अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस पर न्याय की जगह पीएम का ट्विटर संदेश

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भारतीय रेल की मेगा भर्ती 2018 के दिव्यांग अभ्यर्थी पिछले आठ दिनों से दिल्ली के मंडी हाउस में प्रदर्शन कर रहे हैं। युवा अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में हुई धांधली की वजह से उनको भर्ती से बाहर होना पड़ा है। छात्र देश के कोने कोने से आकर न्याय की गुहार लगाने राजधानी दिल्ली पहुंचे हुए हैं।

मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस को अभ्यर्थियों ने काला दिवस के रूप में मनाया। छात्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस पर संदेश दिया, लेकिन दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विकलांग परीक्षार्थियों की एक न सुनी।

अभ्यर्थियों को समर्थन देने युवा-हल्लाबोल के अनुपम ने मंडी हाउस पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के जज़्बे को सलाम किया। अनुपम ने अभ्यर्थियों की समस्या को जाना और छात्रों की इस लड़ाई में पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया।

अनुपम ने कहा कि देश भर से आए सैकड़ों विकलांग युवा दिल्ली के मंडी हाउस पर खुले आसमान के नीचे आठ दिनों से बैठे हैं। रेलवे ग्रुप डी भर्ती में हुई धांधली के खिलाफ न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन मोदी जी ने अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस पर एक सांकेतिक ट्वीट करके और ‘दिव्यांग’ कहकर अपना फर्ज निभा लिया।

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