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‘मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के टैक्स से कमाए 3,46,000 करोड़ रुपये, इस साल अवाम से वसूलेंगे चार लाख करोड़’

“ईंधन-टैक्स-जीवी मोदी सरकार देश की जनता के लिए अभिशाप बन गई है। पेट्रोल-डीजल-टैक्स-जीवी मोदी सरकार देश की जनता के लिए अब एक भयभीत करने वाले भूत की तरह है। 32 रुपये/लीटर की लागत वाले पेट्रोल को 90 से 100 रुपये/लीटर में बेचकर मई 2014 से अब तक पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाकर मोदी सरकार ने 21 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की लूट इस देश की जनता से की है।” उपरोक्त बातें आज एक प्रेस कान्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहीं।

इतना ही नहीं सत्ता में आने के बाद लगातार देश के संस्थानों, सड़कों, स्टेशनों, जिलों, शहरों, लोकतंत्र की शब्दावलियों का नाम बदलने वाली भाजपा का नाम बदलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा का नया नाम अब हो गया है– ‘भयंकर जनलूट पार्टी’। 11 दिन से लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मई 2019 में दूसरा कार्यकाल संभालने से आज तक पेट्रोल की कीमतों में 15 रुपये 21 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 15 रुपया 33 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। मई 2019 से अब तक 200 बार के करीब कीमतें बढ़ाई गई हैं।

मोदी सरकार दोनों हाथों से जनता को लूट रही है और जेब पर डाका डाल रही है। एक ओर महंगाई की मार है दूसरी ओर पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों में भरमार है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 100 के पार और डीजल 90 के पार हो गया है, इसीलिए आम जनमानुष अब नारा दे रहा है- ‘हम दो, हमारे दो, डीजल नब्बे, पेट्रोल सौ।’

रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कान्फ्रेंस में आगे कहा, “शर्मानक बात ये है कि डीजल और पेट्रोल पर टैक्स पर टैक्स लगाकर लूट करने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी इसका आरोप भी कांग्रेस पार्टी पर मढ़कर अपना पिंड छुड़वाना चाहते हैं, इसलिए आज देश के समक्ष हम पूरी सच्चाई कागजात समेत रख रहे हैं। 26 मई 2014 को जब कांग्रेस यूपीए की सरकार गई और मोदी प्रधानमंत्री बने तो कच्चे तेल की कीमत थी 108 डॉलर प्रति बैरल। ये 26 मई 2014 के पीआईबी की प्रेस रिलीज में है। 19 फरवरी 2021 को कच्चे तेल की कीमत है 63.65 डॉलर प्रति बैरल।

ये भारत सरकार की तेल कंपनियों के कागजात में है। इसके बावजूद कि 26 मई 2014 को जब कच्चे तेल की कीमत 108 रुपये प्रति बैरल थी पेट्रोल का दाम था 71.51 रुपये प्रति लीटर। और आज जब कच्चा तेल की कीमत घटकर 63 डॉलर प्रति बैरल हो गया तो पेट्रोल की कीमत दिल्ली में है 90.19 पैसे और बाकी देश में करीब 100 रुपये प्रति लीटर। यानी आज कच्चे तेल की कीमत 41 प्रतिशत कम हो गई और पेट्रोल की कीमत 26 प्रतिशत बढ़ गई। ये सच्चाई है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि खुद भारत सरकार मानती है कि आज के दिन पेट्रोल की एक्चुअल कीमत 32.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल की लागत है 33.46 रुपये प्रति लीटर है। मोदी जी 32 रुपये की लागत वाला पेट्रोल आप 90 और 100 रुपये में क्यों बेच रहे हो। 33 रुपये की लागत वाला डीजल आप 80 और 90 रुपये प्रति लीटर में क्यों बेच रहे हो। इसका कारण साफ है, क्योंकि मोदी सरकार ने डीजल पर 820% एक्साइज ड्युटी लगाई है, और पेट्रोल पर 258% एक्साइज ड्युटी अतिरिक्त लगाकर जनता की जेब पर डाका डाला है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “चौंकाने वाली बात ये है कि मई 2014 से फरवरी 2021 के बीच में ये 820 प्रतिशत और 258 प्रतिशत जो अतिरिक्त एक्साइज ड्युटी नरेंद्र मोदी ने बढ़ाई है, इससे उन्होंने कुल पैसा इस देश के आम जनमानस नौकरीपेशा, मिडिस क्लास किसान-गरीब स्कूटर-ट्रैक्टर चलाने वाले कार चलाने वाले आम जनमानस से जो वसूला है वो है 21 लाख 50 हजार करोड़ रुपये हैं। अकेले 2019-20 वित्त वर्ष में, और ये बजट का डेटा है। मोदी सरकार ने लिखा है कि ये जो वित्त वर्ष खत्म हुआ उसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल से टैक्स से अकेले 3,46,000 करोड़ रुपये कमाए, और उनका ये अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के अंदर इस देश के 130 करोड़ लोगों की जेब से 4 लाख करोड़ रुपये और निकालेंगे।”

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This post was last modified on February 20, 2021 10:14 pm

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