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नवदीप कौर की गिरफ्तारी के खिलाफ अमरीकी उप राष्ट्रपति की भतीजी मीना हैरिस ने बुलंद की आवाज

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने जेल में बंद श्रम अधिकार कार्यकर्ता नवदीप कौर के लिए आवाज उठाई है। मीना ने ट्विटर पर लिखा है कि यह देखना बेहद अजीब है कि एक कट्टरपंथी भीड़ आपकी फोटोग्राफ जला रही है। सोचिए अगर हम भारत में रह रहे होते, तो यह लोग क्या करते। मैं बताती हूं- 23 साल की श्रम अधिकार कार्यकर्ता नवदीप कौर को गिरफ्तार किया गया, उन्हें पुलिस कस्टडी में उत्पीड़ित किया गया और उन पर यौन हमले किए गए। उन्हें बिना बेल दिए 20 दिन से ज्यादा वक्त से हिरासत में रखा गया है। नवदीप को सिंघु बॉर्डर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वे 25 से भी ज्यादा दिनों से जेल में बंद हैं।

मीना हैरिस ने हाल में किसान आंदोलन का समर्थन किया था, जिसके बाद कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने उनका विरोध किया था। मीना हैरिस ने ऐसी ही एक भीड़ द्वारा उनकी फोटो जलाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर हम भारत में रहते होते, तो पता नहीं यह लोग क्या करते।

मीना हैरिस ने कहा है कि यह सिर्फ कृषि नीतियों के बारे में नहीं है। यह मुखर धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के बारे में है। यह पुलिस हिंसा, मिलिटेंट नेशनलिज्म और श्रम अधिकारों पर हमले के बारे में है। मुझसे यह मत कहिए कि मैं आपके मामलों से अलग रहूं। यह सब हमारे मुद्दे हैं।

दलित ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता नवदीप कौर की रिहाई के लिए सीजेपी ने ऑनलाइन याचिका दायर की है और पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा से गुहार लगाई है कि वे नवदीप कौर को न्याय दिलाना सुनिश्चित करें। 23 वर्षीय नोदीप कौर करीब एक महीने से करनाल जेल में हैं और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ हिरासत में मारपीट भी की गई थी, उसी जेल में जिसमें उन्हें फिलहाल रखा गया है।

याचिका में कहा गया है कि नवदीप कौर पर कैसे करनाल जेल में कथित रूप से हमला किया गया था। उन्हें जिला अदालत ने जमानत नहीं दी है। नवदीप की बहन राजवीर कौर ने कहा है कि वे जल्द ही हाई कोर्ट जाएंगी। याचिका में उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को हटाने की मांग की गई है।

नवदीप कौर पंजाब की रहने वाली हैं और वे मज़दूर अधिनायक संगठन (एमएएस) से जुड़ी हैं। वह दिसंबर 2020 से सिंघु बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन में भाग ले रही थीं। 12 जनवरी 2021 को हरियाणा पुलिस ने उसके डेरे पर आकर नवदीप को गिरफ्तार कर लिया।

नवदीप कौर किसानों के साथ एकजुटता में कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के कारखाने के श्रमिकों के एक समूह के साथ सिंघु के शांतिपूर्ण विरोध स्थल पर बैठी थीं। श्रमिकों को भी किसानों की तरह ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और आरोप लगाया है कि नियोक्ताओं द्वारा उनका शोषण किया गया है, उनका वेतन रोक दिया गया है, और रोजगार छीन लिए गए हैं। यह तब से बढ़ा है जबसे उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन करना शुरू किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें कुंडली औद्योगिक संघ और हरियाणा पुलिस के सशस्त्र गार्डों ने निशाना बनाया है।

नवदीप की बहन राजवीर कौर ने आरोप लगाया है कि हरियाणा पुलिस ने नवदीप को निशाना बनाया और उसे हिरासत में लेकर हमला किया, जिसमें यौन हमला भी शामिल था। नवदीप को लक्षित करना किसानों और श्रमिकों के आंदोलन को बदनाम करने के लिए राज्य के प्रयासों का एक और उदाहरण है। उनका उद्देश्य श्रमिक यूनियनों के साथ मिलकर एकजुटता को तोड़ना है। नवदीप साथी श्रमिकों के अधिकारों के लिए काम करती हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा के बाद काम करना शुरू कर दिया था। हमारी मां पंजाब खेत यूनियन की कार्यकर्ता हैं, और मुक्तसर में रहती हैं। जब भी हमें लगता है कि कुछ गलत हो रहा है, हम एक परिवार के रूप में हमेशा खड़े रहते हैं। राजवीर वर्तमान में एकमात्र व्यक्ति हैं जो करनाल जेल में नवदीप से मिली हैं।

नवदीप की जमानत याचिका को हरियाणा की एक अदालत ने खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि नवदीप के खिलाफ आरोप प्रकृति में गंभीर हैं, जांच अभी भी प्रारंभिक चरण में है और शेष आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अपराध की गंभीरता के मद्देनजर, आवेदक जमानत की रियायत के लायक नहीं हैं और जमानत अर्जी खारिज कर दी जाती है। आदेश में कहा गया है, उसने अपने साथ मौजूद भीड़ को उकसाया, जिसने पुलिस अधिकारियों पर हमला शुरू किया।

नवदीप पर दो एफआईआर दर्ज हैं। 28 दिसंबर 2020 को पुलिस स्टेशन कुंडली में 649 के अंतर्गत आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 384, 506 और एफआईआर दिनांक 12 जनवरी 2021 को नंबर 26 के तहत धारा 148, 149, 323, 384, 452, 506 आईपीसी पुलिस स्टेशन कुंडली, सोनीपत। ये एफआईआर कथित तौर पर पीड़ित ललित खुराना की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी, जो एक प्राइवेट कंपनी में एकाउंटेंट हैं। इन आरोपों में उनपर जबरन वसूली, दंगा करने, हथियारबंद, गैरकानूनी सभा करने, पब्लिक सर्वेंट पर हमला करने, जबरन वसूली, डराने-धमकाने और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है।

नवदीप कौर की छोटी बहन राजवीर कौर ने इन आरोपों का खंडन किया है। राजवीर कौर का दावा है कि उनकी बहन को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मेरी बहन मजदूर और दलित अधिकार कार्यकर्ता हैं। वो फैक्टरी में कुछ मजदूरों की मजदूरी दिलाने के लिए गई थीं, लेकिन कारखाना मालिक ने उन पर गोली चलवा दी, इसकी शिकायत करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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This post was last modified on February 7, 2021 1:01 pm

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