Mon. Sep 23rd, 2019

मेहुल चोकसी ने सीधे डाला था वित्तमंत्री जेटली की बेटी के खाते में पैसा: राहुल गांधी

1 min read
तामेश्वर सिन्हा

रायपुर। सोमवार को राहुल गांधी रायपुर के किसान सम्मेलन में आए थे। इस सम्मेलन में उन्होंने कई विषयों पर बात की, लेकिन लगे हाथ मीडिया को भी कटघरे में खड़ा किया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने रायपुर के साइंस कॉलेज में किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार बनी किसानों का कर्ज 10 के भीतर माफ कर दिया जाएगा। यदि मोदी सरकार अमीरों के 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर सकती हैं तो कांग्रेसी पार्टी किसानों की कर्ज माफी क्यों नहीं कर सकती। राहुल ने मंच से फिर राफेल घोटाले की चर्चा कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर Janchowk Android App

राहुल गांधी ने कहा कि जो हमारे प्रेस के मित्र हैं, आज उनसे थोड़ी मेरी शिकायत है। भाईयों और बहनों आपने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का नाम सुना है? सुना है न? जनता ने कहा, हाँ।

राहुल गांधी ने कहा- चोर, 35 हजार करोड़ रुपए चोरी करने वाला चोर, हिंदुस्तान से भागने वाला चोर, मेहुल चौकसी, नीरव मोदी, नाम तो सुना है न? जनता ने कहा, हाँ।

गांधी ने कहा- मेहुल चौकसी ने अरुण जेटली जी की बेटी को, मतलब जो 35 हजार करोड़ रुपए वाला जो चोर है, उसकी कंपनी ने, अरुण जेटली, जो फाइनेंस मिनिस्टर हैं, उनकी बेटी के बैंक अकाउंट में लाखों रुपए डाला।

फाइनेंस मिनिस्टर ने मेहुल चौकसी पर कोई कार्रवाई नहीं की। मेहुल चौकसी भाग गया। कल कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस किया, उसमें सचिन पायलट जी थे, राजीव सातव, महिला कांग्रेस की हमारी प्रेसीडेंट सुष्मिता देव जी और उसमें साफ बैंक अकाउंट का नंबर, पैसा, किस अकाउंट में मेहुल चौकसी की कंपनी ने डाला और वो अकाउंट किसका है? अरुण जेटली की बेटी का है साफ। और दुःख की बात है, ये जो आज हमारे प्रेस के मित्र हैं, इनमें से एक ने भी ये बात टेलीविजन पर नहीं कही। प्रेस का काम जनता को सच्चाई बताने का होता है और दुःख की बात है कि मेहुल चौकसी ने फाइनेंस मिनिस्टर की बेटी के आईसीआईसीआई के बैंक अकाउंट में डायरेक्ट पैसा डाला है, दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस होती है और देश के सबसे बड़े मीडिया हाऊसेज टेलीविजन पर इसकी बात तक नहीं करते हैं। अब ये क्यों हो रहा है मैं आपको बताता हूँ और छत्तीसगढ़ के युवाओं को ये समझना है क्योंकि ये आपके भविष्य की बात है।

छत्तीसगढ़ गरीब प्रदेश नहीं है। छत्तीसगढ़ एक बहुत अमीर प्रदेश है। आपके पास पैसे की कोई कमी नहीं है, मगर आपसे ये पैसा छीना जाता है। 5-10-15 बड़े-बड़े उद्योगपति उनके नाम आप जानते हो, आपका धन आपसे छीनने में लगे हुए हैं और दुःख की बात है और मुझे यहाँ से बोलकर खुशी नहीं हो रही, मगर जो मीडिया के लोग है, उनको भी इन लोगों ने डराकर, दबाकर रखा हुआ है।

