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मध्यप्रदेश के 14 मज़दूर मालगाड़ी से कट कर मरे, औरंगाबाद से घर लौट रहे थे सभी

नई दिल्ली। जालना से औरंगाबाद जा रहे 14 मज़दूर मालगाड़ी से कट कर मर गए हैं। जबकि पाँच घायल हैं। घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले में हुई है। 36 किमी पैदल चलने के बाद उन्हें नींद आने लगी। थकान ज़्यादा हो गई। लिहाज़ा पटरी पर ही सो गए। इतनी गहरी नींद में चले गए कि होश भी न रहा और उनके ऊपर से ट्रेन गुजर गई। मज़दूर मध्यप्रदेश के शहडोल और उमरिया के हैं। घटना करमाड पुलिस स्टेशन के पास हुई। भारतीय रेलवे ने ट्विटर कर बताया है कि दुर्घटना बदरपुर और करमाड स्टेशन के बीच हुई। घायलों को औरंगाबाद सिविल हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। साथ ही जाँच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

पीटीआई के मुताबिक़ मज़दूर भुसावल से जालना जा रहे थे। वे मध्य प्रदेश में स्थित अपने घरों को लौट रहे थे। सभी मज़दूर जालना में एक स्टील फ़ैक्ट्री में काम करते थे। उन्होंने कल रात को ही अपने घरों का रुख़ किया था। द वायर के मुताबिक़ पुलिस अफ़सर संतोष खेतमालास ने बताया कि वह करमाड तक आए थे उसके बाद थक कर पटरी पर ही सो गए थे।

मज़दूरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। वे पैदल चल रहे हैं। उनके पांवों में छाले पड़ गए हैं। बहुत से मजदूर रेल की पटरियों के किनारे-किनारे चल रहे हैं ताकि घर तक पहुंचने का कोई सीधा रास्ता मिल जाए। मज़दूर न तो ट्विटर पर हैं। न फेसबुक पर और न न्यूज़ चैनलों पर हैं। वरना वो देखता कि उन्हें लेकर समाज कितना असंवेदनशील हो चुका है। सरकार तो खैर संवेदनशीलता की खान है।

लखनऊ से भी खबर है। जानकीपुरम में रहने वाला एक मज़दूर परिवार साइकिल से निकला था। छत्तीसगढ़ जा रहा था। शहर की सीमा पर किसी ने टक्कर मार दी। माता पिता की मौत हो गई। दो बच्चे हैं। अब उनका कोई नहीं है।

(कुछ इनपुट पत्रकार रवीश कुमार के पेज से लिए गए हैं।)

This post was last modified on May 8, 2020 2:10 pm

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

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