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झारखंड में ग़रीबों को भोजन बाँटना भी हुआ जुर्म, पुलिस ने दी मज़दूर नेताओं को जान से मारने की धमकी

राँची। झारखंड में ग्रामीणों के बीच राहत कार्य चलाना भी पुलिस की नजर में जुर्म हो गया है। झारखंड के रांची जिला के मैकलुस्कीगंज थाना के पदाधिकारियों ने रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन ‘झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन’ के खलारी शाखा के अध्यक्ष व सचिव को थाना क्षेत्र में खाना बांटने पर चमड़ी उधेड़ डालने की धमकी दी है।

झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के खलारी शाखा के अध्यक्ष कामरेड विक्रम आजाद (जो पेशे से एक शिक्षक हैं) ने बताया कि “28 अप्रैल की सुबह खलारी के बाजार में वे और झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के खलारी शाखा के सचिव कामरेड अशोक राम ग्रामीणों के भोजन की सामग्री की खरीदारी कर रहे थे। तभी मैकलुस्कीगंज की पुलिस आई और थाना प्रभारी कामरेड अशोक राम से उलझ गये और मुझसे एक सब-इंस्पेक्टर उलझ गये। इन पुलिस अधिकारियों ने हम दोनों के साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकाते हुए कहा कि ‘मेरे थाना क्षेत्र में भोजन बांटना बंद करो वरना मारकर चमड़ी उधेड़ देंगे’ “।

उन्होंने बताया कि झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के बैनर तले 8 अप्रैल से ही प्रत्येक दिन एक गांव में खाना बांटा जा रहा है, जिसके तहत अब तक लगभग 12-13 हजार लोगों को खाना पकाकर खिलाया गया है और लगभग 200 लोगों को कच्ची खाद्य सामग्री भी दी गयी है। साथ ही सैकड़ों लोगों को 100-200 रूपये की आर्थिक मदद भी दी गई है।

इसके तहत अब तक हुटाप पंचायत में भुइयां धौड़ा में लगभग 500, कृत धौड़ा में 500 से अधिक, मुंडा धौड़ा में लगभग 300, हुटाप गांव में 1200 से अधिक, जोरा काठ में लगभग 300, छापर टोला में लगभग 500, भैसा दोइन और धवई टांड़ में लगभग 700, मुस्तफ़ा नगर में लगभग 500, खलारी पंचायत के नारायण धौड़ा में 1000 के लगभग, बलथरवा गांव में 1000 से अधिक, अमरुस धौड़ा में 500 से अधिक,  गुलजार बाग में लगभग 500, विश्रामपुर पंचायत के जामुन दोहर बस्ती में 500 के लगभग, मायापुर पंचायत के पीपल धौड़ा में 700 के लगभग, सरना बस्ती में 1200 से अधिक, चीना टांड़ में लगभग 500, कोनका में 500 से अधिक, हरहू बसरिया में 500 लगभग, परसे तरी गांव में लगभग 1000 लोगों को खाना पकाकर खिलाया गया है।

उन्होंने बताया कि हम लोग सिर्फ मजदूरों को खाना ही नहीं खिला रहे हैं बल्कि हमारे नेता अपनी पीठ पर सेनेटाइजर किट लेकर गांव को सेनेटाइज भी कर रहे हैं।

मजदूर नेताओं ने बताया कि झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन द्वारा मजदूरों के बीच भोजन बांटने से संबंधित आवेदन यूनियन के लेटरपैड पर 13 अप्रैल को ही खलारी बीडीओ को दिया गया था, जिसकी रिसीविंग भी यूनियन के पास है। खलारी बीडीओ ने भोजन बांटने का परमीशन देने के साथ-साथ यूनियन की हौसलाअफजाई भी किया था। फिर मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी द्वारा धमकी देना पूरी तरह से राजनीतिक साजिश ही नजर आती है।

मजदूर नेताओं ने बताया कि मैकलुस्कीगंज थाने के अधिकारियों की धमकी की जानकारी ईमेल के जरिये आज (29 अप्रैल) झारखंड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, रांची डीआईजी, रांची एसएसपी और रांची डीसी को दे दिया गया है और मजदूरों के बीच भोजन वितरण भी जारी रखा गया है।

मजदूर नेताओं ने साफ कहा कि हम लोग अपने क्षेत्र में किसी भी मजदूर को भूख से मरने नहीं देंगे और हर संभव मदद की कोशिश करते रहेंगे।

रांची जिला में ही एक तरफ गरीबों के बीच खाद्य सामग्री बांटने के लिए रांची डीसी स्वंयसेवी संस्थाओं की हौसला अफजाई करते हैं, वहीं दूसरी तरफ रांची जिला में ही एक रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन ‘झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन’ को मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी भोजन बांटने के लिए चमड़ी उधेड़ डालने की धमकी देते हैं। रांची जिला प्रशासन की यह दोहरी नीति समझ से परे है।

(रूपेश कुमार सिंह स्वतंत्र पत्रकार हैं और आजकल झारखंड के रामगढ़ में रहते हैं।)

This post was last modified on April 29, 2020 2:13 pm

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