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आयकर आयुक्त संजय श्रीवास्तव बर्खास्त, प्रधान आयकर आयुक्त सुरेश कुमार मित्तल पर कोई कार्रवाई नहीं

सीबीआई ने एक और आयकर आयुक्त संजय कुमार श्रीवास्तव पर मामला दर्ज किया है, जिन्हें हाल में सरकार ने अनुचित लाभ हासिल करने के लिए कथित तौर पर पिछली तारीख में अपील आदेश पारित करने के लिए 10 जून, 2019 को बर्खास्त कर दिया था। सीबीआई ने दावा किया है कि श्रीवास्तव के आवास से 2.47 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण, 16.44 लाख रुपये नकदी, 10 लाख रुपये, पूर्व अधिकारी एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक खातों में जमा 1.30 करोड़ से अधिक रुपये, दो अचल संपत्तियों से जुड़े अकाट्य दस्तावेज और एक बैंक लॉकर बरामद हुए हैं।

दूसरी ओर हथियार दलाल संजय भंडारी के पे रोल पर रहे नौ वरिष्ठ आयकर अधिकारियों के विरुद्ध सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई और यही पता नहीं है कि मामला बंद कर दिया गया है या अभी विवेचना में है। आयकर विभाग के दिल्ली स्थित तत्कालीन प्रधान आयकर आयुक्त सुरेश कुमार मित्तल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में दर्ज सीबीआई की एफआईआर के बावजूद न केवल उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है बल्कि वे दिन प्रतिदिन विभाग में तरक्की पाते जा रहे हैं।

एक और भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज हथियार कारोबारी संजय भंडारी, उसके दो पुत्रों और दिल्ली के तत्कालीन प्रधान आयकर आयुक्त सुरेश कुमार मित्तल सहित नौ आयकर अधिकारियों के मामले को सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के द्वारा उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करके 2018 में बंद कराया गया, वहीं जून 2019 में सीबीआई ने भारतीय वायुसेना के लिए वर्ष 2009 में लगभग 2895 करोड़ रुपयों की लागत से 75 पिलैटस बेसिक ट्रेनर विमान खरीदे जाने से संबंधित सौदे में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विवादास्पद हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने सौदे के संबंध में भंडारी के आवास और कार्यालय में छापेमारी भी की थी।

यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा तीन साल पुरानी जांच के नतीजों के बाद की गई। इसमें आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार का मामला पाया गया। जांच एजेंसी ने भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के साथ ही स्विटजरलैंड स्थित पिलैटस एयरक्राफ्ट लिमिटेड के अनाम अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि स्विस कंपनी 2009 में मांगी गई निविदाओं के लिए आवेदकों में से एक थी।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि कंपनी ने ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों भंडारी और बिमल सरीन के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और भंडारी के साथ जून 2010 में बेईमानी और धोखे से एक सेवा प्रदाता समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो रक्षा खरीद प्रक्रिया, 2008 का उल्लंघन था। यह कथित तौर पर भारतीय वायुसेना को 75 प्रशिक्षण विमानों की आपूर्ति के ठेके के लिए किया गया।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि कंपनी ने ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 10 लाख स्विस फ्रैंक का भुगतान किया। यह रकम अगस्त और अक्टूबर 2010 में नयी दिल्ली के स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के खाते में अदा की गई थी। इसके अलावा भंडारी की ही दुबई स्थित कंपनी ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस एफजेडसी के बैंक खातों में 2011 से 2015 के बीच 350 करोड़ रुपये मूल्य के स्विस फ्रैंक का भुगतान किया गया।

सीबीआई जांच में पाया गया कि पिलैटस ने कथित तौर पर भारत और दुबई में भंडारी की कंपनी को अदा की गई रकम की बात छिपाई। उन्होंने कहा कि संदेह है कि इस रकम का इस्तेमाल खरीद के लिए भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय और सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए किया गया था। पिलैटस को 24 मई 2012 को 2895.63 करोड़ रुपये का यह करार मिला था।

भंडारी पहली बार जांच एजेंसियों के रडार पर 2010 में आया। मामला इंडियन एयरफोर्स के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट में कथित रूप से शामिल होने का था। वह ऑफेसट इंडिया सलूशंज (OIS) के मेन प्रमोटर हैं। इस कंपनी की स्थापना साल 2008 में हुई थी। भंडारी की कंपनी ओआईएस दुनिया भर में आयोजित आर्म्स शोज में शामिल होती है। इस वजह से इंडस्ट्री में उसकी काफी मजबूत पकड़ है। कई लोगों को इस बात पर हैरत होती है कि भारत में बिना किसी ठोस ऑर्डर या बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिले उनकी कंपनी आखिर इतने बड़े पैमाने पर अपनी मौजूदगी दर्ज कैसे कर लेती है। गौरतलब है कि डिफेंस शोज में आईओएस के सबसे बड़े स्टॉल्स लगे हैं।

वाड्रा और दूसरे नेताओं तथा अधिकारियों से भंडारी के रिश्ते खंगालने में ईडी जुटी हुई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा से ईडी कई घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। ईडी का आरोप है कि वाड्रा ने हवाला के पैसों से लंदन में 19 करोड़ रुपये में फ़्लैट खरीदा। वाड्रा से इसी मुद्दे पर पूछताछ हो रही है। पूछताछ के दौरान ईडी का पूरा ध्यान हथियारों के कथित बिचौलिए संजय भंडारी और उनके लोगों के साथ रॉबर्ट वाड्रा के रिश्तों का बारे में जानकारी इकट्ठी करना था।

