पश्चिम बंगाल के पहले चरण के चुनाव में 79.79% वोटिंग, फोन टैप को लेकर राजनीतिक गलियारों में रही हलचल

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पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए कल 30 सीटों मत डाले गए।  पहले चरण में 191 उम्मीदवारों के भाग्य पर जनता ने 27 मार्च को ताला लगा दिया है।  शाम छह बजे तक 79.79% वोटिंग हुई। सबसे अधिक वोटिंग पूर्वी मेदनीपुर जिले में 82.51%, झाड़ग्राम में 80.55%, पश्चिमी मिदनापुर में 80.12%, पुरुलिया में 77.07%, बांकुड़ा में 79.90 फीसदी मतदान हुआ। ज्यादातर वोटिंग नक्सल प्रभावित इलाकों में हुई है।

 वोटिंग के दौरान हिंसा की खबरें

वोटिंग के दौरान लगातार हिंसक घटनाओं की खबरें भी आईं।  मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम मेदिनीपुर जिले से एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव मिला है। कोलकाता से पुलिस ने कुछ क्रूड बम भी बरामद किए हैं। भगवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से भी फायरिंग की खबरें आईं। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी इलाके में बीजेपी के एक कार्यकर्ता का शव मिला। जिसकी पहचान 35 साल के मंगल सोरेन के रूप में हुई है। सोरेन केशियारी इलाके का ही रहने वाला था। चुनाव आयोग ने इस मामले में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। पुरुलिया में तृणमूल के उम्मीदवार सुजय बंद्योपाध्याय ने एक विवाद के दौरान बीजेपी नेता दीपक बाउरी को गोली मारने की धमकी दी। जबकि टीएमसी उम्मीदवार ने इस आरोप का खंडन किया है। बीजेपी नेता सुभेंदु अधिकारी के भाई सोमेंदु अधिकार की गाड़ी पर कांठी में हमला किया गया। इस घटना में उनके ड्राइवर को चोट लगी है।

नेताओं के फोन टैप

पहले चरण के चुनाव के दरमियान कल सारा दिन बंगाल की राजनीति में एक और चीज ने अपना ध्यान लोगों की तरफ खींचा। दो ऑडियो क्लिप को लेकर सारा दिन बंगाल की राजनीति में हलचल मची रही। आज सुबह ही सभी स्थानीय न्यूज चैनल में एक क्लिप सबको सुनाई गई। जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम के बीजेपी नेता प्रलय राय को फोन कर चुनावों में टीएमसी को जीत दिलाने में मदद करने का आग्रह कर रही थीं। यह वीडियो बीजेपी द्वारा जारी किया गया था। इस वीडियो के बाद तृणमूल ने भी एक वीडियो जारी किया जिसमें उन लोगों ने मुकुल रॉय को निशाने पर लिया। इस वीडियो क्लिप में यह दावा किया गया कि बीजेपी नेता मुकुल रॉय शिशिर बाजोरिया को बता रहे हैं कि कैसे चुनाव आयोग को प्रभावित किया जाए। क्लिप के अनुसार मुकुल राय शिशिर बाजोरिया से कहते हैं कि उन्हें चुनाव आयोग से संपर्क करके नियमों को बदलने की मांग करनी चाहिए, ताकि बाहरी लोगों को भी बूथ एजेंट बनने दिया जा सके। केवल स्थानीय लोगों को ही बीजेपी का बूथ एजेंट न बनाया जाए, बीजेपी बड़े पैमाने पर हर बूथ पर एजेंट देने में अक्षम है।

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