मंत्री तुलसी सिलावट के यहां से चल रहा था रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी का काम

“मंत्री तुलसी सिलावट के यहां से ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी का पूरा काम चल रहा था।” – ये बातें इंदौर में कोर्ट पर पेशी के दौरान रिमांड पर लिए गए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गाडरिया के ड्राइवर पुनीत अग्रवाल ने पत्रकारों को वीडियो इंटरव्यू में बताया है। 

रेमडेसिविर की कालाबाजारी में मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी के ड्राइवर के नाम का खुलासा आरोपी पुनीत अग्रवाल ने किया है। पुनीत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पूर्णिमा गडरिया के ड्राइवर है और उसे इंदौर पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। पुनीत अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसे रेमडेसिविर इंजेक्शन मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी का ड्राइवर देता था। पुनीत ने बताया है कि उसका दोस्त मंत्री जी की पत्नी का ड्राइवर है। वही उसे 14 हजार रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन लाकर देता था। पुनीत इस इंजेक्शन को 15 हजार रुपये में बेचता था। पुनीत जिस इंजेक्शन के साथ पकड़ा गया है, वह एक पुलिसकर्मी ललित शर्मा को ही देने वाला था।

विजय नगर पुलिस थाने के उस आरक्षक और नगर सैनिक को सस्पेंड कर दिया गया है जिनकी मौजूदगी में गिरफ्तार ड्राइवर पुनीत अग्रवाल ने मंत्री तुलसी सिलावट की पोल खोलने वाला बयान दिया था। लेकिन आरक्षक व नगर सैनिक ने मौके पर मौजूद होने के बावजूद न तो पुनीत अग्रवाल को बयान देने से रोका और ना ही मीडिया को रोका।

पुनीत अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि उसने गोविंद राजपूत के माध्यम से कई लोगों की मदद की है। जिसे भी इंजेक्शन चाहिए होता था उसके डॉक्यूमेंट व्हाट्सएप पर मंगवा कर गोविंद राजपूत को भेज देता था। मरीज को सीधे अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए जाते थे। पुनीत अग्रवाल से जब पूछा गया कि उसके साथ नहीं, ड्राइवर गोविंद राजपूत के पास इंजेक्शन कहां से आते थे तो उसने बताया कि गोविंद राजपूत मंत्री तुलसी सिलावट के यहां ड्राइवर है। सारा काम उन्हीं के यहां से चल रहा था। उसने कई लोगों को दिलवाए, मैं भी वहीं से लाया था।

पुलिस ने ड्राइवर गोविंद राजपूत को राउंडअप नहीं किया है जबकि गिरफ्तार पुनीत अग्रवाल को रिमांड पर ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि गोविंद राजपूत से भी पूछताछ की जाएगी।

वहीं अपना नाम आने के बाद मध्यप्रदेश सरकार में! मंत्री तुलसी सिलावट का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और विधिवत कार्रवाई होनी चाहिए। पता लगाया जाना चाहिए कि गोविंद राजपूत को इंजेक्शन कहां से मिल रहे थे।

इससे पहले कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के बेटे चिंटू सिलावट पर रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी का आरोप लगाया था। इस मामले में चिंटू सिलावट ने शुक्ला पर मानहानि का मुक़दमा किया है। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने बुधवार को कहा कि इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर पुनीत अग्रवाल ने वही बातें कही हैं, जो आरोप वे पहले लगा चुके हैं। उन्होंने सिलावट को तत्काल मंत्री पद से हटाने की मांग की है।

This post was last modified on May 20, 2021 1:24 pm

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