हरियाणा में बाहरा खाप का फैसला: बिजली बिल वसूली करने वाले कर्मचारियों को किसान बनाएंगे बंधक

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हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव राखीगढ़ी में किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित की गई बाहरा खाप पंचायत के चबूतरे पर किसान मजदूर महापंचायत में बिजली कर्मचारियों को बंधक बनाने का निर्णय लिया है। महापंचायत में फैसला लिया गया कि खाप पंचायत के क्षेत्र में जितने भी गांव हैं, यदि उनमें कोई भी बिजली कर्मचारी छापेमारी करेगा तो उसको बंधक बना लिया जाएगा। 

बाहरा खाप के प्रवक्ता राजकुमार राखी ने मीडिया से इस बाबत जानकारी साझा करते हुए कहा है कि हमारे क्षेत्र में बिजली निगम द्वारा आए दिन छापेमारी की जा रही है। किसानों पर भारी भरकम जुर्माना किया जा रहा है। अतः हमने फैसला लिया है कि किसी भी गांव के अंदर यदि बिजली कर्मचारी छापेमारी करेगा तो उसको हम बंधक बनाएंगे। और उसको तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक कि उच्च अधिकारी आकर आश्वासन नहीं देंगे। 

इसके अलावा किसान महापंचायत में सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव भी पारित किए गए। जिसमें तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना, एमएसपी पर कानून बनाना और किसानों पर दर्ज मुकदमों को सरकार से वापस कराने का निर्णय किया गया। 

बाहरा खाप की महापंचायत में शामिल अभय चौटाला ने इस मौके पर कहा कि हरियाणा सरकार ने कोरोना की आड़ में 9 बड़े घोटाले किए हैं और केंद्र सरकार ने तीन काले कानून बनाए हैं। 

अभय चौटाला ने आगे कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले वादे किए थे कि प्रधानमंत्री बनते ही पहली कलम से किसानों के ऋण माफ़ किए जाएंगे। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करेंगे। कृषि लागत से डेढ़ गुना मूल्य दिया जाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री बनते ही अपने किए वादों से मुकर गए। किसानों को मारने के लिए तीनों काले कानून लागू कर दिए। 

चौटाला ने इनेलो की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि महंगाई के मुद्दे पर इनेलो पार्टी 8 मार्च से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। जिला स्तर  पर हम यह प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का ग्रामीणों द्वारा विरोध के उत्तर में उन्होंने कहा कि वह आरएसएस के लोग हैं। भारतीय जनता पार्टी आंदोलन नहीं करती बल्कि दंगे करवाती है। जब कि देश का प्रधानमंत्री जिद्दी आदमी है। वह इस आंदोलन को तोडऩे का काम कर रहा है। लेकिन किसान इस आंदोलन को जीतकर के घर वापस जाएगा। 

वहीं कल संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बड़ा एलान किया है कि  6 मार्च को किसान केएमपी एक्सप्रेस-वे को जाम करेंगे। जबकि पश्चिम बंगाल में 12 मार्च को किसानों की विशाल रैली होगी। साथ ही पश्चिम बंगाल समेत उन सभी राज्यों में संयुक्त किसान मोर्चा बीजेपी का विरोध करेगा जहां कुछ समय बाद चुनाव होने हैं।

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