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Monday, September 20, 2021

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थाने पहुंची शिवराज और कमलनाथ के बीच की तकरार

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लगता है, शिवराज बहुत तेजी से प्रधानमंत्री बनने की चाहत में अपने विवेक का गलत इस्तेमाल करने में लग गए हैं। रविवार को उन्होंने प्रतिपक्ष नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला किया। प्रदेश की सही तस्वीर दिखाने पर बौखलाए शिवराज ने कमलनाथ पर एफआईआर भी दर्ज करा दी है। वे सोनिया गांधी से सवाल पूछने की हिमाकत तो कर ही रहे हैं साथ साथ उन्हें धृतराष्ट्र की तरह आंख पर पट्टी बांधे भी बताने की जुर्रत कर चुके हैं। वे भूल जाते हैं कांग्रेस सरकार तोड़ने में मशगूल रहकर जब तक अपनी जोड़ तोड़ की सरकार नहीं बना ली तब तक कोरोना को उन्होंने पनपने का भरपूर मौका दिया । फिर दूसरी लहर से पूर्व कोई तैयारी नहीं की गई जिसकी पोल खुल गई।

लाशों के आंकड़े बातरह छिपाए गए। मूल विवाद की जड़ यही है और अब जिस तरह कोरोना विदाई के आंकड़े सामने आ रहे हैं वे भी सरासर झूठे हैं। असलियत तो यह है कि कोरोना हो जाने की घबराहट और ब्लैक फंगस के भय से लोगों ने जांच कराने ही जाना बंद कर दिया है वे भीड़ से परहेज कर रहे हैं। मौतें गांवों में बराबर हो रही हैं जिनकी सही ख़बरें नहीं मिल रहीं।अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना सहज है पर सच्चाई कमलनाथ के बयान में साफ झलकती है जिसने अंदर तक शासन को हिला कर रख दिया है। इस बात को लोग बार बार याद कर रहे हैं कि दमोह की पराजय के लिए कलेक्टर और एसपी को हटाया जा सकता है तो वर्तमान कठिन समय में जो कलेक्टर हटाए गए इसलिए तो नहीं कि वे आपके मन मुताबिक पाज़िटिव आंकड़ों से ज्यादा दे रहे हों ?

 बहरहाल, बीजेपी नेताओं की शिकायत पर कमलनाथ के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन कोरोना को उन्होंने ‘इंडियन कोरोना’ बताया था। उसके बाद से बीजेपी उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग कर रही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोनिया गांधी से भी कमलनाथ के ऊपर कार्रवाई की मांग की थी। भोपाल में बीजेपी नेताओं ने आज कमलनाथ पर एफआईआर दर्ज करने के लिए क्राइम ब्रांच में आवेदन दिया। 2005 की धारा 54 के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भाजपा के भोपाल जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी और भोपाल के दो विधायकों विश्वास सारंग एवं रामेश्वर शर्मा सहित अन्य पार्टी नेताओं की शिकायत पर कमलनाथ के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कमलनाथ ने जो कुछ भी कहा है वह देशद्रोह है। FIR को दूसरों के लिए संदेश बताते हुए सारंग ने कहा कि कमलनाथ भारत को बदनाम करने की कांग्रेस की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

आजकल देशद्रोह और देशद्रोही कहना आसान और सहज शब्द हो गए हैं भाजपाई जिस किसी पर इसको तड़ से जड़ देते हैं। वे गाहे बगाहे जिस पर चाहें ये मामले ठोक देते हैं इसीलिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर का विरोध कांग्रेस ने शुरू कर दिया है। सोमवार को युवक कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में धरना शुरू किया। कमल नाथ के खिलाफ दर्ज किए गए मामले से कांग्रेसियों में खासा आक्रोश है। कांग्रेसियों का कहना है कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे और सरकार को मामले को वापस लेने के लिए मजबूर कर देंगे। कांग्रेसियों का कहना था कि कमल नाथ ने कुछ गलत नहीं कहा। उन्होंने बस प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी को बताया है। प्रदेश व केन्द्र की भाजपा सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने में तो असफल रही ही है। साथ ही मरीजों के लिए व्यवस्थाएं करने में भी नाकाम रही है। इस वजह से कोरोना से प्रदेश सहित देश में लाखों लोगों की मौत हुई है। जब कोई राजनीतिक दल का व्यक्ति सरकार के खिलाफ कुछ कह देता है तो भाजपा के बड़े नेता उसके खिलाफ पुलिस का उपयोग करके मामला दर्ज करा देते हैं। लेकिन कांग्रेस व कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की हरकत से दबेंगे नहीं। बल्कि जमकर विरोध करेंगे।

