ज़रूरी ख़बर

माले नेत्री कविता कृष्णन की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने भेजा शुभेंदु अधिकारी को नोटिस

सीपीआई(एमएल) नेत्री कविता कृष्णन की शिक़ायत पर निर्वाचन आयोग ने भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी को उनके सांप्रदायिक बयानबाजी पर नोटिस जारी करके उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।

गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ़ बीजेपी उम्मीदवार हैं।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी शुभेंदुअधिकारी को ‘हेट स्पीच’ मामले में नोटिस जारी किया है। पिछले महीने एक चुनावी सभा के दौरान अधिकारी ने कथित रूप से सांप्रदायिक लहजे में भाषण दिया था। इस ‘हेट स्पीच’ मामले में आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। आयोग ने भाजपा प्रत्याशी से कथित ‘हेट स्पीच’ मामले में 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है। चुनाव आयोग के नोटिस में कहा गया है कि सीपीआई(एमएल) की केंद्रीय समिति की सदस्य कविता कृष्णन की तरफ से शिकायत आई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि 29 मार्च को अधिकारी ने नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान ‘नफ़रत भरा भाषण’ दिया है। इतना ही नहीं निर्वाचन आयोग की नोटिस में शुभेंदु अधिकारी के भाषण के अंश का हवाला भी दिया गया है।

पिछले महीने एक चुनावी सभा के दौरान भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी ने सांप्रदायिक लहजे में कहा था- “चुनाव होने वाला है। आप बेगम को वोट नहीं दे रहे हैं। अगर आप बेगम को वोट करेंगे तो यह मिनी पाकिस्तान बन जाएगा। आपके क्षेत्र में दाऊद इब्राहिम आया है… हम हर चीज नोट करेंगे। सरकार क्या कर रही है?”

आगे शुभेंदुअधिकारी ने चुनावी सभा में कहा था – “कौन सा पूजा उत्सव आने वाला है। राम नवमी। किस फूल से राम चंद्र ने मां दुर्गा की पूजा की थी। इसलिए आप सबको कमल को वोट देना चाहिये। आप सबको कमल के निशान के समाने वाले बटन को दबाना चाहिये।”

नोटिस में निर्वाचन आयेग ने कहा है कि – “चुनाव आयोग ने पाया है कि आदर्श आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। नोटिस में आयोग ने आदर्श आचार संहिता के दो प्रावधानों का हवाला दिया है।

एक प्रावधान में कहा गया है कि दूसरे राजनीतिक दलों की आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रमों, पहले के रिकॉर्ड और काम तक सीमित होगी, दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना असत्यापित आरोपों या मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर करने से बचा जाएगा। जबकि दूसरे प्रावधान में साफ़ लिखा है कि वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदाय के आधार कोई अपील नहीं की जाएगी। जबकि चुनाव आयोग ने पाया है कि आदर्श आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।

कविता कृष्णन ने निर्वाचन आयोग से की शिक़ायत

भाकपा-(माले) की केंद्रीय समिति की मेंबर कविता कृष्णन ने चुनाव आयोग से अधिकारी की शिक़ायत करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी ने गत 29 मार्च को नंदीग्राम में एक चुनावी सभा के दौरान ‘हेट स्पीच’ दिया। इतना ही नहीं कविता कृष्णन ने शुभेंदु अधिकारी के बयान का ट्रांस्क्राइब अंश भी निर्वाचन आयोग को सबूत के तौर पर भेजा था जिसके बाद निर्वाचन आयोग शुभेंदु अधिकारी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। हालांकि निर्वाचन आयोग अगर नज़र रख रहा है तो उसने शुभेंदु अधिकारी के सांप्रदायिक बयान का स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया सवाल इस पर भी उठ रहे हैं। 

This post was last modified on April 9, 2021 5:47 pm

Share
Published by