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नहीं थम रही महिलाओं के साथ बर्बरता! बदचलनी का आरोप लगाकर बोकारो में एक महिला को निर्वस्त्र घुमाया

बोकारो। ’औरत तेरी यही कहानी……..

आज इक्कीसवीं सदी में यह कविता कुछ बेमानी सी लगती है। लेकिन आज भी जब हम अपने इर्द-गिर्द के सामाजिक परिदृष्य पर नजर दौड़ाते हैं, तो हम इस कविता की पंक्ति को काफी हद तक प्रासंगिक पाते हैं। यह पंक्ति आज भी हमारे इस डिजिटल समाज को आईना दिखाती नजर आती है। तब सवाल खड़ा होता है कि नये डिजिटल समाज में इस कविता को हम क्यों नहीं अप्रासंगिकता बना सके। हमें लगता है परिस्थितियाँ बदली नहीं बल्कि और भी अधिक भयंकर हो गई हैं। आज की नारी और भी अधिक शोषित-पीड़ित है। बदला है तो बस शोषण करने का तरीका।

उपर्युक्त पंक्तियों को समझने के लिए हमें आए दिन औरतों के खिलाफ हो रही हिंसा की घटनाओं की शिनाख्त करनी होगी। इसी कड़ी में गत 22 मई को झारखंड के बोकारो में हमारे समाज को शर्मसार करने वाली एक बेहद अमानवीय घटना सामने आई। हमारे तथाकथित सभ्य समाज ने एक महिला पर चरित्र हीनता का आरोप लगाकर उसे अर्धनग्न करके, उसके बाल काटकर एवं मुंह पर कालिख पोत कर पूरे पंचायत में घुमाया है।

खबर के मुताबिक बोकारो जिले के पेटरवार थाना अंतर्गत चांपी पंचायत की 35 वर्षीय इस महिला पर चरित्रहीनता का आरोप लगाकर उसे अर्धनग्न करके, उसके बाल काटकर, उसके मुंह पर कालिख पोत कर एवं उसके गले में चप्पल-जूते का माला पहना कर पूरे पंचायत में घुमाया गया और हमारा सभ्य समाज तमाशबीन की तरह तमाशा देखता रहा। इस घटना का सबसे संवेदित करने वाला पहलू यह है कि हमारे इस तथाकथित सभ्य समाज के पुरुषों ने पीड़ित महिला की इस प्रताड़ना में महिलाओं का ही इस्तेमाल किया है और खुद तमाशा देखता रहा। दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण के खतरों की बिना परवाह किए सोशल डिस्टेंसिंग के सरकारी फरमान का भी उल्लंघन किया गया है।

चांपी पंचायत की मुखिया श्रीराम हेम्ब्रम ने बताया है कि 21 मई की शाम पीड़ित महिला पर एक महिला ने अपने पति के साथ अवैध संबंध का आरोप लगाते हुए मारपीट की थी। जिसको लेकर पीड़िता ने 22 मई को सुबह अपने पति, देवर व सास के साथ तेनुघाट ओपी जाकर शिकायत दर्ज कराई थी। मगर पुलिस ने इस मामले को अनसुना कर दिया था। महिला जब शिकायत कराकर वापस गांव लौटी तो शाम को स्थानीय महिला समिति में शामिल महिलाओं ने उक्त महिला को जबरन घर से बाहर निकाला और हाथ रस्सी से बांधकर उसके बाल काट डाले।

उसके बाद चेहरे पर कालिख पोतकर और चप्पलों की माला पहनाकर एवं अर्धनग्न करके पूरे गांव में उसे घुमाया। उस दौरान गांव के पुरुष तमाशबीन बने रहे। इसकी सूचना मिलने पर भी स्थानीय पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। लेकिन कुछ लोगों द्वारा उक्त घटना का वीडियो वायरल किए जाने पर पुलिस के आला अधिकारी मामले को तुरंत संज्ञान में लिए और आनन-फानन में पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर उस महिला को अन्य महिलाओं के चंगुल से छुड़ाया।