छोटा सा उदाहरण, प्रधानमंत्री आते हैं, टीवी पर छत्तीसगढ़ की एक महिला के साथ उनकी बातचीत होती है। प्रधानमंत्री जी किसानों से पूछते हैं कि भाई, खेत में तुम्हारी आमदनी बढ़ी? महिला कहती है, हाँ, दोगुनी हो गई। याद है आपको? याद है न? हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री के सामने महिला कहती है, हाँ, हमारी आमदनी दोगुनी हो गई। बाद में दो-तीन प्रेस वाले उस महिला के पास जाते हैं, उससे पूछते हैं, क्या तुम्हारी आमदनी सचमुच में दोगुनी हुई? महिला कहती है नहीं, दिल्ली से अफसर आए थे, मुझे बता दिया, मैंने कह दिया।

जिस पत्रकार ने इस महिला पर लिखा, बोला, उसको कुचलकर, दबाकर नौकरी से बाहर निकाल दिया गया। अब मैं समझता हूँ कि हमारे जो पत्रकार हैं और मैं आपसे बोल रहा हूँ देखिए, आप सेना से कम नहीं हो। आप अपना महत्व समझिए, आप अपनी जगह समझिए। सेना हिंदुस्तान की रक्षा बॉर्डर पर करती है। आपका काम हिंदुस्तान की रक्षा देश के अंदर करने का है। आपका काम सच्चाई की रक्षा करने का है और अरुण जेटली के मामले में हिंदुस्तान के सबसे बड़े मीडिया हाउसेज ने सच्चाई की रक्षा नहीं की।

भाईयों और बहनों, यह सच्चाई है कि मेहुल चौकसी ने फाइनेंस मिनिस्टर की बेटी के आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट में पैसा दिया है और मैं चाहता हूँ कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता आज हर घर जाकर, चाय की दुकान में जाकर, छत्तीसगढ़ की गली-गली में जाकर दो सच्चाईयाँ स्पष्ट करे। पहली बात कि मेहुल चौकसी ने 35 हजार करोड़ रुपए हिंदुस्तान के किसान का चोरी किया, हिंदुस्तान के मजदूर का चोरी किया है, हिंदुस्तान के युवा का चोरी किया है और मेहुल चौकसी ने अरुण जेटली की बेटी को पैसा दिया है उसके बैंक अकाउंट में।

दूसरी बात- प्रेस वालों का काम है, हिंदुस्तान की रक्षा, सच्चाई के साथ खड़े होने का है और सेना का काम बॉर्डर में खड़े होने का है। चाहे गरमी हो, सर्दी हो, बारिश हो, तूफान हो, बॉर्डर पर हमारा सैनिक खड़ा रहता है, कश्मीर में, अरुणाचल में, राजस्थान में। हर मुश्किल में आपको हिंदुस्तान की सेना बॉर्डर पर दिखाई देगी और अगर आप जोधपुर जाएं, असम में जाएं, बागडोगरा जाएं, बरेली जाएं, आपको हिंदुस्तान की एयरफोर्स की बेस दिखाई देगी, सेना दिखाई देगी। 24 घंटे हिंदुस्तान की वायुसेना, ये जो हमारे आसमान हैं, इसमें हिंदुस्तान की रक्षा करते हैं। युद्ध होता है तो अपनी जान देते हैं, दिनभर लगे रहते हैं, देश के लिए खड़े रहते हैं।

यूपीए की सरकार थी, वायुसेना को हवाई जहाजों की जरुरत थी, यूपीए की सरकार ने 126 हवाई जहाज खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट निकाला, फ्रांस की एक कंपनी, दसॉल्ट कंपनी ने राफेल हवाई जहाज हिंदुस्तान को बेचने का प्रस्ताव किया। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं अच्छी तरह सुनो क्योंकि मैं आपको सच्चाई बता रहा हूँ। 526 करोड़ रुपए का एक हवाई जहाज, 126 हवाई जहाज, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड 70 साल से हवाई जहाज बना रही है। 1965 की लड़ाई में नेट हवाई जहाज ने पाकिस्तान को हराया। नेट हवाई जहाज को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया, 1971 की लड़ाई में मिग-21 हवाई जहाज ने पाकिस्तान को हराया, जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया था। कारगिल युद्ध में बड़ी भूमिका निभाने वाले मिग-29 हवाई जहाज, मिराज हवाई जहाज भी एचएएल ने बनाए। 70 साल से हवाई जहाज बना रहे हैं, एक्सपीरियंस है।

