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हर ओर कोरोना से हाहाकार

देश में कोरोना विस्फोट हो चुका है। इसे कोविड-19 की दूसरी लहर के तौर पर देखा जा रहा है। देश में कोरोना के मामले रोज नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 1 लाख 69 हजार 914 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह देश में एक दिन में मिलने वाले संक्रमितों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 10 अप्रैल को 1 लाख 52 हजार 565 केस आए थे।

दुनिया के सबसे संक्रमित चार देशों के बराबर केस भारत में आए हैं। गौरतलब है कि तुर्की में 50,678, अमेरिका में 47,864, ब्राजील में 37,537 और फ्रांस में 34,895 नए मरीज मिले हैं।

वहीं एक दिन में कोरोना से होने वाली मौतों की बात करें तो 6 महीने बाद एक दिन में 900 से ज्यादा मौतें दर्ज़ की गई हैं। बीते दिन 904 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ दिया। यह पिछले 6 महीने में एक दिन में जान गंवाने वालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले पिछले साल 17 अक्टूबर को सबसे ज्यादा 1,032 लोगों की मौत हुई थी।

राज्यवार आँकड़ों की बात करें तो महाराष्ट्र में सोमवार को 51,751 नए मरीज मिले और 258 की मौत हो गई। राज्य में अब तक 34.58 लाख लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 28.34 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 58,245 की मौत हुई है।

वहीं उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है जहां सोमवार को 13,604 नये केस सामने आये। जबकि 72 लोगों की मौत हो गई। अब तक यहां 7.05 लाख लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 6.14 लाख ठीक हो चुके हैं, जबकि 9,224 मरीजों की मौत हो गई। 81,576 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।दिल्ली में सोमवार को 11,491 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 7,665 लोग रिकवर हुए और 72 की मौत हो गई। अब तक यहां 7.36 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 6.87 लाख ठीक हो चुके हैं, जबकि 11,355 मरीजों की जान चली गई। 38,095 मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज चल रहा है। तीसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ है जहां सोमवार को 13,576 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए और 107 की मौत हो गई। अब तक राज्य में 4.56 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3.52 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 5,031 मरीजों की मौत हुई है। 98,856 मरीजों का इलाज चल रहा है।

मध्यप्रदेश में सोमवार को 6,489 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। और 37 की मौत हो गई। 4,221 मरीजों की जान चली चढ़ गई। 38,651 मरीजों का इलाज चल रहा है।

जबकि गुजरात में सोमवार को 6,021 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं और 55 की मौत हो गई। कोरोना ने चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल को जकड़ना शुरू कर दिया है। यहां सोमवार को 4,511 नए केस मिले। यह एक दिन में मिले मरीजों की सबसे बड़ी संख्या है।

वहीं पश्चिम बंगाल में 27 मार्च को पहले फेज की वोटिंग हुई थी। उस दिन यहां महज 812 मामले निकले थे। यानी इनमें 5 गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। अभी यहां 4 फेज की ही वोटिंग हुई है। 4 फेज अभी बाक़ी हैं। राज्य में जिस तरह रैलियों में भीड़ उमड़ रही है, उससे हालात और बिगड़ने का ख़तरा है।

गौरतलब है कि देश में अब तक कुल 1.36 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं, इनमें 1.22 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं 1.71 लाख मरीजों की कोविड-19 से मौत हो गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 10.45 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

टेंट वालों ने शिवराज को दिखाया आईना

मप्र के दमोह में विधानसभा उपचुनाव का प्रचार जोरों पर है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज प्रचार के लिए पहुंचे थे। जहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। टेंट कारोबारियों ने शिवराज को स्लोगन लिखी तख्तियां दिखाकर पूछा कि क्या चुनावी भीड़ पर कोरोना के नियम लागू नहीं होते हैं?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब तलैया में आयोजित उमा मिस्त्री की सभा को संबोधित करने के लिए पहुंचे तो वहां पहले से खड़े टेंट हाउस एसोसिएशन, डीजे समेत शादी कार्यक्रम से रोजगार पाने वाले लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने की बात कहकर नारेबाजी की। विरोध के दौरान लोगों ने चुनाव में नहीं है कोरोना, शादी विवाह में है कोरोना, चुनाव का बहिष्कार, पेट पर पड़ रही मार जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां भी मुख्यमंत्री को दिखाईं।

गौरतलब है कि दमोह में जबरदस्त कोरोना विस्फोट हुआ है वहॉं कड़े प्रतिबंध लगाने के बजाय सरकार चुनाव प्रचार में मस्त है। एक चुनावी सभा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज से मीडियाकर्मियों ने पूछा कि दमोह में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, फिर भी लॉकडाउन क्यों नहीं हो रहा? इसके जवाब में उन्होंने कहा- दमोह हमारे कार्यक्षेत्र में नहीं है। चुनाव आयोग तय करेगा क्या करना है।

