Sunday, May 22, 2022

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करो: किसान संगठन

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भोपाल। संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति मध्यप्रदेश की बैठक ने सिवनी में दो आदिवासियों की हत्या पर तीखे गुस्से का इजहार किया है, हत्या के बाद मध्यप्रदेश के गृहमंत्री द्वारा दिए गए बयान को अत्यंत निराशाजनक बताया है। 

किसान संगठनों की राय में गृहमंत्री के बयान ने इन बर्बर हत्याओं को न सिर्फ जायज करार देने की कोशिश की है बल्कि विवेचना और न्याय प्रणाली में लगे कर्मचारियों, अधिकारियों को भी एक तरह से संकेत दिया है। आज हुयी बैठक ने प्रदेश भर में इस तरह की हिंसक और असामाजिक कार्यवाहियों में लिप्त बजरंग दल तथा राम सेना पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। इससे जुड़ी अन्य चार मांगों; इस हत्याकाण्ड में लिप्त सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर विशेष न्यायालय गठित कर उसमें अनवरत सुनवाई करके उन्हें अधिकतम संभव दंड दिया जाये।

इस तरह का उन्मादी वातावरण बनाने के जिम्मेदार सभी तत्वों, संगठनों की शिनाख्त कर उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। दोनों मृतक के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। दोनों मृतक के परिवार के एक एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। गुंडों के हमले तथा बीच बचाव में घायल हुए घटना के मुख्य गवाह ब्रजेश और मृतक के परिजनों की सुरक्षा मुहैया कराई जाये। मामले को लेकर 9 मई को प्रदेशभर में आवाज उठाई जाएगी।   

संयुक्त किसान मोर्चे और एआईएकेएससी की इस बैठक में उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के सही तरीके से निर्धारण तथा उसी पर खरीदी का बाध्यकारी क़ानून बनाने तथा लखीमपुर खीरी हत्याकांड के अभियुक्त गृह राज्य मंत्री टेनी मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी को लेकर अभियान छेड़ने का निर्णय हुआ। इसके लिए संभागीय किसान पंचायतों से शुरुआत की जाएगी। बैठक ने गेंहू के कम उत्पादन से परेशान किसानों की दशा तथा नीमच मंदसौर में लहसुन की खरीदी 3 और 4 रूपये में किये जाने की स्थिति को किसानों के लिए विनाशकारी बताया और गेंहू उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 1000 रुपया बोनस देने और लहसुन प्याज खरीदी में लूट रोकने के लिए सरकार की तरफ से हस्तक्षेप सुनिश्चित करने की मांग की गयी। 

किसान संगठनों ने 2017 में मंदसौर में हुई पुलिस फायरिंग में मारे गए 6 किसानों की स्मृति में तथा उनकी शहादत के बाद से जारी किसान आंदोलन की मजबूती के संकल्प में 6 जून को कार्यवाहियां करने का फैसला लिया। इसके बारे में कार्यक्रम शीघ्र तैयार किया जाएगा। 

एआईकेएससीसी मप्र के संयोजक बादल सरोज के संचालन में हुई इस बैठक की  शुरुआत में संयुक्त किसान मोर्चे की राष्ट्रीय समिति के सदस्य, किसान मजदूर संघर्ष समिति के प्रमुख डॉ सुनीलम ने सभी विषयों पर सुझाव रखे। 

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता शिव सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मप्र किसान सभा के अध्यक्ष रामनारायण कुररिया, सिवनी से प्रहलाद पटेल, राजेश पटेल, अनिल सल्लाम, डीडी वासनिक के अलावा जाग्रत आदिवासी संगठन की माधुरी कृष्णास्वामी, राधेश्याम मीणा, कांतिकुमार दुबे, कृपाल सिंह मंडलोई, इंद्रजीत सिंह, लालमन नट, अशोक सिंह पैगाम, अखिल भारतीय किसान सभा के अशोक तिवारी, रामजीत सिंह, डॉ हीरा धुर्वे सहित अनेक ने भाग लिया।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

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