यूपीए की सरकार ने फ्रांस की सरकार से दो-तीन बातें स्पष्ट कहीं थी, सबसे पहले 526 करोड़ रुपए का हवाई जहाज, दूसरी बात ये फ्रांस में नहीं बनेगा, ये हिंदुस्तान में बनेगा और हिंदुस्तान के युवाओं को एचएएल की फैक्ट्री में रोजगार मिलेगा। एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स, मैकेनिकल इंजीनियर्स, सिस्टम इंजीनियर्स, फ्लूड इंजीनियर्स, एयरोस्पेस इंजीनियर्स को एचएएल की फैक्ट्री में दुनिया का सबसे हाई टेक्नोलॉजी का जहाज बनाने का मौका मिलेगा। बात मंजूर हो गई, उसके बाद 2014 में नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं।

आप चेक कर लीजिए, पब्लिक रिकॉर्ड है, अनिल अंबानी के साथ नरेन्द्र मोदी फ्रांस जाते हैं, उनके डेलीगेशन में अनिल अंबानी उनके साथ जाते हैं। 526 करोड़ का हवाई जहाज नरेन्द्र मोदी 1600 करोड़ रुपए में खरीदते हैं। फिर से दोहराता हूँ, 526 करोड़ का हवाई जहाज, हिंदुस्तान का चौकीदार 1600 करोड़ रुपए में खरीदता है। अनिल अंबानी ने पूरी जिंदगी भाईयों और बहनों हवाई जहाज नहीं बनाया है। मिग छोड़ो, मिराज छोड़ो, सुखोई छोड़ो, नेट छोड़ो, उसने कागज का भी हवाई जहाज शायद न बनाया हो।

भाईयों और बहनों, एचएएल ने तीन हजार करोड़ रुपए हिंदुस्तान की सरकार को लौटाया है। अनिल अंबानी ने 45 हजार करोड़ रुपया हिंदुस्तान के पब्लिक सेक्टर बैंक से कर्जा लिया हुआ है, वापस नहीं लौटाता है। कॉन्ट्रैक्ट मिलने से 10 दिन पहले अनिल अंबानी कंपनी बनाता है, जिसको कॉन्ट्रैक्ट मिलता है। फ्रांस के राष्ट्रपति कहते हैं कि अनिल अंबानी को न फ्रांस की सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट दिया, न राफेल हवाई जहाज बनाने वाली दसॉल्ट कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट दिया। हमें तो हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने सीधा बता दिया था कि अगर राफेल का कॉन्ट्रैक्ट चाहिए, तो अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट देना पड़ेगा।

गांधी ने कहा कि चौकीदार, जनता ने कहा, चोर है। गांधी ने फिर कहा- चौकीदार, जनता ने नारा लगाया कि चोर है। गांधी ने फिर दोहराया- चौकीदार, जनता ने कहा, चोर है।

अब सुनिए, मैंने मोदी जी के सामने बोला, पार्लियामेंट हाउस में, मोदी जी आपने एचएएल से छीनकर, हिंदुस्तान की वायुसेना से छीनकर इस चोर को अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया? आपने हिंदुस्तान के पायलट्स का अपमान क्यों किया? आपने हिंदुस्तान के युवाओं से रोजगार क्यों छीना? 45 हजार करोड़ का कर्जा है, दस दिन पुरानी कंपनी है, जिंदगी भर इसने हवाई जहाज नहीं बनाया। आँख से आँख मिलाकर, कभी प्रधानमंत्री उधर देखें, कभी यहाँ देखें, कभी साइड में देखें, कभी नीचे देखें, आँख में आँख चौकीदार नहीं मिला पाया।

प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘मित्रों, प्रधानमंत्री मत बनाओ, चौकीदार बनाओ’। आपको ये नहीं बताया कि जनता का चौकीदार नहीं है, युवाओं का चौकीदार नहीं है, किसानों के चौकीदार नहीं है, अनिल अंबानी के चौकीदार है।

अब दिल्ली से छत्तीसगढ़ पर आते हैं। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बंद कर दिया। बंद क्यों किया? पनामा पेपर्स में उनका नाम आता है और छत्तीसगढ़ के चीफ मिनिस्टर के बेटे अभिषेक का नाम पनामा पेपर्स में आता है और कुछ नहीं होता। अरुण जेटली-मेहुल चौकसी, नरेन्द्र मोदी-अनिल अंबानी, रमन सिंह जी के पुत्र अभिषेक। उधर राजस्थान में ललित मोदी चीफ मिनिस्टर वसुंधरा सिंधिया के बेटे को पैसे देता है।

विजय माल्या जाता है हिंदुस्तान से जाने से पहले फाइनेंस मिनिस्टर से मिलता है। फाइनेंस मिनिस्टर कहते हैं, हाँ, मैं मिला, पार्लियामेंट हाउस में मिला। ये पुलिस वाले खड़े हैं यहाँ पर, एक ही सवाल, अगर चोर इनसे मिलकर जेल से भाग जाता है, तो इनको पकड़ कर अंदर कर देते हैं, दो झापड़ मारते हैं, कहते हैं तुमने चोर भगा दिया। मगर फाइनेंस मिनिस्टर मेहुल चौकसी, नीरव मोदी, विजय माल्या को भगा देता है, विजय माल्या से बात करता है, विजय माल्या कहता है, मैं जा रहा हूँ, वित्त मंत्री कहते हैं, जाओ, भईया, लंदन जाओ, उसको अंदर नहीं करते।

अब दूसरी तरफ, यूपीए की सरकार थी, 70 हजार करोड़ रुपए किसानों का हमने कर्जा माफ किया। नहीं, आप ताली बजा रहे हो, मगर मैं आपको बताऊँ, ज्यादा करना था, ज्यादा करना था। कम से कम 80-85 हजार करोड़ तो करना था। कर्नाटक में चुनाव हुआ, पंजाब में चुनाव हुआ। मैंने पंजाब में, कर्नाटक में ऐसे ही स्टेज से पंजाब के किसानों से और कर्नाटक के किसानों से वायदा किया। 

मैंने कहा, देखिए, अगर नरेन्द्र मोदी चार साल के अंदर, साढ़े चार साल के अंदर तीन लाख पचास हजार करोड़ रुपया सबसे अमीर 15 लोगों का कर्जा माफ कर सकता है, किसान का वो एक रुपया माफ नहीं करता है, तो कांग्रेस पार्टी की सरकार जैसे ही पंजाब में आएगी कर्जा माफ करके दिखा देगी। कर्नाटक में जैसे ही कांग्रेस पार्टी की सरकार आएगी कर्जा माफ करके दिखा देंगे। अब जाईए पंजाब में किसी से पूछ लीजिए, कर्नाटक में पूछ लीजिए, कर्जा माफ हुआ, हाँ या ना, बता देंगे आपको।

मैं छत्तीसगढ़ के किसान से इसी स्टेज से कहना चाहता हूँ, चाहे और कुछ हो जाए, मैं झूठे वायदे नहीं करता हूँ, मैं 15 लाख की बात नहीं करुँगा, मगर छत्तीसगढ़ का किसान आप एक बात, मेरे दिल से एक बात सुन लो, चाहे कुछ भी हो जाए, आसमान ऊपर से गिर जाए, छत्तीसगढ़ में काग्रेस पार्टी के आने के दस दिन के अंदर किसान का कर्जा माफ होगा। क्यों होगा? ये कोई तोहफा नहीं दिया जा रहा है आपको, ये आपको तोहफा नहीं दिया जा रहा है। ये आपका हक है, आपको हम आपका हक देना चाहते हैं। आप दिनभर काम करते हो।