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की ख़बर के मुताबिक़, ईडी ने 2016 के अपने छापों के दौरान एक ऐसा ई-मेल भी पाया था, जिसे रॉबर्ट वाड्रा के ई-मेल आईडी से भेजा गया था। 4 अप्रैल, 2010 को भेजे गए इस ई-मेल में लंदन के फ़्लैट के आंतरिक साज-सज्जा में बदलाव करने की बात कही गई थी। संजय भंडारी के आईडी से भेजे गए ई-मेल से लगे एक अटैचमेंट में कहा गया था भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा ने आंतरिक सज्जा पर 28,000 पौंड खर्च करने का अनुमान लगाया था, पर वास्तव में 35,000 पौंड का खर्च बैठा। यह वही फ़्लैट है, जिसके बारे में ईडी का कहना है कि रॉबर्ट वाड्रा ने हवाले के पैसे से खरीदा था।

जिस फ़्लैट की आंतरिक सजावट की बात इस ई-मेल में कही गई थी, वह लंदन के 12, ब्रायन्सटन स्क्वैयर में स्थित है और वेस्टमिनस्टर सिटी कौंसिल में मेफ़ेयर प्रोपर्टीज़ के नाम से पंजीकृत है। मेफ़ेयर दुबई में रजिस्टर्ड कंपनी है। मेफ़ेयर ने यह फ़्लैट वर्टेक्स एफ़ज़ेडई नाम की कंपनी से 2009 में खरीदी थी। वर्टेक्स वर्जिन आइलैंड में रजिस्टर्ड कंपनी है। वर्जिन आइलैंड को ‘टैक्स हैवन’ माना जाता है, यानी वहां काला धन रखा जाता है क्योंकि उस देश में गोपनीयता बरती जाती है और बैंक किसी खाते के बारे में कोई जानकारी किसी को नहीं देते हैं।

वाड्रा के संपर्क में थे भंडारी
जांच ब्यूरो ने 2016 में संजय भंडारी के घर पर छापा मारा था तो उसे कुछ अत्यंत गोपनीय और संवेदनशील काग़ज़ात मिले थे, जिसके आधार पर ऑफ़िशियल सीक्रेसी एक्ट के तहत उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद वह नेपाल होते हुए लंदन पहुंच गए। भंडारी लंदन के महंगे बर्कले स्क्वैयर के एक फ़्लैट में रहते हैं। यूके लैंड रजिस्ट्री में जानकारी दी गई है कि वह जिस ग्रॉसवेनर हिल कोर्ट के फ़्लैट नंबर छह में रहते हैं, वह पनामा की कंपनी शमलैन ग्रॉस 1 इंक  के नाम रजिस्टर्ड है। ब्रिटेन की प्रॉपर्टी वेबसाइट ज़ूपला के मुताबिक़, इस फ़्लैट की क़ीमत लगभग 21.7 करोड़ रुपये है। इसे सऊदी अरब एअर फ़ोर्स के पूर्व प्रमुख जनरल हाशिम सईद हाशिम से 8.6 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।

इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सीबीआई और ईडी को पत्र लिख कर बीजेपी नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह और संजय भंडारी के बीच कथित संपर्क तलाशने की भी मांग की थी। पूनावाला ने दावा किया था कि भंडारी के फोन कॉल डेटा के रेकॉर्ड के मुताबिक सिंह ने काफी कम समय में ही भंडारी को 450 फोन कॉल किए थे। इस पर, सिंह ने जवाब दिया था कि उनका भंडारी के साथ कोई वित्तीय लेन-देन नहीं है। वह केवल भंडारी को सामाजिक रूप से जानते हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हथियार डीलर संजय भंडारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी सारी चल अचल संपत्ति को कुर्क कर दिया है। ईडी ने मनी लांड्रिंग से जुड़े एक मामले में संजय भंडारी की 26 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को कुर्क किया है। संजय भंडारी के दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी स्थित घर से वायुसेना से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए थे। संजय भंडारी मामला सामने आने के बाद ही भंडारी परिवार समेत भारत से फरार हो गया। संजय भंडारी इन दिनों लंदन में है, लेकिन भारतीय एजेंसियों के पास अभी तक संजय भंडारी के बार में कोई पक्की सूचना नहीं है।

सीबीआई ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता को लेकर 2016 में आयकर विभाग के नौ वरिष्ठ अधिकारियों और सीए संजय भंडारी सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट संजय भंडारी हथियारों का कुख्यात दलाल है। 2016 में सीबीआई ने दिल्ली स्थित उसके घर छापामारी की थी। इस दौरान वहां से सेना के कई गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए थे। इसी दौरान भंडारी नेपाल के रास्ते विदेश भाग गया था।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक राव ने इस मामले से जुड़ी क्लोजर रिपोर्ट को 11 नवंबर को मंजूरी दी थी। साल 2016 में सीबीआई ने चार्टर एकाउंटेंट भंडारी उसके दो बेटे श्रेयांस और दिव्यांग सहित कुल नौ आयकर अधिकारी पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने भंडारी के क्लाईंट की मदद के एवज में फाइव स्टार होटल, लग्जरी कार और फ्लाइट की सेवाएं ली थीं। सीबीआई ने एक अन्य मामले में साल 2015 में श्रेयांस भंडारी (संजय भंडारी के बेटे) से घूस लेने के आरोप में ज्वाईंट कमिश्नर सालोंग याडेन को गिरफ्तार किया था।

संजय भंडारी इनकम टैक्स और ईडी की जांच के दायरे में भी है। आयकर विभाग ने पिछले साल उसके कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। ईडी ने भंडारी की करीब 20 करोड़ की संपत्ति और चार महंगी कारों को जब्त किया था। भारत सरकार भंडारी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। बताया जाता है कि वह इन दिनों लंदन में रह रहा है। सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से भी उसके संबंध बताए जाते हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इन दिनों इलाहाबाद में रहते हैं।)

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This post was last modified on January 27, 2020 5:29 pm

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