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Wednesday, September 29, 2021

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वाराणसी: योगी राज में नहीं लगने दी गयी फूलन देवी की प्रतिमा, बिहार के मंत्री को किया गया नज़रबंद

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फूलन देवी की पुण्यतिथि पर शहादत दिवस मनाने और उनकी प्रतिमा का अनावरण करने वाराणसी आये वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के मंत्री मुकेश सहनी को वाराणसी एयरपोर्ट पर पुलिस द्वारा नज़रबंद कर लिया गया। उनके शहर में जाने पर पाबंदी लगा दी। और उनके समर्थकों की जम कर पिटाई की गयी। होटलों में ठहरे उनके नेताओं को निरुद्ध कर लिया। 

गौरतलब है कि मुकेश सहनी पूर्व सांसद फूलन देवी के प्रतिमा का अनावरण करने वाराणसी पहुंचे थे। इससे पहले पिछले दिनों पुलिस ने परमिशन नहीं होने की वजह से वीआईपी नेताओं द्वारा बनाए गए मूर्तियों को जब्त कर लिया था। 

बता दें कि सरकार के राज्य मंत्री मंत्री पशु व मत्स्य मुकेश सहनी के वाराणसी आगमन से पहले ही यूपी पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और उनके आने के पूर्व ही पहले भी प्रशासनिक अमला एयरपोर्ट पहुंचकर उसे छावनी में तब्दील कर दिया। साथ ही पुलिसकर्मी एयरपोर्ट के मुख्य मार्ग पर बैरियर लगाकर एयरपोर्ट आने वाले वाहनों की जांच करते रहे। 

बता दें कि विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के दो दर्जन कार्यकर्ताओं का समूह पूर्व सांसद फूलन देवी की शहादत दिवस पर शहर में आयोजित कार्यक्रम को जिला प्रशासन द्वारा स्वीकृति नहीं दी गयी है। जबकि वीआईपी पार्टी के ओबीसी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू चौहान के नेतृत्व में दो दर्जन कार्यकर्ताओं का समूह छावनी स्थित होटल डी पेरिस में मौजूद है। स्थानीय पुलिस ने एहतियातन सभी कार्यकर्ताओं को रोक रखा है।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने उत्तर प्रदेश पुलिस के रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा है कि, यूपी पुलिस बेलगाम हो गयी है। रविवार को फूलन देवी की शहादत दिवस पर पूरे देश से निषाद समाज के कार्यकर्ताओं का जुटान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुआ हैं, जिस पर पुलिस चुन-चुन वीआईपी पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी पुलिस ने फूलन देवी के मूर्ति को जब्त कर लिया और अब वीआईपी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर डंडे बरसाए जा रहे हैं। 

वहीं वीआईपी नेता मुकेश सहनी ने कहा है कि हमारे विरुद्ध की जा रही साजिश के पीछे आखिर किसका हाथ है। समाज के दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों एवं महिला का यह पुलिस द्वारा अपमान है। वीआईपी पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग करती हैं कि पुलिस के इस तानाशाही रवैए पर लगाम लगाएं। 

दो दिन पहले जब्त की गयी थी फूलन देवी की मूर्तियां 

आज 25 जुलाई को दिवंगत नेत्री फूलन देवी की शहादत दिवस पर यूपी के 18 मंडलों में पूर्व सांसद फूलन देवी की मूर्ति लगवाने की विकासशील इंसान पार्टी की कोशिश को दो दिन पहले ही झटका देते हुये वाराणसी प्रशासन ने फूलन देवी की प्रतिमा को जब्त कर लिया था। गौरतलब है कि वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी 25 जुलाई को फूलन देवी की पुण्यतिथि पर यूपी के 18 जगहों पर फूलन देवी की मूर्ति को स्थापित करवाने वाले थे।

जब्त की गयी 18 मूर्तियां बिहार में ही तैयार की गयी थीं और इन्हें यूपी में 18 अलग-अलाग जगहों पर पहुंचाया जाना था। जानकारी के मुताबिक़ मुकेश सहनी ने अपने 6 स्ट्रैण्ड रोड स्थित सरकारी आवास पर फूलन देवी की दो दर्जन से अधिक मूर्तियां बनवाई थीं। इन मूर्तियों को ट्रकों से यूपी भेजा गया था। ये मूर्तियां वाराणसी, लखनऊ, बलिया, संत कबीरनगर, बांदा, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोरखपुर, महाराजगंज, औरैया, प्रयागराज, उन्नाव, मेरठ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद और जौनपुर में स्थापित की जानी थी। इसी कड़ी में जब

दो दिन पहले दिवंगत फूलन देवी की एक प्रतिमा वाराणसी पहुंची तो जिला प्रशासन ने उसे जब्त कर लिया।  वाराणसी में इस कार्रवाई के बाद पार्टी ने अन्य जिलों की मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर रख दिया। पार्टी का कहना है कि जिन 18 जिलों में फूलन देवी की मूर्ति लगाई जानी है, वहां पार्टी ने इसे अपनी ज़मीन पर लगाने का फैसला लिया है। ऐसे में प्रशासन की तरफ से की गई ये रोक द्वेषपूर्ण कार्रवाई है। 

प्रशासन की तरफ से की गई इस कार्रवाई को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने गलत बताते हुये कहा था कि इस मूर्ति से इलाके का सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में निषाद, मल्लाह और कश्यप मतदाताओं की कुल आबादी का करीब 4% है और इनकी संख्या पूर्वांचल में ज्यादा है। फूलन देवी के जरिये विकासशील इंसान पार्टी निषाद वोटों पर है। साल 2022 के विधान सभा चुनाव से पहले अपनी ज़मीन तलाशने निकले मुकेश सहनी की नज़र खास तौर से पूर्वी और मध्य यूपी के जिलों पर है। गौरतलब है कि यहां के कई जिलों में निषाद वोट बैंक चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। 

बता दें कि बैंडिट क्वीन से राजनेता बनी फूलन देवी की 20 साल पहले आज ही के दिन राजधानी दिल्ली के उनके संसदीय आवास पर हत्या कर दी गई थी। फूलन देवी का जन्म 10 अगस्त, 1963 को उत्तर प्रदेश के शेखपुरा पूर्वा में हुआ था। गांव के ठाकुर जाति के लोगों ने उनके संग सामूहिक बलात्कार किया जिसके बाद वे डकैतों के दल में शामिल हो गयी थी। गैंगरेप में शामिल सभी  22 लोगों की उन्होंने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

बाद में साल 1983 में इंदिरा गांधी की तत्‍कालीन सरकार की पहल पर फूलन देवी ने मध्यप्रदेश के भिंड में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के समक्ष आत्‍मसमर्पण कर दिया था। और बिना मुक़दमा चले 11 साल तक जेल में रहने के बाद फूलन देवी को 1994 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने रिहा कर दिया था। साल 1996 में फूलन देवी ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर सीट से (लोकसभा) चुनाव जीता और वह संसद तक पहुंचीं। 

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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