आप हिंदुस्तान में कहीं भी चले जाओ, किसी भी खेत में चले जाओ, चार बजे सुबह आप एक काम करो, देखो, आप चार बजे सुबह खेत में जाओ, आपको किसान खेत में दिखाई देगा, उसका पूरा परिवार खेत में दिखाई देगा। पानी मिले न मिले, बिजली मिले, न मिले, कुछ नहीं। हिंदुस्तान का किसान खेत में दिखाई देगा। आप हिंदुस्तान की शक्ति हो। मोदी जी ने लाल किले से बोला, 15 अगस्त को बोला, मेरे आने से पहले हाथी सो रहा था, मतलब मेरे प्रधानमंत्री बनने से पहले हिंदुस्तान सो रहा था। प्रधानमंत्री ये किसका अपमान कर रहे हैं? हिंदुस्तान का, किसान का, मजदूर का, छोटे दुकानदार का, युवाओं का और मैं छत्तीसगढ़ के किसान से कहना चाहता हूँ, देखिए, मैने कर्जा माफी की बात की, ये आपका हक है, मगर आपका एक और हक है।

आपकी जो सरकार हो, वो आपके साथ खड़ी मिले। आपको ये नहीं लगना चाहिए कि सरकार ने हमें उठाकर फेंक दिया; न, आपको ये लगना चाहिए कि ये जो मैं फावड़ा चला रहा हूँ, ये जो मेरे हाथ फट रहे हैं, छत्तीसगढ़ की सरकार इस फावड़े को चलाने में मेरी मदद कर रही है, ये दिल में होना चाहिए किसान के, तो मैं ये नहीं चाहता हूँ कि आपके लगे कि हाँ, भईया, किसान का कर्जा माफ हो गया और बात खत्म। ऐसा नहीं होगा, आपको हर लेवल पर, हर जगह छत्तीसगढ़ की सरकार मदद करेगी। चाहे वो बीज हो, चाहे वो खाद हो, चाहे वो पानी हो, चाहे वो बिजली हो, चाहे वो आपकी उपज बेचने की बात हो, आपको लगेगा कि ये जो नई सरकार आई है, ये खेत में और हमारी हर मुश्किल में हमारे साथ खड़ी है। बारिश होती है, ये दिखाई देती है।

ओला गिरता है, ये हमारे साथ खड़ी हो जाती है। हम फावड़ा चलाते हैं, तो ये हमारे साथ खड़ी हो जाती है। हम बीज डालते हैं, सरकार हमारे साथ खड़ी है, तो हम आपको पूरी मदद करेंगे। प्रदेश के हर डिस्ट्रिक्ट में फूड प्रोसेसिंग प्लांट सरकार लगाएगी। आपके खेत के पास, 30 किलोमीटर दूर नहीं, 50 किलोमीटर दूर नहीं, पास, फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगेगा। उसमें आपके बच्चे, गाँव के युवा काम करेंगे। चाहे वो आपकी सब्जी हो, आपके खेत का फल हो, चावल हो, गेहूँ हो. उसको आप कम से कम दाम में नहीं बेचोगे, दवाब में नहीं बेचोगे। पूरी शान के साथ हिंदुस्तान के किसान बनकर आप फूड प्रोसेसिंग प्लांट में जाओगे और कहोगे, ये लो, मैने हिंदुस्तान के लिए ये तैयार किया है और मुझे सही दाम दो और फूड प्रोसेसिंग प्लांट में आपको सही दाम मिलेगा और छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

आपने अपने आप से पूछा होगा, ये जो चिप्स का पैकेट है, इसमें एक आलू होता है, कितने का बिकता है ये आजकल? चिप्स का पैकेट कितने का होता है? 20 रुपए। आपने पूछा होगा, भईया, हमारा आलू इसमे जाता है और बीस रुपए में बिकता है। मैं चाहता हूँ कि उस बीस रुपए में से आपको भी थोड़ा सा पैसा मिले, आपको भी लगे कि हाँ, मैं अपना चिप्स खा रहा हूँ और चिप्स के पैकेट में से मुझे भी थोड़ा फायदा हुआ। सरकार आएगी तो आपको लगेगा, कर्जा माफी तो शुरुआत है। आपको लगेगा कि छत्तीसगढ़ की सरकार हमारे साथ खड़ी हुई है, हमारी लड़ाई में हमारे साथ खड़ी हुई है।

