Mon. Nov 18th, 2019

दर-दर की ठोकरें खाती फिर रही है बलात्कार पीड़ित उज्बेक महिला, मुंबई पुलिस कमिश्नर को दी आत्महत्या की धमकी

1 min read
पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के सामनेे धरने पर बैठी उज्बेक महिला।

नई दिल्ली/मुंबई। मुंबई में एक उज्बेक रेप पीड़िता न्याय की गुहार लेकर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गयी है। उसने कहा है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह खुदकुशी कर लेगी और उसकी पूरी जिम्मेदारी मुंबई पुलिस कमिश्नर की होगी।

पीड़िता ने अपने गले में एक प्लेकार्ड लटका रखा था जिसमें लिखा गया था कि “मैं उज्बेकिस्तानी महिला हूं और पुलिस इंस्पेक्टर के हाथों बलात्कार पीड़िता हूं। मैं मुंबई पुलिस कमिश्नर से न्याय चाहती हूं। अगर न्याय नहीं पाती तो मैं खुदकुशी कर लूंगी और उसके लिए मुंबई के पुलिस कमिश्नर जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया आरोपी को गिरफ्तार करिए और आरोपी द्वारा अंजाम दिए गए हत्या के मामलों के रहस्य का खुलासा करिए।”

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर Janchowk Android App

इस उज्बेक महिला ने पुलिस इंस्पेक्टर अनिल जाधव पर बलात्कार का आरोप लगाया है। यह घटना उस समय हुई थी जब जाधव पुणे स्थित पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस स्टेशन में तैनात था। महिला की जाधव से 2004 में एक पासपोर्ट बनाने के मामले में मुलाकात हुई थी। महिला के वीजा को विस्तारित करने का भरोसा दिलाकर इंस्पेक्टर ने उसका पासपोर्ट अपने पास रख लिया था। अपनी शिकायत में महिला ने कहा है कि जाधव ने नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बलात्कार किया। उसका दावा है कि उसने उससे शादी का वादा किया था। महिला की मानें तो जाधव ने उससे दो बार गर्भपात के लिए मजबूर किया। इसके अलावा दोनों से एक पांच साल का बेटा भी है।

फार्महाउस पर पहुंची पुलिस टीम।

उज्बेक महिला ने जाधव पर दो लोगों की हत्या करने का आरोप भी लगाया है। पीड़ित महिला के वकील नितिन सतपुते ने बताया कि मामले की जांच कर रही जांच अफसर मनीषा शिरके जब पीड़िता के साथ जाधव के गांव पहुंची जहां युवक की हत्या की गयी थी, तो आरोपी के घर वालों ने उन्हें फार्महाउस के भीतर नहीं घुसने दिया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने पुलिस टीम का विरोध करने के लिए अपने परिजनों को लगा दिया था। पीड़िता का कहना है कि जांच अफसर शिरके भी लगातार आरोपी के संपर्क में हैं और उसे हर तरह की सूचना मुहैया करा रही हैं।

उन्होंने शिरके पर पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप लगाया। पीड़िता का कहना है कि गांव के पूर्व सरपंच को हत्या के पूरे मामले की जानकारी है लेकिन पुलिस उससे कोई पूछताछ नहीं कर रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उसे आरोपी को बचाना है। उसका कहना है कि आईओ केवल उससे पूछताछ कर रही हैं। और इसके साथ ही वह इस नतीजे पर पहुंच गयीं कि पीड़िता ने झूठी रिपोर्ट दर्ज करायी है। पीड़िता का कहना है कि आईओ लगातार आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही हैं। लिहाजा उसने डीसीपी और एडिशनल सीपी से जांच अफसर को बदलने की गुजारिश की है। लेकिन अभी तक उसकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

दिलचस्प बात यह है कि इतने आरोपों के बाद भी अभी तक इंस्पेक्टर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। जबकि सेशन अदालत से आरोपी की जमानत पूर्व याचिका खारिज हो चुकी है। आपको बता दें कि आरोपी अनिल जाधव के खिलाफ चेंबुर पुलिस स्टेशन में बलात्कार, अप्राकृतिक सेक्स, धमकी औ ब्लैकमेलिंग की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। 38 वर्षीय पीड़िता को आरोपी के खिलाफ दायर इस एफआईआर को भी दर्ज कराने में बहुत पापड़ बेलने पड़े। शुरू में उसने चेंबुर पुलिस स्टेशन के कई चक्कर लगाए लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बाद में ऊपरी अफसरों के निर्देश पर आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

Donate to Janchowk
प्रिय पाठक, जनचौक चलता रहे और आपको इसी तरह से खबरें मिलती रहें। इसके लिए आप से आर्थिक मदद की दरकार है। नीचे दी गयी प्रक्रिया के जरिये 100, 200 और 500 से लेकर इच्छा मुताबिक कोई भी राशि देकर इस काम को आप कर सकते हैं-संपादक।

Donate Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *