Wednesday, April 17, 2024

यंग इंडिया ने नफरत की राजनीति को नकारा, लोकसभा चुनाव का मुद्दा शिक्षा और रोजगार

नई दिल्ली। देश भर से छात्र-युवाओं ने यंग इंडिया के बैनर तले बुधवार को दिल्ली स्थित एचकेएस सुरजीत भवन में एक छात्र-युवा सम्मेलन का आयोजन किया। छात्रों-युवाओं ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए “शिक्षा और रोजगार” का आह्वान किया। जबकि मौजूदा निजाम युवाओं को नफरत करने वाली भीड़ में बदलने का उपक्रम कर रही है।

यंग इंडिया चार्टर घोषित करने के लिए देश भर से छात्र और युवा एचकेएस सुरजीत भवन में एकत्र हुए। भले ही मोदी सरकार ने पूरी बेशर्मी के साथ रोजगार की मांग कर रहे युवाओं का दमन करने का फैसला किया हो, लेकिन यंग इंडिया ने आज दिखा दिया कि कोई भी दमन देश के छात्र-युवाओं के साथ मोदी सरकार के विश्वासघात को दोषमुक्त नहीं कर सकता। दिल्ली पुलिस के तानाशाही फरमानों के बावजूद यंग इंडिया ने दिल्ली में रैली की और नफरत की राजनीति के खिलाफ उठ खड़ा हुआ।

जनसभा में दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा, “अगर इस शासन ने 2024 में भी अपना शासन जारी रखा, तो हम शायद इस तरह की बैठकें भी नहीं कर पाएंगे। हमें एकजुट होकर लोकतंत्र पर इस हमले का विरोध करना चाहिए।” वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, “यह सरकार मनरेगा पर चुप क्यों है? यह एमएसपी पर चुप क्यों है? प्रमुख मुद्दों पर पूरी तरह से चुप्पी और समाज में नफरत फैलाने की इस नीति को रोका जाना चाहिए।”

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवल किशोर ने कहा कि बिहार फासीवादी हमले को चुनौती देने का रास्ता दिखा रहा है और हमें उम्मीद है कि देश रास्ता देखेगा। डूटा (DUTA) की पूर्व अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा कि “आज यंग इंडिया अपने अधिकारों और अपने सार्वजनिक संस्थानों के लिए खड़ा है और हमें फासीवादियों को सत्ता से बाहर करने के लिए इस एकजुट प्रयास को जारी रखना चाहिए।”

स्वतंत्र पत्रकार नवीन कुमार ने कहा कि यंग इंडिया वह एकता दिखा रहा है जिससे बीजेपी डरती है। पूरे देश में युवा नफरत की राजनीति को खारिज कर रहे हैं। बिहार के सीपीआई-एमएल विधायक संदीप सौरव ने कहा, “युवा भारत शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठा रहा है जबकि सरकार खरीद-फरोख्त और ईवीएम हैकिंग में व्यस्त है। इस सरकार ने खुद को लोगों के सामने उजागर कर दिया है!” सभा को आइसा, एसएफआई, एमएसएफ, एआईएसएफ, पीएसयू, आरवाईए, एआईवाईएल सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं ने भी संबोधित किया।

पूरे देश में आयोजित विशाल यंग इंडिया जनमत संग्रह में युवाओं का उत्साह दिखा। यंग इंडिया रैली विशाल किसान आंदोलन के प्रति एकजुटता और प्रदर्शनकारी किसानों की क्रूर हत्याओं की निंदा के साथ समाप्त हुई।  

जनचौक से जुड़े

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments

Latest Updates

Latest

Related Articles