Friday, December 2, 2022

झारखंड में छापेमारी करने आए आईटी अधिकारी की कार पर भाजपा का स्टीकर

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भले ही मौसम ठंडई की ओर बढ़ रहा हो लेकिन झारखंड में राजनीतिक तापमान की सुर्खियां अपने उफान पर तब आ गयीं, जब ईडी द्वारा माइनिंग लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 2 नवंबर को समन भेजा गया।

मुख्यमंत्री को 3 नवंबर को 11: 30 बजे ईडी ने रांची स्थित ईडी कार्यालय में बुलाया था। 3 नवंबर को ईडी के समन के खिलाफ झामुमो ने रांची के मोरहाबादी मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। 3 नवंबर को ही दोपहर 3:30 बजे सीएमओ से एक कर्मी ईडी कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों को बंद लिफाफा सौंप कर थोड़ी देर में निकल गया। बाहर निकलने के बाद मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उसने बताया कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय से आया है और लिफाफा के अंदर पत्र है, उसमें क्या है, मुझे पता नहीं।

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उसी दिन थोड़ी ही देर में 4:12 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रायपुर में आयोजित आदिवासी नृत्य महोत्सव में भाग लेने के लिए ईडी कार्यालय के सामने से एयरपोर्ट के लिए निकल गये।

बता दें कि बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सरकार ने 11 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। जिसमें 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति और ओबीसी, एसटी-एससी के आरक्षण बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सत्र में दोनों प्रस्तावों का बिल पेश किया जायेगा। इसके पूर्व विशेष सत्र बुलाने के लिए 10 नवंबर को कैबिनेट की बैठक बुलायी गयी है।

इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय ने मुख्यमंत्री के आगामी कार्यक्रमों की सूची जारी की और 2 नवंबर की देर शाम यूपीए विधायकों की बैठक सीएम आवास पर हुई। इस बैठक में ईडी के समन के बाद भावी रणनीति पर चर्चा की गयी। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि सरकार पूरी कानूनी सलाह के साथ स्थानीय नीति व ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मसौदा सरकार तैयार कर रही है। 11 नवंबर को सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर दोनों ही प्रस्ताव को पारित करेगी।

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स्थानीयता और ओबीसी आरक्षण से जुड़े बिल का खाका तैयार करने को लेकर यूपीए के मंत्री व विधायकों की बैठक में दोनों ही मुद्दों पर चर्चा के लिए एक कमेटी बनायी गयी। कमेटी ने तय किया है कि पूरे राज्य में 1932 के सर्वे को ही स्थानीयता की पहचान के लिए आधार वर्ष माना जायेगा।

कहा गया कि विस से दोनों ही प्रस्तावों को पारित कर नौवीं अनुसूची के तहत केंद्र सरकार को अनुशंसा की जायेगी। केंद्र से झारखंड को विशेष राज्य के तहत दोनों ही प्रावधानों को लागू कराने की मांग की जायेगी। राज्य सरकार ने कानूनी पेंच समाप्त करने के लिए दोनों प्रस्ताव को केंद्र के पाले में डालने का फैसला किया है।

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आदिवासी नृत्य महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हम लोग चोर, उचक्के या हत्यारे नहीं हैं। कल नोटिस दिया और बुला लिया। क्या हमारी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन नवंबर को मुझे रायपुर आना था। 11 नवंबर को सरकार द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह पहले ही तय हो चुका था। 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रांची आ रही हैं। ऐसे में व्यावहारिक कदम उठाया जाना चाहिए अगर इतना ही संगीन गुनाह है, तो समन क्यों? सीधे गिरफ्तार कर लेना चाहिए। राज्य में जब भी उत्साह का माहौल रहता है, तो इस तरह का समन देकर योजनाबद्ध तरीके से केंद्र षड्यंत्र रचता है।

बता दें कि 4 नवंबर को सुबह-सुबह झारखंड में दो कांग्रेस विधायकों पर ED (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग ने एक साथ कार्रवाई की। कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह और प्रदीप यादव के घर और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा मारा गया। रांची, बोकारो गोड्‌डा में 9 जगहों पर छापे पड़े।

छापेमारी पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी के इशारे पर मेरे विधायकों के घर छापा पड़ा है। बीजेपी नेता की गाड़ी से IT के अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं। यह संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी वालों को शर्म आनी चाहिए। उन्हें डूब मरना चाहिए।

