Subscribe for notification

पाकिस्तान ने खोला करतारपुर गलियारा, मोदी की एक और कूटनीतिक हार!

पाकिस्तान ने भारत के एतराज तथा असहमति के बावजूद करतारपुर गलियारा 104 दिनों के बाद फिर खोल दिया है। 29 जून को पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से करीब 60 श्रद्धालु वहां गए। अलबत्ता भारत की ओर से कोई नहीं गया। कोरोना वायरस के मद्देनजर भारत ने पंजाब के गुरदासपुर जिले के बाबा बकाला रास्ते से होकर जाने वाला मार्ग अनिश्चितकाल के लिए बंद किया हुआ है। गलियारा शुरू होने से पहले भारत-पाक के बीच बाकायदा उच्चस्तरीय संधि हुई थी कि आपात स्थितियों में गलियारा बंद करने और पुनः खोलने के लिए दोनों देश सचिव स्तर पर विमर्श-वार्ता करेंगे।

एक-दूसरे को कम से कम सात दिन पहले सूचित किया जाएगा। लेकिन पाकिस्तान ने इस संधि कि खुली अवहेलना और उल्लंघन करते हुए 27 जून को  एकतरफा घोषणा कर दी कि वह 29 जून को श्री करतारपुर साहिब गलियारा श्रद्धालुओं के लिए खोल देगा। इस पर भारत सरकार की आपत्ति की न सिर्फ घोर उपेक्षा की बल्कि कोई जवाब तक नहीं दिया। भारत के लिए यह बहुत संवेदनशील मामला है। पाकिस्तान के अपने तौर पर करतारपुर गलियारा खोल देने से भारत-पाक संबंध तो नए मोड़ पर आ ही गए हैं, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और कूटनीतिक हार भी है।                                                 

गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर करतारपुर कॉरिडोर नवंबर 2019 को खोला गया था। याद करना प्रासंगिक होगा कि तब भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने क्या कहा था? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा था कि गलियारा खुलना जर्मन की दीवार गिरने सरीखी ऐतिहासिक बड़ी घटना है। उन्होंने कहा था कि करतारपुर गलियारा धार्मिक भावनाओं तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंधों की पुख्ता बुनियाद भी बनेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी लगभग ऐसा ही कुछ बोले थे। हाल-फिलहाल तक नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित समूची भाजपा लीडरशिप श्रेय लेती रही है कि गलियारा मौजूदा केंद्रीय सरकार की पहलकदमी पर खुला और समूची व्यवस्था पर उसकी ‘नियंत्रण नीति’ हावी है। पंजाब भाजपा अपने प्रमुख सहयोगी शिरोमणि अकाली दल को आए दिन जताती रहती है कि नरेंद्र मोदी ने करतारपुर कॉरीडोर खुलवाया। लेकिन अब?

पाकिस्तान ने इस मानिंद आनन-फानन में गलियारा खोलकर सब कुछ तार-तार कर दिया है। सोशल मीडिया पर पंजाब, देश और विदेश में रहने वाले कट्टरपंथी सिख संगठनों के कारकून चार दिन में ही जबरदस्त सक्रिय हो गए हैं कि पाकिस्तान ने गलियारा खोलकर अच्छा किया है और भारत को भी अपनी तरफ से रास्ता खोल देना चाहिए। तय नीति के साथ यह सब किया जा रहा है। कोविड-19 के नागवार हालात पाकिस्तान में भारत से भी ज्यादा संगीन हैं। भारत में किसी भी किस्म के धार्मिक समागम और यात्रा पर प्रतिबंध है। ऐसे में अपने तमाम तईं कॉरिडोर खोलकर पाक ने भारत को यकीनन नई दिक्कत के हवाले किया है।         

जगजाहिर है कि लद्दाख में चीन द्वारा भारतीय सैनिकों की वहशियाना हत्या के बाद भारत विरोधी विदेशी ताकतें नए सिरे से लामबंद हो रही हैं। चीन की पाकिस्तान से नजदीकियां दिन-प्रतिदिन और ज्यादा गहरी हो रही हैं। खालिस्तानियों से भी चीन ने अपने रिश्ते बढ़ाएं हैं। पंजाब की अमृतसर और फिरोजपुर सीमा पर रोज नशीले पदार्थों की तगड़ी तस्करी खेप बरामद हो रही है। सीमा सुरक्षा बल और काउंटर इंटेलिजेंस के पास बेशुमार सुबूत हैं कि पाकिस्तान सिख आतंकियों और सीमा के इर्द-गिर्द के स्थानीय छोटे-बड़े तस्करों के साथ-साथ अब पंजाब के गैंगस्टरों को भी जमकर शह दे रहा है। विभिन्न स्रोतों से उन्हें हथियार और पैसा सीमा पार से भेजा जाता है। सूबे में बीते दिनों हुईं कुछ गिरफ्तारियों से यह भी फाश हुआ कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में गड़बड़ी के लिए पंजाब का इस्तेमाल कर रहा है। गिरफ्तार लोगों से हथियार मिले थे, जिनकी सप्लाई कश्मीर में होनी थी।

कुछ पाकिस्तानी सिखों ने कहा है कि भारत श्री करतारपुर साहिब गलियारे की ओर जाने वाला रास्ता खोले। पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (जो आईएसआई के इशारे पर चलती है) के साथ-साथ श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ने भी बाकायदा बयान जारी करके यह मांग की है। विशेषज्ञ इसे एक ‘कूटनीतिक दबाव’ के तौर पर देखते हैं।

(पंजाब से वरिष्ठ पत्रकार अमरीक सिंह की रिपोर्ट।)

Leave a Comment
Disqus Comments Loading...
Share
Published by

Recent Posts

‘सरकार को हठधर्मिता छोड़ किसानों का दर्द सुनना पड़ेगा’

जुलाना/जींद। पूर्व विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने जुलाना में कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक को संबोधित…

27 mins ago

भगत सिंह जन्मदिवस पर विशेष: क्या अंग्रेजों की असेंबली की तरह व्यवहार करने लगी है संसद?

(आज देश सचमुच में वहीं आकर खड़ा हो गया है जिसकी कभी शहीद-ए-आजम भगत सिंह…

1 hour ago

हरियाणा में भी खट्टर सरकार पर खतरे के बादल, उप मुख्यमंत्री चौटाला पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा

गुड़गांव। रविवार को संसद द्वारा पारित कृषि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ…

2 hours ago

छत्तीसगढ़ः पत्रकार पर हमले के खिलाफ मीडियाकर्मियों ने दिया धरना, दो अक्टूबर को सीएम हाउस के घेराव की चेतावनी

कांकेर। थाने के सामने वरिष्ठ पत्रकार से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है।…

4 hours ago

किसानों के पक्ष में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू हिरासत में, सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता नजरबंद

लखनऊ। यूपी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को हिरासत में लेने के…

4 hours ago