धनबाद: बेटी से हो रही छेड़खानी से परेशान दलित पिता ने की आत्महत्या

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राज्य और समाज के लिए इससे बड़ा मजाक और क्या हो सकता है कि एक तरफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 24 जुलाई को रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप 2021 के लिए चयनित फुटबॉल खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहते हैं कि ‘ये बेटियां झारखण्ड का गौरव हैं, इसका गुमान है हमें।’ वहीं झारखण्ड की एक बेटी का पिता इसलिए आत्महत्या कर लेता है ​क्योंकि वह अपनी बेटियों के साथ छेड़खानी करने वालों से परेशान उसे बचा पाने में असमर्थ रहता है। 

घटना के बारे में बताया जाता है कि रोहित पासी (उम्र 40 वर्ष) ने उस वक्त आत्महत्या कर ली, जब उन्होंने अपनी बेटी के साथ लगातार हो रही छेड़खानी की शिकायत पुलिस से की, मगर पुलिस ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया, तब वे निराश, हताश होकर 22 जुलाई की शाम अपने घर के एंगल से गले में गमछा बांधकर लटक गये और अपनी इह​लीला समाप्त कर ली। 

विदित हो कि रोहित पासी झारखंड के धनबाद जिले के झरिया थानान्तर्गत भगतडीह परसाटांड़ में अपनी पत्नी अनिता देवी और दो बेटियों के साथ रहते थे। पासी राजमिस्त्री का काम करते थे। उनकी दोनों बेटियां झरिया के एक निजी विद्यालय में पढ़ती हैं। इनकी बड़ी बेटी 10वीं में पढ़ती है। वह जब ट्यूशन पढ़ने जाती थी, तो रास्ते में आसपास के कुछ मनचले लड़के उसके साथ छेड़खानी किया करते थे। यह बात जब रोहित पासी और उनकी पत्नी को पता लगी, तब उन्होंने छेड़खानी करने वाले सभी लड़कों के घर पर जाकर शिकायत की, लेकिन उनके घरवालों ने अपने लड़कों को डांटने और समझाने की जरूरत नहीं समझा।

जिससे लड़कों का मनोबल और बढ़ गया और उन्होंने उनकी बेटी का मोबाइल नंबर भी किसी से ले लिया और फोन करके शादी करने के लिए बोलने लगे। लड़कों की ऐसी हरकतों से तंग आकर रोहित ने अपनी बेटी को मामा के पास भेज दिया तथा उनकी पत्नी ने 18 जुलाई को इस बाबत लड़कों के खिलाफ झरिया थाना में शिकायत दर्ज करायी। अनिता देवी का आरोप है कि थाने में शिकायत के बाद भी पुलिस ने उन बदमाशों पर कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी तरफ पुलिस में शिकायत की खबर सुनकर छेड़खानी करने वाले लड़कों द्वारा रोहित पासी को सपरिवार जान से मारने की धमकी दिया जाने लगा। लड़कों द्वारा जान से मारने की धमकी के बाद रोहित पासी का पूरा परिवार भयभीत रहने लगा। रोहित के भीतर कुछ न कर पाने की असमर्थता ने उसे हिला कर रख दिया। 

रोहित की पत्नी अनिता देवी बताती हैं कि हमें पुलिस से काफी उम्मीद थी कि वह हमें इन गुंडों से मुक्ति दिलाएगी, मगर पुलिस द्वारा छेड़खानी करने वाले लड़कों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से रोहित पूरी तरह टूट गया। अनिता देवी रोते हुए कहती हैं कि उन्होंने (रोहित) हमसे कहा कि अब किसके दरवाजे पर गुहार लगाऊं? अब इससे अच्छा होगा कि जिंदगी ही खत्म कर लूँ, और वे हताश होकर 22 जुलाई की शाम घर के एंगल से गले में गमछा बांधकर लटक गये।

 इस घटना के बाद मृतक की बेटियां बाहर निकलने से डर रही हैं। 

उधर धनबाद जिले के एसपी अखिलेश बी वरियार ने बताया है कि ”पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पुलिस पर लगे आरोपों की जांच की जिम्मेवारी सिंदरी के एसडीपीओ को सौंपी गई है। एसडीपीओ की जांच में यदि  पुलिस अफसर दोषी पाये जाते हैं तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।”

इस घटना पर पत्रकार रूपेश कुमार सिंह कहते हैं कि ”क्या हम इसे आत्महत्या मानेंगे या फिर पुलिस की लापरवाही व गैरजिम्मेदाराना रवैये से हुई हत्या? क्या रोहित की आत्महत्या के लिए पुलिस जिम्मेदार नहीं है?” 

इस घटना के बाद जिले का पासी समाज पुलिस की लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त किया है। धनबाद जिला पासी समाज के संगठन सचिव राकेश चौधरी ने कहा है कि ”अगर पुलिस थोड़ी तत्परता दिखाती तो आज रोहित की जान बच जाती। उन्होंने कहा है कि पुलिस अविलम्ब कार्रवाई करे अन्यथा पासी समाज पूरे जिले में आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वे कहते हैं कि ऐसे घृणित कार्य करने वाले को प्रशासन ही नहीं समाज भी बहिष्कार करे।” उन्होंने मृतक रोहित पासी के परिजनों से मिलकर उन्हें सान्त्वना दी। इस दौरान पासी समाज के जिला अध्यक्ष डाक्टर आर एन चौधरी, राकेश चौधरी, गणेश भारती, भगवान चौधरी मौजूद थे।

(झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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