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पंजाब में ‘खेती बचाओ यात्रा’ पर राहुल, कहा- कांग्रेस सत्ता में आयी तो तीनों कृषि कानून भेजे जाएंगे कूड़ेदान में

आज पंजाब में राहुल गांधी की अगुवाई में तीन दिवसीय ‘खेती बचाओ यात्रा’ की शुरुआत की गयी। दोपहर 12 बजे के करीब सार्वजनिक सभा और हस्ताक्षर अभियान हुआ इसके ठीक बाद यानि दोपहर डेढ़ बजे बधनी कलां से जट्टपुरा तक ट्रैक्टर यात्रा निकाली गई।

कार्यक्रम में सुनील जाखड़, केसी वेणुगोपाल, हरीश रावत, मनदीप बादल, सुखविंदर सिंह रंधावा, गुरप्रीत कंगर, दीपेंदर हुड्डा, नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेता शामिल हुए।

अमेरिका यूरोप में फेल हो चुके सिस्टम को सरकार देश के किसानों पर क्यों थोप रही है

सार्वजनिक सभा में पहले वक्ता के तौर पर बोलते हुए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, “अमेरिका और यूरोप का फेल हो चुका सिस्टम हमारे यहां क्यों थोपा जा रहा है। इस देश को पूँजीपति चला रहे हैं। कार्पोरेट को ये इन्सेंटिव देती है और किसानों गरीबों को सब्सिडी का हक भी मार रहे हैं। पांच लाख करोड़ पूंजीपतिय़ों के हर साल सरकार माफ़ करती है।”

सिद्धू ने आगे कहा, “पंजाब के किसान खेत-खलिहान छोड़कर आज सड़कों पर उतर कर एमएसपी की लड़ाई लड़ रहे हैं। क्योंकि पंजाब के किसान इस देश के 80 करोड़ पेटों को भरते हैं। लाखों टन दाल आज सरकार बाहर से मंगा रही है क्यों मंगा रही है। हम अपने देश में नहीं उगा सकते क्या? लेकिन ये सरकार हमें दाल पर एमएसपी नहीं देती। 1 हजार अस्सी करोड़ का फूड सिक्योरिटी बिल, एसएसपी और खरीद की गारंटी कांग्रेस सरकार ने दी थी ये सरकार सब छीन रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी ने अपने पार्टी के शासन वाले सभी राज्यों को केंद्र सरकार के बनाए कृषि कानून को बेअसर करने के लिए संविधान में मिली शक्तियों (अनुच्छेद 254-2) का इस्तेमाल करके अपने राज्यों में विधानसभा से नया कानून बनाने को कहा है, क्योंकि कांग्रेस को किसानों की चिंता है।”

आखिर में सिद्धू ने कहा, “मोदी राज में पंजाब के जवान सीमा पर जान दे रहे हैं। लेकिन अब पंजाब के किसानों को पुलिस के डंडों से मरवाया जा रहा है। दलित बेटियों की गैंगरेप और हत्या के बाद रात-ओ-रात जला दिया जा रहा है।”

पंजाब देश का पेट भरने वाले किसानों का सूबा है, पूरे देश के पेट के लिए पंजाब को लड़ना पड़ रहा

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “केंद्र सरकार का ये कानून किसानों और पंजाब की हत्या करने वाला है। आज से 60 साल पहले देश भूखा था। अमेरिका से अनाज उधार लिया जाता था। फिर पंजाब के किसानों ने देश को अनाज संकट से उबारा। जिन पंजाबियों को ये नहीं पता था कि चावल क्या होता था उन्होंने सिर्फ़ चार साल में चावल उगाकर देश को दिया। पंजाब देश का केवल प्रतिशत जमीन है। लेकिन हम पूरे देश को अनाज दे रहे हैं”।

उन्होंने आगे कहा कि “आज स्थिति ये है कि पंजाब, हरियाणा समेत देश के तमाम किसानों को सड़कों पर लड़ना पड़ रहा है। सरकार इन्हें तोड़ने का पूरा प्रयास कर रही है, वायदे कर रही है ये करेंगे वो करेंगे लेकिन जब तक वो ये कानून नहीं बदलते हम मानने वाले नहीं हैं। संसद से जो कानून पास किया है वो जब तक बदलेंगे नहीं कोई फायदा नहीं है। ये सरकार किसानों को तरह-तरह से गुमराह कर रही है। पंजाब किसानी का सूबा है, किसानों का सूबा है। इसलिए पूरे देश का पेट भरने के लिए ये लड़ाई पंजाब के किसानों को ही लड़ना है। ”

कार्यक्रम के आखिर में बोलते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे पहले हाथरस कांड की चर्चा की। उन्होंने कहा, “जिस परिवार की बेटी को मारा गया उनको उनके घर के अंदर बंद कर दिया गया। डीएम ने उनको धमकाया। चीफ मिनिस्टर ने धमकाया। ये है हिंदुस्तान की हालत। जो अपराध करता है उसके खिलाफ़ कुछ नहीं होता। और जो मारा जाता है, कुचला जाता है, दबाया जाता है उसके खिलाफ़ कार्रवाई होती है।”

सरकार किसानों की ज़मीन और पैसा छीनना चाहती है

फिर किसानों के मुद्दे पर आते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं आपसे (सराकर) पूछना चाहता हूं कि कोविड के समय इन तीन कानूनों को लागू करने की क्या ज़रूरत थी। क्या जल्दी थी। लोकसभा राज्य सभा में बात करते। प्रधानमंत्री कहते हैं किसानों के लिए कानून बनाए जा रहे हैं। ये किसानों के लिए था तो आपने लोकसभा, राज्य सभा में खुलकर बात क्यों नहीं की। और अगर किसान इस कानून से खुश है तो पूरे देश में किसान आंदोलन क्यों कर रहा है। पंजाब का हर किसान आंदोलन क्यों कर रहा है”।

उन्होंने आगे प्रधानमंत्री पर हमलावर बोलते हुए कहा, “6 साल से नरेंद्र मोदी झूठ बोल रहे हैं। नोट बंदी की कहा कालाधन मिट जाएगा। जीएसटी लागू की छोटे व्यापारियों को, दुकानदारों को, गरीब लोगों को खत्म किया। कोविड आया तो हिंदुस्तान के सबसे बड़े उद्योगपतियों का कर्ज़ा माफ़ किया। उनका टैक्स माफ़ किया। मगर गरीबों को, किसानों को कोई भी मदद नहीं दी। एक रुपया तक नहीं दिया। देखिए किसान साथियों मामला पैसे का है और आपकी ज़मीन का है। और मैं इसको सात-आठ साल से देख रहा हूँ। पहली बार मैंने इसे भट्ठा पारसौल में देखा। जब भी ये चाहते थे।

हिंदुस्तान के किसानों की ज़मीन 2 मिनट में छीन लेते थे। हमने विरोध किया। भूमि अधिग्रहण के काले कानून को हमने बदला। और आप किसानों के ज़मीन की रक्षा की। मार्केट रेट से चार गुना ज़्यादा आपको रेट दिलवाया। नरेंद्र मोदी आए तो पहला काम उन्होंने किया हमारे नए कानून को रद्द किया। हम पार्लियामेंट में लड़े। याद रखिए उनके साथ अकाली दल के नेता बैठे थे। हम पार्लियामेंट में लड़े हमने कहा नहीं किसान की ज़मीन हम आपको नहीं देने वाले हैं। पार्लियामेंट में वो कानून को बदल नहीं पाए। कांग्रेस पार्टी खड़ी रही और उन्होंने अपने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि संसद में नहीं बदला जा रहा है राज्यों में बदल दो।”

