छत्तीसगढ़: अधिवेशन से पहले कांग्रेस नेताओं पर ED के छापे, CM बघेल बोले- हताश है BJP

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छत्तीसगढ़ में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 6 कांग्रेस नेताओं के ठिकानों पर छापा मारा। इसमें विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में 4 दिन बाद, यानी 24 फरवरी को कांग्रेस का अधिवेशन होना है। इसमें सोनिया गांधी और राहुल भी आएंगे। इससे पहले ईडी ने छापे मारे हैं। कांग्रेस ने कहा कि ये कार्रवाई अधिवेशन को डिस्टर्ब करने के लिए है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अडानी की सच्चाई खुलने और भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से हताश हो चुकी भाजपा ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पार्टी रायपुर में विरोध प्रदर्शन कर ईडी दफ्तर का घेराव कर रही है, वहीं जहां जहां रेड हुई है वहां अपने नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर ईडी के छापों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष और विधायक समेत कई साथियों के घरों पर ईडी ने छापा मारा है। 4 दिन के बाद रायपुर में कांग्रेस का महाधिवेशन है। तैयारियों में लगे साथियों को इस तरह रोक कर हमारे हौसले नहीं तोड़े जा सकते।”

भूपेश बघेल ने आगे कहा कि “भारत जोड़ो यात्रा की सफलता और अडानी की सच्चाई खुलने से भाजपा हताश है। यह ध्यान भटकाने का प्रयास है। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने कहा कि “पिछले 9 सालों में ईडी ने जो रेड की हैं, उसमें 95% विपक्षी नेता हैं, और सबसे ज्यादा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ रेड हुई हैं।

प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष सन्नी अग्रवाल और विनोद तिवारी पर एजेंसी ने एक्शन लिया है। खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन और सारंगढ़ विधायक चंद्रदेव राय के घर भी कार्रवाई चल रही है।

कांग्रेस नेताओं के घर पर ईडी की छापेमारी से कांग्रेस आग-बबूला हो गई है। दिल्ली से लेकर रायपुर तक केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ईडी के छापे को राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि “कांग्रेस ऐसी दमनकारी कार्रवाई के आगे झुकेगी नहीं। जब-जब कांग्रेस पार्टी कोई बड़ा कदम उठाती है, यहां छापे पड़ते हैं।”

ईडी की अभी तक की कार्रवाई पर जांच एजेंसी ने बताया था कि छत्तीसगढ़ में ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले हर टन कोयले पर 25 रुपए की अवैध वसूली की गई थी। इसमें राजनेता, सरकारी अफसर और व्यापारी शामिल थे। ईडी के मुताबिक, 2021 में 500 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई थी।

अक्टूबर 2022 में भी ईडी ने इस घोटाले के सिलसिले में 40 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान 4 करोड़ कैश, करोड़ों की संपत्ति और दस्तावेज बरामद किए गए थे। इस मामले में एक IAS और 9 कारोबारी जेल में बंद हैं।

13 अक्टूबर 2022 को छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी-चिप्स के CEO समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और वकील-कारोबारी लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था।

29 अक्टूबर को कारोबारी सूर्यकांत तिवारी ने अदालत में सरेंडर किया था। राज्य सेवा की अफसर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दो खनिज अफसरों समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

ईडी की कार्यवाही को लेकर बीजेपी नेता व पूर्व सीएम रमन सिंह ने कांग्रेस पर पलटवार कर कहा कि “घटना के संबंध में मैं इनकी तत्परता देख रहा हूं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में 9 से ज्यादा मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी दिखे लेकिन किसी ने नक्सली हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि नहीं दी।

उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की बौखलाहट बताया गया। जो यात्रा छत्तीसगढ़ आयी ही नहीं, उससे बौखलाहट कैसे होगी। पहले लोग छत्तीसगढ़ में विकास देखने आते थे लेकिन अब ईडी और सीडी का ही ज़िक्र है।

प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को सूर्योदय से पहले शुरू हुई कार्रवाई को देर रात तक समेट लिया था। दिन भर की जांच-पड़ताल के बाद ईडी के अधिकारी कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह को अपने साथ कार्यालय लेकर गए हैं।

वहीं विनोद तिवारी के घर पर चल रही तलाशी खत्म हो गई है। इस बीच कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के घर पर कार्रवाई देर रात तक चलती रही।

दिन भर चली पूछताछ और तलाशी अभियान के बाद ईडी के अधिकारी कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह को लेकर बाहर निकले। इस बीच घर के बाहर ईडी की कार्रवाई का विरोध करने जमे विधायक विकास उपाध्याय ने भीड़ के साथ अधिकारियों को घेर लिया।

आरपी सिंह को लेकर जाती ईडी

उन्होंने कहा, इतनी पूछताछ के बाद बिना किसी तथ्य के अधिकारी आरपी सिंह को नहीं ले जा सकते। अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद विकास आरपी सिंह को ले जाने देने को तैयार हुए लेकिन वे भी समर्थकों के साथ ईडी के दफ्तर गए। इस बीच हाउसिंग बोर्ड के सदस्य विनोद तिवारी के घर पर तलाशी ले रही ईडी की टीम लौट आई।

देर रात विनोद तिवारी ने घर के भीतर की एक तस्वीर जारी की। उन्होंने लिखा कि “भूपेश बघेल जी की लोकप्रियता से घबराहट, केंद्र के इशारे पर कूटरचित डायरी के पन्ने, महाधिवेशन का डर आज ईडी पहुंची मेरे घर। सुबह से शाम तक मेरे घर की तलाशी ली। रमन सिंह की आय से संबंधित पेपर घर पर थे। ईडी के अधिकारी पेपर अपने साथ क्यूं नहीं ले गये। क्या ईडी रमन सिंह के खिलाफ कार्रवाई करेगी?

बताया जा रहा है, देर रात तक ईडी की टीमें रामगोपाल अग्रवाल, गिरीश देवांगन, देवेंद्र यादव और चंद्रदेव राय के घर पर तलाशी कर ही रही थीं। तलाशी के दौरान रामगोपाल अग्रवाल अपने घर पर मौजूद नहीं रहे। कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नेताओं के घर के बाहर जमा होकर लगातार नारेबाजी कर रहे थे।

देवेंद्र यादव के घर पर ईडी कॉ छापा

इस बीच ईडी की ओर से कार्रवाई पर आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि यह तलाशी अभियान एक-दो दिन तक जारी रह सकता है।

ईडी की कार्रवाई से एक बात तो साफ़ है कि जब तक चुनाव नहीं हो जाते, ये जाने वाली नहीं है, और तो और बीते अक्तूबर में आई ईडी और क्या क्या करेगी ये तो भविष्य ही बताएगा।

(छत्तीसगढ़ से तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)

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