आरएसएस व भाजपा की विभाजनकारी और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देते हैं भगत सिंह: माले

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पटना। फासीवादी हमले से लोकतंत्र व देश को बचाने तथा शहीदों के सपनों का भारत बनाने के संकल्प के साथ भाकपा-माले का जनसंवाद आज से शुरू हुआ। राजधानी पटना सहित आज राज्य के विभिन्न इलाकों में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव की 92 वें शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ इसका आगाज हुआ। इस मौके पर राजधानी पटना में गांधी मैदान से मार्च निकला और फिर भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

भाकपा-माले द्वारा 23 मार्च से 22 अप्रैल तक घोषित ‘लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद’ अभियान की शुरुआत करते हुए भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता केडी यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी सेनानी भगत सिंह और उनके साथियों का 92 वां शहादत दिवस एक ऐसे समय में पड़ रहा है, जब सत्तासीन भाजपा-आरएसएस और उसके अनुषांगिक संगठनों द्वारा आजादी, संविधान और लोकतंत्र पर लगातार हमला किया जा रहा है और देश को फिर से गुलाम बनाने की कोशिशें हो रही है।

भगत सिंह रूसी क्रांति से प्रभावित थे। उन्होंने ने केवल देश की आजादी के लिए बल्कि समाजवादी समाज की स्थापना के लिए भी संघर्ष किया। आज भगत सिंह को सब अपनाना चाहते हैं लेकिन भगत सिंह की वैचारिक विरासत का संवाहक एवं दावेदार एकमात्र वामपंथ ही हो सकता है।

इस अवसर पर खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड धीरेन्द्र झा ने कहा कि भगत सिंह ने खासकर मजदूरों और किसानों को संगठित करने की आवश्यकता महसूस की। उन्होंने श्रमिक यूनियनों को संगठित करने और मजदूरों की मांगों को उठाने की वकालत की। आज जब मोदी सरकार द्वारा पूरे देश के मजदूरों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के अधिकारों को छीना जा रहा है और देश को एक नई गुलामी की तरफ ढकेला जा रहा है, तब हम भगत सिंह के विचारों को लेकर ही आगे बढ़ सकते हैं।

इस अवसर पर पोलित ब्यूरो सदस्य कामरेड राजाराम सिंह ने कहा कि आज सुखदेव, राजगुरू और भगतसिंह के अलावे कवि पाश की भी शहादत का दिन है। इस दिन हम फासीवादी आरएसएस के विभाजनकारी और सांप्रदायिक एजेंडे के खिलाफ संघर्ष को और व्यापक बनाने का संकल्प लेते हैं।

एक महीने तक गांव और पंचायतों में लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद अभियान चलेगा। जिसके दौरान आम जनता की रोजी-रोटी पर हमले, शिक्षा के व्यावसायीकरण, बेरोजगारी, शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे हमले को उठाया जाएगा। इस संघर्ष में ये शहीद हमारे प्रेरणा स्रोत बने रहेंगें।

कार्यक्रम का संचालन राज्य कमिटी सदस्य का अनिता सिन्हा ने किया। मौके पर सेंट्रल कमिटी सदस्य शशि यादव,सरोज चौबे, अभ्युदय, नवीन कुमार, राज्य कमिटी सदस्य उमेश सिंह, शैलेंद्र कुमार शर्मा, मनमोहन कुमार, कुमार दिव्यम, राजेन्द्र पटेल सहित पन्नालाल सिंह, मुर्तजा अली, संजय यादव, अनुराधा देवी, केके सिन्हा, विनय कुमार, विशाल, प्रीति, आमिर तुफैल, सचिन, विजय कुमार, पुनीत आदि भी उपस्थित थे।

( प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)

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