गुजरात हाईकोर्ट जज बोले- कोरोना मरीजों को बेड नहीं मिल रहे, दवा नहीं है, सब कुछ भगवान भरोसे है

कोरोना पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस भार्गव करिया की बेंच ने कहा कि लोगों को लगने लगा है कि वे अब भगवान भरोसे हैं।

एडवोकेट जनरल कमल त्रिवेदी ने कोर्ट को सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में बताया। उन्होंने हॉस्पिटल में बेड्स की संख्या और एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिविर की उपलब्धता बढ़ाने की जानकारी दी। हालांकि, बेंच ने ज्यादातर दलीलों को मानने से इनकार कर दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि आप जो दावा कर रहे हैं, स्थिति उससे काफी अलग है। आप कह रहे हैं कि सब कुछ ठीक है। लेकिन हक़ीक़त में ऐसा नहीं है। इस समय लोगों में भरोसे की कमी है। लोग सरकार को कोस रहे हैं और सरकार लोगों को। इससे कुछ नहीं होगा। हमें संक्रमण की चेन तोड़ने की ज़रूरत है।

हाईकोर्ट ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की शॉर्टेज है और इसके लिए एक अस्पताल के बाहर लंबी लाइन लगी है। इस पर एडवोकेट जनरल त्रिवेदी ने कहा कि जिन लोगों को दवा की ज़रूरत नहीं है, वे भी एहतियात के तौर पर इसे खरीदने की कोशिश कर रहे थे। अगर मरीज होम ट्रीटमेंट में है, उसे लक्षण नहीं हैं या उसकी हालत गंभीर नहीं है तो उसे रेमडेसिविर की ज़रूरत नहीं होती।

उनके इस जवाब पर हाईकोर्ट ने कहा- हम कारण नहीं, रिजल्ट चाहते हैं। दवा उपलब्ध है, लेकिन सरकार की ओर से इसकी सप्लाई कंट्रोल की जा रही है। लोग इसे क्यों नहीं ख़रीद सकते? सरकार ये सुनिश्चित करे कि यह हर जगह उपलब्ध हो। वहीं

कोरोना की टेस्टिंग के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा कि लैब RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट देने में कई दिन लगा रही हैं। इससे पहले 8, 10 या 12 घंटे में रिपोर्ट आ जाती थी। अब इसमें लगभग 5 दिन लगते हैं। यह सब आम आदमी के लिए है। आप जैसे किसी शख्स या एडवोकेट देवनानी (मामले में एक पक्षकार) या हमारे लिए ऐसा हो सकता है कि हम लाइन जंप कर सकते हैं। लेकिन आज आम आदमी को टेस्ट की रिपोर्ट लेने में 5 से 7 दिन लगते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आपके पास इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। आपने सुविधाएं नहीं बढ़ाई।

त्रिवेदी ने कहा कि रिपोर्ट मिलने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि इस समय लैब में एक साथ बड़ी संख्या में सैंपल पहुंच रहे हैं। कोर्ट ने यह दावा भी नहीं माना कि कोरोना के मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध थे।

दो घंटे से कम समय वाली डोमेस्टिक फ्लाइट में खाना परोसने पर रोक

मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने सोमवार को ऑन बोर्ड फ्लाइट में खाना दिए जाने की समीक्षा की। इसमें फैसला लिया गया है कि दो घंटे से कम समय वाली घरेलू उड़ान में खाना नहीं दिया जाएगा। यह फैसला कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए लिया गया है।

स्पुतनिक-V के इमरजेंसी यूज को एक्सपर्ट कमेटी की मंजूरी

देश में कोरोना दूसरी लहर के बीच सोमवार को एक्सपर्ट कमेटी ने रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। अब DGCI इस पर फैसला लेगा। मंजूरी मिलने पर यह कोविशील्ड और कोवैक्सिन के बाद भारतीय कोरोना टीकाकरण अभियान में शामिल होने वाली तीसरी वैक्सीन बन जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के जज घर से काम करेंगे

सुप्रीम कोर्ट के स्‍टाफ के आधे से ज़्यादा मेंबर्स कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सभी सुनवाई अब वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए होगी। सभी जज इस दौरान अपने आवास से ही काम करेंगे। इस दौरान कोर्ट की अलग-अलग बेंच तय समय से एक घंटा देरी से बैठेंगी और सुनवाई करेंगी।

वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत कार्यबल के साथ काम करने का निर्देश जारी किया है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on April 13, 2021 9:33 pm

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