कांग्रेस महाधिवेशन: एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और महिलाओं को पार्टी के सभी निकायों-पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण

Estimated read time 1 min read

रायपुर। रायपुर में चल रहे महाधिवेशन में कांग्रेस ने अपने संविधान में संशोधन करके पार्टी के सभी निकायों और पदों पर एससी-एसटी, ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके साथ ही 50 प्रतिशत पद 50 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को सौंपने के लिए संविधान में संशोधन किया गया है। युवाओं के लिए आरक्षित ये 50 प्रतिशत पद आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियों के पदों पर होंगे।

कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों की संख्या में भी इजाफा करने का फैसला हुआ है। कार्यसमिति सदस्यों की संख्या 25 से बढ़ाकर 35 कर दी गई है। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों के लिए कोई चुनाव नहीं होगा। कांग्रेस अध्यक्ष ही CWC मेम्बर्स की नियुक्ति करेंगे। इसके अलावा पार्टी संविधान में कई बड़े बदलाव किए हैं। इसके तहत अब कांग्रेस में सिर्फ डिजिटल तौर पर सदस्यता दी जाएगी और डिजिटल रिकॉर्ड ही रखे जाएंगे।

स्टीयरिंग कमेटी ही अधिवेशन के विषयों और संचालन के बिंदु तय करती है। पहले से रखे गए मुद्दों पर बड़े फैसले लेती है। इस अहम बैठक में गांधी परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। ऐसा पिछले 25 साल में नहीं हुआ। अधिवेशन के पहले दिन स्टीयरिंग कमेटी को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 1885 से अब तक कांग्रेस के 138 साल के इतिहास में 84 अधिवेशन हो चुके हैं। 

लेकिन यह अधिवेशन इस लिहाज से खास है कि करीब 100 साल पहले 1924 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। वह महाधिवेशन उनके गृह राज्य कर्नाटक में बेलगांव में हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि गांधीजी एक बार ही कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। लेकिन उन्होंने छोटी सी अवधि में कांग्रेस को गरीबों, कमजोर तबकों, गांव देहात और नौजवानों से जोड़ कर एक आंदोलन बना दिया था। 

सोनिया गांधी ने कहा भारत जोड़ो यात्रा से समाप्त हो सकती है उनकी पारी 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जारी कांग्रेस के तीन दिवसीय 85वें अधिवेशन के दूसरे दिन अधिवेशन को संबोधित करते हुए रायबरेली से निर्वाचित सांसद और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजनीतिक संन्यास के संकेत दिए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “मनमोहन सिंह के सक्षम नेतृत्व के साथ 2004 और 2009 में हमारी जीत ने मुझे व्यक्तिगत संतुष्टि दी लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मेरी पारी भारत जोड़ो यात्रा के साथ समाप्त हो सकती है, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था।”

बिना गांधी परिवार के हुई स्टीयरिंग कमेटी की बैठक 

स्टीयरिंग कमेटी ने निर्णय लिया कि कांग्रेस की सर्वोच्च समिति, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव नहीं होंगे। मतलब सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों को (संसदीय दल के नेता, पूर्व प्रधानमंत्रियों, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों को छोड़कर) वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मनोनीत करेंगे। 

अधिवेशन के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि स्टीयरिंग कमेटी में खुलकर बातचीत हुई। सभी सदस्यों ने अपनी बात रखी। सर्वसम्मति से स्टीयरिंग कमेटी ने यह तय किया कि कांग्रेस अध्यक्ष को CWC के सदस्यों को नॉमिनेट करने का अधिकार दिया जाए।

जयराम रमेश से जब पत्रकारों ने पूछा कि दो पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (सोनिया गांधी, राहुल गांधी) एक महासचिव (प्रियंका गांधी) के बैठक में नहीं होने के बावजूद इतना बड़ा निर्णय कैसे लिया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि कमेटी के 45 लोग तो थे ना, उन्होंने सर्वसम्मति से निर्णय लिया। पत्रकारों के सामने वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बार-बार दोहराया कि कमेटी की बैठक से ना तो फोन पर किसी को जोड़ा गया, ना ही वीडियो काल से किसी को शामिल किया गया। उनका इशारा साफ था कि कमेटी ने यह फैसला सोनिया, राहुल और प्रियंका के बिना, बहुमत से तय किया है। 