 एफआईआर दर्ज होने के बाद कमलनाथ के आधिकारिक टि्वटर हैंडल से मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहन को ट्वीट करते हुए कहा गया, कमलनाथ के विरुद्ध राजनीति से प्र‍ेरित एफआईआर मात्र भाजपा का कोरोना डैमेज कंट्रोल और अपनी नाकामी छुपाने का प्रयास है। पूर्व सांसद एवं सुप्रीम कोर्ट के मशहूर अधिवक्ता विवेक तनखा का कहना है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामा के पैरा 33 में इसे इंडियन डबल म्‍यूटेंट स्‍ट्रेन बताया है। कमलनाथ जी के बयान को भी गलत ढंग से प्रस्‍तुत किया गया है।

दरअसल, उज्जैन पहुंचे पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा था कि विदेशों में भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। विदेशी मीडिया भारत में कोरोना को इंडियन वैरिएंट बता रहे हैं। ब्रिटेन में इंडियन ड्राइवर्स की टैक्सी में कोई नहीं बैठ रहा है। इससे पहले कमलनाथ ने आरोप लगाया था कि मध्य प्रदेश सरकार कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद कमलनाथ के आधिकारिक टि्वटर हैंडल से मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहन को ट्वीट करते हुए कहा गया, कमलनाथ के विरुद्ध राजनीति से प्र‍ेरित एफआईआर मात्र भाजपा का कोरोना डैमेज कंट्रोल और अपनी नाकामी छुपाने का प्रयास है। सीपीएम नेता बादल सरोज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने की मुहिम शुरू करना इसी तरह की तानाशाहीपूर्ण हरकत है। यह संसदीय जनतंत्र के अपमान के साथ साथ  यह भी साबित करता है कि भाजपा की शिवराज सरकार व्यवस्थाओं को सुधारने की बजाय सरकार की आलोचना करने वालों पर दमन कर तानाशाही के खतरनाक रास्ते पर चल रही है ।

सीपीएम राज्य सचिव जसविंदर सिंह के अनुसार नेता प्रतिपक्ष द्वारा कोविड से हुई मौतों के जारी किए गए आंकड़े दिल दहलाने वाले हैं। सरकार को इन आरोपों को निराधार कहने की बजाय तथ्यों के साथ स्पष्टीकरण देना चाहिए था। इन तथ्यों के साथ दी गयी जानकारी पर सरकार की चुप्पी और सत्ताधारी पार्टी की एफआईआर दर्ज कराने की मुहिम सरकार की असफलता और जनतंत्र विरोधी चेहरे को बेपर्दा करती है।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार के इस जनविरोधी कदम की निंदा की है ।

यकीनन ये अनाप-शनाप कार्रवाई शिवराज की रणनीति का हिस्सा है वे कांग्रेस की आगत चुनाव में तीन सीटों पर जीत से भी आशंकित हैं साथ साथ मोदी की उखड़ती सांसों के मद्देनजर अपने को भविष्य का प्रधानमंत्री भी प्रोजेक्ट करने में लगे हुए हैं। उनके तमाम काम येन केन प्रकारेण अपने को सुपर पावर सिद्ध करने के लिए हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए उनके रास्ते में कमलनाथ आसान कांटा नहीं है। कांग्रेस मध्यप्रदेश में बहुत तेजी से मज़बूत हो रही है । देशद्रोह लगाने या एफआईआर कराने से राजनेता कभी कमजोर नहीं होते वे और मज़बूत होकर उभरते हैं । इस बीच ख़बरों के मुताबिक कांग्रेस ने जिला स्तर पर मुख्यमंत्री पर मौत के झूठे आंकड़े देने पर एफआईआर दर्ज करने हेतु ज्ञापन देने शुरू कर दिए हैं । तू डाल डाल मैं पात पात।

(सुसंस्कृति परिहार स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)

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