बताते चलें कि बेरमो अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत तेनुघाट ओपी के चांपी में 22 मई की रात लगभग 8 बजे एक 35 वर्षीय महिला को बदचलन का आरोप लगाते हुए गांव की कई महिलाओं ने मिलकर पीड़ित महिला की पिटाई करते हुए अर्द्धनग्न अवस्था में गांव में घुमाया। इससे पहले सभी महिलाओं ने पीड़ित महिला के घर जाकर उसे घर से बाहर निकाल कर उसके दोनों हाथों को रस्सी से बांध कर उसके बाल काटे और उसके मुंह पर कालिख लगाकर, चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया । इस दौरान महिलाएं उसे भद्दी-भद्दी गालियां भी देती रहीं। इस घटना को गांव की कई महिलाओं ने मिलकर अंजाम दिया। जबकि पुरुष वर्ग इस घटना में तमाशबीन बना रहा। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची तब महिला समिति की महिलाओं ने पुलिस बल पर हमला बोल दिया, जिससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा और विरोध का सामना करना पड़ा।

इस दौरान अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। इसके बाद बेरमो एसडीपीओ अंजनी अंजन ने गोमिया से महिला बल को भेजकर और खुद भी मौके पर पहुंच कर पीड़ित महिला को महिलाओं के चंगुल से छुड़ा कर थाना ले आए।  देर रात महिला को इलाज हेतु अनुमंडल हॉस्पिटल तेनुघाट भिजवाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। 23 मई को इस संबंध में पीड़िता के पति के बयान पर पेटरवार थाना में 32 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ कांड संख्या 86 /2020 में भादवि की धारा 354 बी, 188 ,147, 148, 149, 504 के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना के बाद से चांपी गांव पुलिस छावनी में तब्दील है। इस कार्यवाही में बेरमो एसडीपीओ अंजनी अंजन के नेतृत्व में जरीडीह इंस्पेक्टर मोहम्मद रुस्तम, पेटरवार थाना प्रभारी विपिन कुमार, गोमिया थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह, तेनुघाट ओपी प्रभारी विजय प्रसाद सिंह, सहित सैकड़ों पुलिस बल एवं महिला पुलिस बल शामिल थे।

घटना को पुलिस अधीक्षक बोकारो चंदन कुमार झा ने गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिये हैं। एसपी चंदन कुमार झा ने बताया कि ”उक्त महिला के खिलाफ मारपीट करने वाले लोगों पर पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। 32 लोगों के अलावा अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए तुरंत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। महिला के साथ हुई घटना पूरी तरह से अमानवीय है तथा इस तरह की घटना जिला प्रशासन द्वारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जल्द ही सभी चिन्हित लोगों को जो वीडियो में दिख रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, तथा स्पीड ट्रायल के माध्यम से सभी दोषियों को सजा दिलाने का कार्य किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि ”किसी भी समुदाय को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। महिला के प्रति अगर कोई शिकायत थी भी तो उक्त लोगों को पुलिस के माध्यम से समाधान करना चाहिए था, कानून को हाथ में लेकर उन्होंने बहुत बड़ा अपराध किया है अतः इन सभी दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही बोकारो पुलिस उन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजने का कार्य करेगी।”

इस अमानवीय घटना पर स्वतंत्र पत्रकार रुपेश कुमार सिंह कहते हैं कि ”यह पूरी घटना समाज में अंदर तक व्याप्त पितृसत्ता का ही एक खतरनाक रूप है। पितृसत्ता सिर्फ पुरुष में ही नहीं बल्कि महिलाओं में भी काफी पैठ बनायी हुई है, इस घटना से यही प्रतीत होता है। ‘मोरल पुलिसिंग’ को किसी भी सूरत में भीड़ के हाथों देना बहुत ही खतरनाक है। इस पूरी घटना में सरकार व पुलिस-प्रशासन की भी विफलता स्पष्ट रूप से सामने आई है, इसलिए इस तरह की वीभत्स घटना को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।”

(बोकारो से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on May 25, 2020 9:08 am

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