Sunday, May 29, 2022

पत्रकारों की गिरफ्तारी के खिलाफ बलिया में अभूतपूर्व बंद, मार्च के दौरान पत्रकारों और पुलिस के बीच झड़प

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिए परीक्षा के दौरान अंग्रेजी विषय का प्रश्न-पत्र एक दिन पहले लीक होने के मामले में बलिया के तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी के विरोध में आज बलिया के विभिन्न क्षेत्रों में दुकानें बंद रहीं। बलिया शहर में पत्रकारों ने बाइक रैली और पैदल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। पैदल मार्च के दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग को लेकर स्थानीय कोतवाल और पत्रकारों के बीच जमकर बहस हुई। कोतवाल ने किसी भी कीमत पर लाउडस्पीकर युक्त रिक्शा के साथ मार्च निकालने नहीं दिया। 

इस दौरान पत्रकारों ने ‘बलिया डीएम-एसपी चोर हैं’, ‘जिला प्रशासन मुर्दाबाद’, ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए। साथ ही उन्होंने बलिया के गिरफ्तार पत्रकारों को तत्काल रिहा किए जाने, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। पत्रकारों के ‘बलिया बंद’ के समर्थन में छात्रों ने सुखपुरा इलाके के बेरूआरबारी चौराहा पर बलिया के जिलाधिकारी का पुतला दहन करने की कोशिश की। इसे लेकर पुलिस से उनकी जमकर नोकझोंक भी हुई। 

पत्रकारों के ‘बलिया बंद’ को उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ बलिया, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बलिया, उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ बलिया, सेवा निवृत्त शिक्षक कर्मचारी/ अधिकारी समन्वय समिति बलिया, डिप्लोमा फर्मासिस्ट एसोसिएशन बलिया, रसोइया संघ, कोटेदार संघ, अधिवक्ता संघ, टैक्स बार एसोसिएशन बलिया, भूतपूर्व सैनिक संगठन बलिया, ट्रेड यूनियन बलिया, छात्र संगठन, जनपद के विभिन्न व्यापारी संगठनों का समर्थन हासिल है। कांग्रेस की जिलाई इकाई ने भी पत्रकारों के बलिया बंद का समर्थन करने की घोषणा की थी। 

बता दें कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान अंग्रेजी विषय का प्रश्न-पत्र एक दिन पहले ही लीक हो गया था। इसका खुलासा होने पर 30 मार्च को जिला प्रशासन की ओर से तीन पत्रकारों अजीत कुमार ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए उनकी गिरफ्तारी की गई। तभी से इस मामले की स्वतंत्र जांच और डीएम-एसपी के निलंबन की मांग को लेकर पत्रकारों का संगठन आंदोलित है। पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार किए गए तीन पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले डीएम कार्यालय परिसर में पत्रकारों का चार दिनों से क्रमिक अनशन भी चल रहा है।

संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के ‘बलिया बंद’ के आह्वान पर विभिन्न व्यापारिक संगठनों, छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों, शिक्षक संगठनों के नेता और कार्यकर्ता आज सुबह से ही बलिया बंद की अपील करते रहे। संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के सदस्यों के साथ ही शिक्षक नेता जितेंद्र सिंह,व्यापारी नेता प्रदीप गुप्ता एडवोकेट, रजनीकांत सिंह, मंजय सिंह,विकास पांडेय लाला, पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता ,राहुल सिंह सागर आदि अपने सहयोगियों के साथ सुबह से ही बंदी को सफल बनाने के लिये नगर का भ्रमण कर रहे थे। पुलिस प्रशासन के लोग व्यापारियों से दुकान खोलने का अनुरोध करते रहे लेकिन दुकानदारों ने उनकी एक न सुनी । आज लोग चाय पान के लिये भी तरसते रहे।

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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