रायपुर में जमीन संबंधी झगड़े को सांप्रदायिक रंग देने के लिए सुदर्शन चैनल के रिपोर्टर के खिलाफ मामला दर्ज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ साम्प्रदायिक सौहाद्र के लिए पूरे देश मे एक आदर्श सूबे के रूप में स्थापित है। आदिवासी बाहुल्य इस सूबे के ज्यादातर जिले पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में आते हैं। ये लोग बरसों से मिल-जुलकर आपस में रहते आए हैं। इनमें कभी वैमनष्य नहीं देखा गया। लेकिन पिछले दिनों सूबे की शांत फिजाओं में साम्प्रदायिकता का जहर घोलने को कोशिश की गयी। अक्सर विवादों में रहने वाले सुदर्शन न्यूज चैनल और उसके एक पत्रकार ने एक रिपोर्ट में जमीन के झगड़े पर साम्प्रदायिकता का रंग चढ़ा दिया। 

थाने में उस रिपोर्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गयी है। दरअसल रायपुर के कुकरीपारा में जमीन मसले को लेकर शुरू विवाद को सुदर्शन चैनल के रिपोर्टर ने सांप्रदायिक मामला बता दिया था। जिसके बाद कुकरीपारा मोहल्ले के रहने वाले संजय सिंह ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत कर दी थी। उसके बाद रिपोर्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

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रिपोर्टर का नाम योगेश मिश्र है। रिपोर्ट अकेले उन्हीं के खिलाफ नहीं दर्ज हुई है इसमें उनके अलावा ओमेश बिसेन, विजया गुप्ता, करिश्मा गुप्ता भी शामिल हैं। इन सभी के ख़िलाफ़ धारा 153A के तहत यह मामला दर्ज किया गया है। पेशे से ठेकेदार  शिकायतकर्ता संजय सिंह के आवेदन के मुताबिक़ जनवरी महीने में कुकरीपारा, पुरानी बस्ती में एक गली को लेकर दो परिवारों के बीच में विवाद पैदा हुआ था। इसको लेकर विजया गुप्ता नाम की महिला और रफ़ीक मेमन नाम के व्यक्ति के बीच गाली गलौज हुआ था। जिसमें पुलिस ने रफ़ीक मेमन और उसके साथियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। दर्ज शिकायत के मुताबिक़ विगत 15 दिन पहले पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा सीमांकन किया गया था जिसकी प्रतिवेदन रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

शिकायतकर्ता ने दर्ज मामले में ये आरोप लगाया है 5-6 दिन पहले चैनल द्वारा जमीन विवाद को दो समुदायों के बीच का विवाद दिखाया गया था, जिसके कारण दोनों समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की स्थति पैदा हो गयी। बाद में मोहल्ले के प्रबुद्ध लोगों और पार्षद के द्वारा मामले को शांत करवाया गया।

पुरानी बस्ती थाने के इंस्पेक्टर दुर्गेश रावटे ने बताया कि पत्रकार के ऊपर आवेदनकर्ता की शिकायत के आधार में जो एफआईआर दर्ज हई है उसकी जांच होगी, जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा उसके अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि रायपुर का कुकरीपारा इलाका बीते कुछ दिनों से कथित साम्प्रदायिक तनाव को लेकर चर्चे में है। मामला सुर्खियों में तब आया जब सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार द्वारा यहां निवास कर रहे गुप्ता परिवार के सीसीटीवी से लैस घर की रिपोर्ट प्रसारित की गई। परिवार की महिलाओं के द्वारा दूसरे सम्प्रदाय के लोगों पर धमकी दिए जाने के आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया।

Thevoices रिपोर्ट के अनुसार कुकरीपारा में रहने वाले गुप्ता परिवार का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग और उनके साथियों ने उन्हें घर खाली करने की धमकी दी है और ऐसा नहीं करने पर उनकी बेटी से दुष्कर्म करने तक की धमकी दे डाली है। जबकि उसी इलाके में रहने वाले दूसरे लोग इसे जमीन के विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश का हिस्सा बता रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रायपुर में पुरानी बस्ती थाने के कुकरीपारा में विजया गुप्ता और मो.रफीक के बीच जमीन को लेकर विवाद हो गया था। विजया गुप्ता का आरोप था कि मो. रफीक, अब्दुल नदीम, ताहिर उर्फ पप्पू और सैय्यद रिजवान ने उन्हें जान से मारने और उनकी बेटी से दुष्कर्म करने की धमकी दी है और उन्हें घर खाली करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।

क्या कहते हैं मुहल्ले वाले

इस मामले में पार्षद सालिक सिंह ने बताया कि ‘जमीन विवाद को साम्प्रदायिक मुद्दा बनाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।’ वहीं यहां रहने वाले एक मुस्लिम परिवार का कहना है कि यह 3 महीने पहले की बात है, जब गली की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। 

पुरानी बस्ती थाना में विगत 02 वर्षों से इस जमीन/गली को लेकर विवाद चला आ रहा है, जिसके संबंध में थाना पुरानी बस्ती में प्रार्थिनी की शिकायत पर फरवरी महीने में अपराध क्रमांक 106/19 धारा 294, 506, 34 भादवि दर्ज कर मो. रफीक की गिरफ्तारी की गई थी, जिन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया है। हालांकि तब तक इस मामले में कोई भी साम्प्रदायिक एंगल नही जुड़ा था।

भूमकाल समाचार के संपादक कमल शुक्ला कहते हैं कि पत्रकारिता का एक स्थापित मापदंड है। जब समाज में हो रहे तनाव को लेकर कोई खबर होती है तो पत्रकार को उस विषय से सम्बंधित शब्दों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए ताकि तनाव और न फैले। लेकिन सुदर्शन टीवी के पत्रकार योगेश मिश्रा की रिपोर्ट में साम्प्रदायिक माहौल बनाना दिख रहा है। मैं इस जगह गया हूं वो मोहल्ले की जमीन विवाद का मामला है जिसे दो सम्प्रदायों के बीच की रिपोर्ट के तौर पर पेश किया गया है। 

इन पंक्तियों के लेखक ने जब सुदर्शन न्यूज के पत्रकार योगेश मिश्रा से फोन बात किया तो उन्होंने कहा कि “मुझे पीड़ित पक्ष के बारे में जानकारी मिली थी। मैंने इसकी रिपोर्ट तैयार किया और जो पीड़ितों ने कहा उसे ही दिखाया। मेरे पास उनके बाईएट्स हैं”। हालांकि योगेश मिश्रा मान रहे हैं कि यह लड़ाई जमीन संबंधी झगड़ा है। वो साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देने की रिपोर्टिंग से इंकार कर रहे है।

 खबर लिखे जाने तक गुप्ता परिवार ने थाने में एक लिखित वक्तव्य देकर सुदर्शन न्यूज में चलायी गयी खबरों को खारिज किया है।

गौरतलब है कि सुदर्शन न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट्स अक्सर साम्प्रदायिक तनाव भड़काने को लेकर विवादों में रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इनकी खबरें कम और फेक न्यूज ज्यादा दिखाई पड़ती हैं।

(रायपुर से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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