25 सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब गांधी परिवार का कोई भी सदस्य इस बैठक में मौजूद नहीं रहा। यकीन कांग्रेस ने भाजपा आरएसएस के आरोप के जवाब में यह कदम उठाया है और एक बड़ा संदेश दिया है कि कांग्रेस एक परिवार के दायरे से बाहर निकल रही है। 

हालांकि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष गैर गांधी यानि मल्लिकार्जुन खड़गे को बनाने के साथ ही कांग्रेस ने यह संदेश दे दिया था। लेकिन फिर भाजपा द्वारा उन्हें रबर स्टांप कांग्रेस अध्यक्ष बताया जाने लगा था अब कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे को संगठन चलाने के लिए खुली छूट देकर एक तरह से उन्हें फ्री हैंड दे दिया है। साथ ही ऐसा कर यह भी जाहिर किया गया है कि कांग्रेस में पूरी तरह लोकतंत्र है। यहां सभी मिलकर फैसला करते हैं। 

इन मुद्दों पर किया जाएगा प्रस्ताव पास

कांग्रेस के महाधिवेशन में राजनैतिक, आर्थिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्दे, किसान और खेत मजदूर, सामाजिक न्याय और युवाओं के उत्थान आदि प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने अधिवेशन के मुद्दों को लेकर मीडिया को बताया कि महाधिवेशन में देश के विभिन्न मुद्दों के लिए 7 कमेटी बनाई गई है। इसमें देशव्यापी चर्चाएं होंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान में जो संशोधन होना है उसके बारे में यहां चर्चा की जाएगी।

राष्ट्रीय सचिव ने आगे कहा कि कृषि को लेकर प्रस्ताव है, सोशल जस्टिस को लेकर दलित और कमजोर वर्ग के लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं, संविधान को बचाने के लिए,किसानों को लेकर, आर्थिक नीति, देश में किस प्रकार की नीति होनी चाहिए, इसका अधिवेशन में निष्कर्ष निकाला जाएगा और जनता के सामने रखा जाएगा।

भारत जोड़ो यात्रा के बाद ये कांग्रेस का दूसरा सबसे बड़ा आयोजन है। कांग्रेस पार्टी के लिए ये अधिवेशन इसलिए भी अहम है क्योंकि इस साल कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके अलावा अगले साल लोकसभा चुनाव की भी बारी आ जाएगी। कांग्रेस के चुनावी रणनीति का रोडमैप इसी अधिवेशन से बनेगा। 

नाराज नेताओं को मनाने की चुनौती 

इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में एक साथ विधानसभा चुनाव होने हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को तीनों राज्यों में जीत मिली थी लेकिन मध्यप्रदेश में कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह मच गई। ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो गए और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई और भाजपा ने अपनी सरकार बना ली। वहीं राजस्थान में सचिन पायलट खेमे और अशोक गहलोत खेमे में आपसी अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई।

कमोवेश यही हाल छत्तीसगढ़ का भी है। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव के बीच कुर्सी की लड़ाई लंबी चली। अब फिर से इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं तो कांग्रेस पार्टी के सामने नाराज नेताओं से बातचीत कर पार्टी को मजबूती देना और आपसी गुटबाजी को पूरी तरह से समाप्त करने की चुनौती बनी हुई है। 

26 फरवरी को होगी कांग्रेस की बड़ी जनसभा

रायपुर में 24 फरवरी से कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन स्टेयरिंग कमेटी की मीटिंग के साथ शुरु हुआ। 25 फरवरी को एआईसीसी और पीसीसी के सभी लोग शामिल हुए और 26 फरवरी को एक बहुत बड़ी जनसभा की जाएगी। इसमें 2 लाख लोगों को जोड़ने की तैयारी की गई है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

You May Also Like

More From Author

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments