Saturday, October 1, 2022

बस्तर में इंद्रावती नदी पार स्थित 7 गांवों में 39 लोगों की मौत! अभी भी 50 से ज्यादा लोग बीमार

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बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में इंद्रावती नदी पार स्थित बीजापुर-नारायणपुर जिले के 7 गांवों में 39 लोगों की मौत हो गयी है। यह दावा खुद इलाके के ग्रामीणों ने किया है। ग्रामीणों ने बताया कि, इलाज के अभाव में पिछले 5 महीनों में एका-एक ग्रामीणों ने दम तोड़ा है। अब भी 50 से ज्यादा ग्रामीण बीमार हैं। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने मेडिकल टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया है।

दरअसल, इंद्रावती नदी पार बसे धुर नक्सल प्रभावित गांवों के ग्रामीण बीमारी की चपेट में हैं। 5 महीनों से इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा नहीं पहुंची है। बीमार ग्रामीण झाड़-फूंक के सहारे हैं। इस बीच इलाज के अभाव में दो जिलों के 7 गांवों के 39 लोगों ने दम तोड़ दिया है। जबकि अब भी 50 से ज्यादा लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन्होंने प्रशासन से गुहार लगायी है कि हम जिंदा रहना चाहते हैं, हमें बचा लीजिए।

इलाके के ग्रामीणों ने बताया कि, जो बीमार हैं उनकी चिंता सता रही है। बताया जा रहा है कि यह अजीम किस्म की बीमारी है जिसमें पिछले दो महीने में बुखार और उसके बाद हाथ-पांव फूल जाने के चलते ग्रामीण मौत के शिकार हो जा रहे हैं। लगातार हो रही मौतों से सभी चिंतित हैं। इलाज नहीं मिलने के कारण अपनों को खोता देख ग्रामीण भी बेबस और परेशान हैं।

इन गांवों में प्रशासन की पहुंच नहीं

इंद्रावती नदी पार स्थित ये बेहद संवेदनशील गांव हैं। नदी पार कर इन इलाकों में जाना होता है। इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। ग्रामीण बताते हैं, इन गांवों में शासन-प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचता है। 5 महीनों से ग्रामीण इलाज के लिए तरस रहे हैं। बारिश के दिनों में नदी उफान पर होने के कारण इलाज के लिए भी ये लोग बाहर नहीं जा पा रहे हैं। गांव में ही सिरहा-गुनिया के भरोसे हैं। ये पहली बार नहीं है, बल्कि सालों से ऐसा ही चला आ रहा है।

इन गांवों के इतने लोगों की हुई मौत

ग्रामीणों के बताए अजुसार बीजापुर जिले के मर्रामेटा के 12, पेंटा के 3, पीडियाकोट के 7, बड़े पल्ली के 7 और नारायणपुर जिले के रेकावाया के 10 ग्रामीणों की मौत हुई है। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। दो महीने के अंदर मर्रामेटा में – मुन्ना, सुशीला, लाखू वेको, सुकलु मड़काम, मोती पोयाम, बामोन, मडला, सान्नि, आनीस, नाड़गू, गुड्डी और सानको सोढ़ी की मौत हुई है। जबकि, पेंटा में तुली, पोडिया, सोमारी की मौत हुई। रेकावाया पंचायत में कोपा, सोमालु, लखान, भीमा, मंगू, मिटाकी, रामे, कुम्मा, कोटाली, बुधराम की मौत हुई है।

टीम गठित कर दी गई है: कलेक्टर

इधर, बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बताया कि नदी पार इलाकों में ग्रामीणों की मौत और बीमारी की सूचना मिली है। इन इलाकों के लिए टीम का गठन कर गांव भेजा जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि दो महीने से इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है और हमें पता नहीं चला। यह संदेहास्पद है। टीम जाकर आएगी, इसके बाद ही वस्तु स्थिति का पता चल सकेगा।

(बस्तर से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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