मोदी सरकार अडानी, अंबानी के हित में किसानों को खत्म करने का काम कर रही है

राहुल गांधी ने कार्पोरेट और मोदी सरकार के साठ-गांठ पर हमला बोलते हुए कहा, “ इनका लक्ष्य समझिए, कठिन बात नहीं है। आपकी ज़मीन और आपका पैसा हिंदुस्तान के दो-तीन सबसे अमीर अरबपति चाहते हैं। पुराने जमाने में कठपुतली का शो होता था ना, याद है आपको। कठपुतली में धागे बंधे होते थे। कठपुतली चलती थी, पीछे से कोई चलाता था उसको। हरीश रावत जी ने कहा ये मोदी की सरकार है, तो ये मोदी की सरकार नहीं है अडानी और अंबानी की सरकार है। नरेंद्र मोदी को अंबानी और अडानी चलाते हैं। अडानी और अंबानी नरेंद्र मोदी को जीवन देते हैं। मीडिया में नरेंद्र मोदी का चेहरे 24 घंटे चलाकर। सीधा सा रिश्ता है। नरेंद्र मोदी इनके लिए ज़मीन साफ करते हैं और ये मीडिया में नरेंद्र को पूरा का पूरा समर्थन देते हैं। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने हिंदुस्तान को फूड सिक्योरिटी दी।

हिंदुस्तान की सरकार ने ढांचा बनाया था। ढांचे में तीन खम्भे थे, एमएसपी, फूड प्रोक्योरमेंट और मंडी। इन तीन चीजों से हिंदुस्तान को गारंटी करके फूड सिक्योरिटी मिलती है। नरेंद्र मोदी इस सिस्टम को खत्म करना चाहते हैं। क्योंकि जब तक ये सिस्टम रहेगा तब तक उनके मित्र अडानी अंबानी जैसे लोग हिंदुस्तान का पैसा नहीं ले पाएंगे। हिंदुस्तान के किसानों की ज़मीन नहीं छीन पाएंगे। लक्ष्य इनका एमएसपी को खत्म करने का है। लक्ष्य इनका फूड प्रोक्योरमेंट सिस्टम को खत्म करने का है। ये जानते हैं जैसे ही एमएसपी खत्म हुई जैसे ही फूड प्रोक्योरमेंट का सिस्टम खत्म हुआ वैसे ही पंजाब का, हरियाणा का, हिंदुस्तान का किसान खत्म हो जाएगा।” और मैं इस स्टेट से कह रहा हूँ कांग्रेस पार्टी हिंदुस्तान के किसानों को इस देश से खत्म नहीं होने देगी। हम आपके साथ खड़े हैं और हम एक इंच पीछे नहीं हटने वाले हैं।

कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है

राहुल गांधी ने मोदी सरकार की अंग्रेजी हुकूमत से तुलना करते हुए कहा, “देश जब गुलाम हुआ था तो कैसे हुआ था। अंग्रेजों ने देश के किसानों को खत्म किया था। हिंदुस्तान के किसानों की रीढ़ की हड्डी को अंग्रेजों ने तोड़ा था इसीलिए अंग्रेज हिंदुस्तान में राज कर पाए। वही लक्ष्य नरेंद्र मोदी का है। किसान की रीढ़ की हड्डी तोड़ो और अंबानी अडानी जैसे लोगों के हवाले पूरा माल कर दो। मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि इस सिस्टम में कमी नहीं है। ज़रूर सिस्टम में कमी है और ज़रूर सिस्टम को सुधारने की ज़रूरत है बदलने की ज़रूरत है। मगर सिस्टम को नष्ट करने की ज़रूरत नहीं है।

क्योंकि अगर आपने इस सिस्टम को नष्ट कर दिया तो किसान के लिए किसान रक्षा के लिए कुछ नहीं बचेगा और किसान को सीधा अडानी और अंबानी से बात करनी पड़ेगी और उस बात-चीत में किसान मारा जाएगा। बहुत सीधी से बात है। मेरा पूरा समर्थन पंजाब के किसानों के साथ है। आप आंदोलन कर रहे हो और बहुत सही कर रहे हो। कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी होगी और मिलकर इन कानूनों को बदलने का काम करेगी। मैं आपको यकीन दिलाता हूँ जिस दिन केंद्र में कांग्रेस की सरकार आएगी इन तीन काले कानूनों को रद्द करके वेस्ट पेपर बास्केट में फेंक देंगे।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)  

This post was last modified on October 4, 2020 6:09 pm

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