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आइसा की एक मांग इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने मानी, प्रथम-द्वितीय वर्ष की परीक्षा रद्द

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने आइसा की तीन मांगों में से एक को स्वीकार कर लिया है। प्रथम और द्वितीय वर्ष की जनवरी में प्रस्तावित परीक्षा को कार्यकारिणी की मीटिंग में रद्द कर उन्हें बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रोन्नत करने का फैसला ले लिया गया है। जल्द ही इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा। करीब तीन बजे प्रॉक्टर ने भूख हड़ताल पर बैठे शैलेश पासवान से मुलाकात कर जानकारी दी।

विश्वविद्यालय कुलपति कार्यालय पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की भूख हड़ताल 5वें दिन भी जारी रही। आइसा प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवान की बिगड़ती हालत पर प्रशासन मौन रहा। शाम 5 बजे संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष अजय भारती ने शैलेश पासवान को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। अजय भारती ने कहा कि आइसा हमेशा ही छात्र संघर्षो की पंक्ति में आगे रहता है। साथियों को इस जीत के लिए मुबारक।

आइसा की भूख हड़ताल को जनमत पत्रिका के संपादक और भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड रामजी राय ने शैलेश पासवान से मुलाकात कर समर्थन दिया। स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने कहा कि जब सत्ताएं क्रूर हो जाती हैं तो उनकी संस्थाएं भी उतनी ही क्रूर हो जाती हैं, चाहे वह शिक्षण संस्थाएं ही क्यों न हों। यह फासीवादी हमलों का दौर है, जिसके खिलाफ छात्र नौजवानों को एक मजबूत मोर्चा बनाकर संघर्ष करने की जरूरत है।

आइसा के संस्थापक, प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष और इविवि के भूतपूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कॉमरेड लालबहादुर सिंह ने फेसबुक पोस्ट लिखकर प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवान का मनोबल बढ़ाया और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रों की मांग जायज हैं, इन्हें स्वीकार किया जाए।

प्रगतिशील समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सैफ और इस्लामिक स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन के प्रदेश अध्यक्ष उमर खालिद और अनवर आज़म आदि ने भी भूख हड़ताल पर बैठे शैलेश पासवान से मुलाकात कर समर्थन दिया।

शैलेश पासवान ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने हमारी बस एक मांग जनवरी में प्रस्तावित परीक्षा रद्द करने की मानी है। प्रॉक्टर ने बताया है पिछले वर्ष की हॉस्टल फीस को लॉकडाउन के इस नए वर्ष में समायोजित करने पर विचार किया जा रहा है। जब हॉस्टल खुलेगा और बच्चे रहने लगेंगे तो इस पर निर्णय उस समय लिया जाएगा। उन्होंने सितंबर माह में प्रवेश परीक्षा स्थगित करने की मांग को मानने से इनकार किया है। कहा कि अब बहुत देर करने से विश्वविद्यालय का एकेडेमिक कैलेंडर डिस्टर्ब होगा।

भाकपा माले जिला प्रभारी डॉ. कमल उसरी, आइसा इकाई सचिव, सोनू यादव, अनिरुद्ध शर्मा, राकेश गौतम, पुनीत सेन, राजेश सचान, प्रदीप दीप, प्रदीप ‘ओबामा’, आरवाईए के राज्य सचिव सुनील मौर्य आदि मौजूद रहे।

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This post was last modified on August 31, 2020 9:09 pm

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