौरी के ही हिस्से में आया था। हिर्स करो,...
- Advertisement -spot_img

Latest News

उत्तराखंड में भाजपा की नैया कैसे लगेगी पार? कोई पार्टी तो कोई मैदान छोड़ रहा

उत्तराखण्ड विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया शुरू होते ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारक हरक सिंह रावत...
- Advertisement -spot_img