Tuesday, September 26, 2023

छत्तीसगढ़ में लोगों के गले नहीं उतर रही है 0.4 फीसदी बेरोजगारी की दर होने की बात

छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में अगस्त 2022 में सीएमआईई की एक रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य की बेरोजगारी दर 0.4 प्रतिशत बताया गया। सूबे के सारे मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से छापा भी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ”0.4% अगस्त, 2022 में छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर है। जो देश में सबसे कम है। छत्तीसगढ़ लगातार देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य बना हुआ है। देश में बेरोजगारी दर 8.3% है, जो चिंता का विषय है। हमको मिलकर देश में भी बेरोजगारी दर कम करनी है।”

इस आंकड़े पर तब सवाल खड़े होते हैं जब 25 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने पहली बार चपरासी की परीक्षा ली 91 पोस्ट के लिए 2 लाख से ज्यादा दावेदारों ने आवेदन किया, परीक्षा देने पर भी पूरे प्रदेश में 80 प्रतिशत उम्मीदवार पहुंचे। चपरासी भर्ती परीक्षा में इंजीनियरिंग, एमएससी और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रीधारियों ने भी आवेदन किया था। जब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 0.4% है तो चपरासी भर्ती में 91 पोस्ट के लिए 2 लाख से ज्यादा आवेदन कैसे”।

वरिष्ठ पत्रकार आलोक पुतुल ने ट्वीट किया है कि 15.09.2022 पूरे पन्ने के विज्ञापन में CMIE के हवाले से दावा किया गया कि छत्तीसगढ़ में 99.6% लोगों के पास रोज़गार है।

खबर 25.09.2022 चपरासी/भृत्य के 91 पद की परीक्षा देने इंजीनियर और पीजी समेत 2 लाख से अधिक लोग पहुंचे। इसकी व्याख्या करने के लिए आप स्वतंत्र हैं।

बताते चलें कि CMIE एक प्रमुख व्यावसायिक इन्फोर्मेशन कंपनी है। वर्ष 1976 में इसे मुख्य रूप से स्वतंत्र थिंक टैंक के रूप में स्थापित किया गया था। CMIE आर्थिक और व्यावसायिक डेटाबेस उपलब्ध कराता है और निर्णयन तथा अनुसंधान के लिये विशेष विश्लेषणात्मक उपकरण विकसित करता है। यह अर्थव्यवस्था में नित नए रुझानों को समझने के लिये डेटा का विश्लेषण करता है।

विदित हो कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) बड़े पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करता है। डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई सारे पदों के लिए परीक्षा ली जाती है। वहीं अब लोक सेवा आयोग पहली बार चपरासी की परीक्षा लिया है। वहीं ऐसा पहली बार हुआ है कि पीएससी ने चपरासी के पदों में भर्ती के आवेदन मंगाए गए थे। उसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की बात किया जाए तो इंजीनियर और पोस्ट ग्रेजुएट हैं। बता दें कि अब तक ऐसी परीक्षाओं का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल की ओर से किया जाता रहा है। भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास मांगी गई थी।

सीएमआइई की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की बेरोजगारी दर 0.4 प्रतिशत बताए जाने पर सरकार का दावा है कि प्रदेश में पिछले तीन साल में बघेल सरकार ने जो योजनाएं चलाई हैं। उसी वजह से बेरोजगारी दर कम हो रही है। गोबर के साथ-साथ गोमूत्र की खरीदी की भी शुरुआत की है। जबकि गोधन न्याय योजना का विस्तार भी राज्य में किया गया है। हमारी योजनाओं की तारीफ दूसरे राज्यों ने भी की है। इन सभी योजनाओं से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, रूरल इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपजों के संग्रहण और वैल्यू एडिशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं का असर प्रदेश की बेरोजगारी पर दिख रहा है। बेरोजगारी दर कम होने से सरकार खुश नजर आ रही है।

हालांकि छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर की रिपोर्ट और चपरासी भर्ती में आए लाखों आवेदन से छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों के आकंड़े साफ दिखाई दे रहे हैं।

(छत्तीसगढ़ से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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