बच्चा बीमार होता है, घर में कोई बीमार होता है, खेत में से आपकी आमदनी नहीं निकलती। आज के छत्तीसगढ़ में आप अपने परिवार के व्यक्ति को अस्पताल ले जाते हो और आपको बताया जाता है, पहले आप 10 लाख रुपए दो, तब आपका ऑपरेशन होगा, 15 लाख रुपए दो, तब आपका ऑपरेशन होगा। अच्छा, एमआरआई कराना है, चलो हजारों रुपए निकालो। कहाँ से लाएगा किसान ये पैसा? तो छत्तीसगढ़ की सरकार, सरकारी अस्पतालों में, सरकारी कॉलेजेज और यूनीवर्सिटीज में छत्तीसगढ़ का पैसा आपके लिए डालेगी और जब कांग्रेस की सरकार यहाँ होगी तो आप खुशी से अस्पताल में जाओगे, कम से कम पैसा देकर आप अपना इलाज कराओगे और यही हम शिक्षा में करना चाहते हैं।

आज गरीब व्यक्ति को, अगर अपने बच्चे को कॉलेज, यूनीवर्सिटी में भेजना है तो 10-15 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं। किसान के पास ये पैसा नहीं है। तो हम हाई क्वालिटी के सरकारी यूनीवर्सिटीज, कॉलेजेज खोलेंगे, जहाँ छत्तीसगढ़ के किसान के बेटे-बेटियाँ इंजीनियरिंग सीखें, डॉक्टर बनें, लॉयर बनें, ऐसा छत्तीसगढ़ हम चाहते हैं और अब ये आने वाला है।

बहुत भ्रष्टाचार हुआ 15 साल में। पूरा छत्तीसगढ़ जानता है। आदिवासियों से जमीन छीन ली जाती है, किसानों से जमीन छीन ली जाती है, पूछा तक नहीं जाता है। आपकी जमीन की रक्षा करने के लिए, आदिवासियों की जमीन की रक्षा करने के लिए हम यूपीए सरकार में ऐसा कानून लाए थे, ट्राईबल बिल लाए, जमीन अधिग्रहण बिल लाए। छत्तीसगढ़ में, बाकी प्रदेशों में सब कानून खत्म कर दिए गए हैं। इन सब कानूनों को हम लागू करेंगे और जब आपकी जमीन ली जाएगी, आपसे पूछकर ली जाएगी और अगर आप जमीन दोगे तो मार्केट रेट से चार गुना ज्यादा पैसा आपकी जेब में जाएगा।

कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं से मैं कहना चाहता हूँ, चुनाव का समय है, आपके ऊपर से, पैराशूट से किसी कैंडिडेट को यहाँ टिकट नहीं मिलने वाला है। आप लड़े हो, आपने कुर्बानी दी है, आपने लाठी खाई है, आपने मार खाई है, हम आपके साथ खड़े हैं, वही कैंडिडेट लडेंगे जिनको कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता चाहता है और जिसने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता की रक्षा की है।

आखिरी बात, पोलिंग बूथ पर लड़िए, आप शेर हो, बब्बर शेर हो, बीजेपी-आरएसएस को दिखाओ, कांग्रेस पार्टी क्या है? सबको जोड़ने की विचारधारा है, भाईचारे और प्यार की विचारधारा है, हम देश को नहीं तोड़ते हैं, हम सबको एक साथ लाते हैं।

Donate to Janchowk
प्रिय पाठक, जनचौक चलता रहे और आपको इसी तरह से खबरें मिलती रहें। इसके लिए आप से आर्थिक मदद की दरकार है। नीचे दी गयी प्रक्रिया के जरिये 100, 200 और 500 से लेकर इच्छा मुताबिक कोई भी राशि देकर इस काम को कर सकते हैं-संपादक.

Donate Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *