Tuesday, March 5, 2024

पैसे के लिए विदेशों में ‘राजनीतिक शरण’ दिलवाते हैं सांसद सिमरनजीत सिंह मान

पंजाब के संगरूर से सांसद और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के सर्वेसर्वा सिमरनजीत सिंह मान का विवादों से पुराना नाता है। वह पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं। खुलकर अलहदा देश खालिस्तान के समर्थक हैं और अमृतपाल सिंह खालसा को उनकी खुली शह हासिल है। देशभर में अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है और मान ने लगातार बयानबाजी की है कि उसे पाकिस्तान चले जाना चाहिए। अब सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने बाकायदा कैमरे के आगे स्वीकार किया है कि वह पैसे लेकर पंजाब के बाशिंदों को विदेशों में ‘सियासी शरण’ दिलाने के लिए पत्र जारी करते हैं।

सूबे के लोग इससे अनजान नहीं थे लेकिन मान पहले कभी खुलकर इस बाबत नहीं बोले। एक वेब चैनल को दिए इंटरव्यू में सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि वह अब तक पचास हजार लोगों को अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी जाकर बस चुके लोगों के लिए ऐसे पत्र जारी कर चुके हैं। सांसद का कहना है कि ऐसे एक पत्र के ऐवज में वह 35 हजार रुपये लेते हैं। वह कहते हैं कि क्या मुझे पार्टी नहीं चलानी? इसमें गलत क्या है? मेरे प्रतिद्वंदी भी तो अपने-अपने दल चलाने के लिए पैसा लेते हैं, मैंने यह तरीका अख्तियार किया हुआ है।

जिक्रेखास है कि तीन बार के सांसद सिमरजत सिंह मान यह काम (क्यों न इसे धंधा कहा जाए?) बीते तीन दशक से कर रहे हैं और समूचा पंजाब इससे वाकिफ है। वह किसी व्यक्ति को राजनीतिक शरण दिलवाने के लिए जो पत्र अपने लेटरहेड से जारी करते हैं उसमें लिखा होता है कि संबंधित व्यक्ति को पंजाब और केंद्र सरकार खालिस्तान का समर्थन करने की वजह से तंग कर रही है। उसकी जान को खतरा हो सकता है। लिहाजा उसे सियासी शरण दी जाए। वह दो बार पहले सांसद रह चुके हैं और 2022 में फिर बने। इसलिए भी उनके ऐसे पत्र पर ज्यादातर लोगों को ‘विदेशी शरण’ मिल जाती है। 

सांसद सिमरनजीत सिंह मान द्वारा जारी पत्र

बता दें कि आतंकवाद के काले दौर में कई आतंकवादियों को अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी आदि देशों में राजनीतिक शरण मिली थी। इन आतंकवादियों ने शरण के लिए पत्र जारी करवाए थे। वही लोग अब विदेशों में बैठकर अलगाववाद को हवा देते हुए भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों को भारत सरकार की ओर से ‘काली सूची’ में रखा गया है। 

सूत्रों के मुताबिक सांसद सिमरनजीत सिंह मान या उनका शिरोमणी अकाली दल अमृतसर सिर्फ 35 हजार रुपये लेकर पत्र नहीं जारी करता बल्कि ज्यादा रकम वसूली जाती है। मान के विदेशी संपर्कों का भी फायदा पत्र जारी करवाने वाले को यकीनन मिलता है और संपर्कों को भी।

सांसद सिमरनजीत सिंह मान द्वारा जारी पत्रों के अंश

सिमरनजीत सिंह मान बीते कुछ महीनों से इसलिए भी विवादों में रहे कि उन्होंने शहीद भगत सिंह को ‘आतंकवादी’ बताया था। फिर उन्होंने पंजाब में नए सिरे से आग लगाने की साजिश रचने वाले ‘वारिस पंजाब दे’ के मुखिया अमृतपाल सिंह खालसा को खड़ा करने में महती भूमिका अदा की। जब अमृतपाल ने संत जरनैल सिंह भिंडारांवाला के गांव रोडे में अमृतपान किया तो उस वक्त सिमरनजीत सिंह मान मौके पर मौजूद थे।

सिमरनजीत सिंह मान ने अमृतपाल सिंह की हर कारगुजारी का समर्थन किया। ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया अब फरार है। ऑपरेशन अमृतपाल सिंह खालसा के बाद सिमरनजीत सिंह मान ने लगातार बयानबाजी की कि वह सही है और उसकी अलगाववादी सोच भी। उसे किसी तरह यह देश छोड़कर पाकिस्तान चला जाना चाहिए। 

सांसद सिमरनजीत सिंह मान की पैसे लेकर विदेशों में राजनीतिक शरण के लिए पत्र जारी करने की स्वीकारोक्ति के बाद इस पत्रकार ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। इन पंक्तियों के लिखने तक कोई भी खुलकर इस प्रकरण पर कुछ नहीं कहना चाहता। फिलवक्त राज्य सरकार खामोश है और केंद्र में सत्तासीन भाजपा के स्थानीय नेता भी। एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के मुखिया मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए।

(पंजाब से वरिष्ठ पत्रकार अमरीक की रिपोर्ट)

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