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बता दें कि प्रदीप यादव पौड़ैयाहाट से कांग्रेस के विधायक हैं, वहीं कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह बेरमो से विधायक हैं। बेरमो के एक कोयला व्यवसायी अजय कुमार सिंह के घर पर भी ED की टीम ने दबिश दी। अजय सिंह विधायक कुमार जयमंगल सिंह के करीबी बताए जाते हैं। जबकि कुमार जयमंगल सिंह ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अजय कुमार सिंह से उनका कोई रिश्ता नहीं है, वे भाजपा के आदमी हैं।

कांग्रेसी नेताओं के अलावा रांची स्थित न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। IT की रेड को लेकर कुमार जयमंगल सिंह ने कहा कि जो नेता भाजपा की बात नहीं मानेंगे उनके यहां रेड डाली जाएगी।

बता दें कि अनूप सिंह के बेरमो स्थित आवास पर रेड करने पहुंची आईटी की टीम की गाड़ी पर बीजेपी का स्टीकर देखा गया। जैसे मीडिया की नजर स्टीकर पर पड़ी और वे उसका वीडियो बनाने लगे तुरंत आईटी का एक बंदा उस स्टीकर को हटा दिया। लेकिन स्टीकर हटाते हुए जो वीडियो बन चुका था वह वीडियो तेजी स वायरल हो गया। इसकी चर्चा काफी जोरों पर रही। स्टीकर वाली गाड़ी का नंबर जेएच01एल 5626 है। जो किसी दिनेश महतो के नाम पर है। ये इसके सेकंड ऑनर हैं।

जब यह गाड़ी बेरमो विधायक के घर रेड के लिए पहुंची तो गाड़ी के शीशे पर बीजेपी का स्टीकर लगा हुआ था। चर्चा होने के बाद आईटी टीम में शामिल कुछ अधिकारियों ने आनन-फानन में स्टीकर निकालवा दिया है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हुआ।

ED के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन भेजे जाने के बाद राज्य में राजनीति तेज हो गई है। आयकर की छापेमारी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि ये बीजेपी की साजिश है। लगातार गैर बीजेपी शासित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी के सारे नेता पाक साफ हैं। उनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती है?

झारखंड के रियल स्टेट कारोबारी व न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल, चाईबासा के लौह अयस्क कारोबारी राजकुमार शाह (शाह ब्रदर्स) और बेरमो के कोयला कारोबारी अजय सिंह के यहां छापेमारी हुई।

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सभी छापेमारी में एक करोड़ 27 लाख रुपये नकद जब्त किये गये।

बेरमो विधायक अनूप सिंह के यहां दो दिन चली छापेमारी में कुछ हासिल नहीं हुआ। जबकि अजय सिंह के पास से आयकर विभाग ने 75 लाख रुपये नकद जब्त किये। वहीं कांग्रेसी नेता सरदार लक्की सिंह के यहां से पांच लाख रुपये मिले। उधर, आयकर विभाग की टीम ने पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव के घर से एक अलमारी और दो लाख रुपये नकद जब्त किये। उनके कंप्यूटर का बैकअप भी टीम साथ ले गयी है। 5 नवंबर की शाम रांची व गोड्डा में यादव व उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापामारी खत्म कर अधिकारी लौट गये। वहीं देर शाम विधायक अनूप सिंह के रांची व बेरमो स्थित आवास में भी छापामारी समाप्त हो गयी। आयकर विभाग की टीम ने विधायक प्रदीप यादव के करीबी ठेकेदार श्यामाकांत यादव व विनोद लाल के गोड्डा स्थित ठिकानों से 50 लाख रुपये और निवेश से संबंधित कागजात जब्त किये।

कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने कहा कि मेरे घर कुछ दस्तावेज मिले हैं, जो आमतौर पर रहते हैं। इसमें घर के किराया का दस्तावेज शामिल है। मेरे पटना स्थित आवास से 600 रुपये मिले हैं। रांची आवास से भी कुछ नहीं मिला है, आयकर अधिकारी जबरदस्ती मेरे घर पर बैठे रहे। इसका असर यह हुआ है कि किसी सूत्र ने बता दिया कि मेरी आय प्रतिदिन एक करोड़ रुपये है। इसका कोई दस्तावेज भी नहीं है। आईटी विभाग के अधिकारी इसका पंचनामा भी नहीं देंगे। अगर ऐसा है, तो दस्तावेज दिखायें। यह सोचना चाहिए इससे मेरी जो बदनामी हुई है, उसकी भरपाई कैसे होगी? अगर मेरे ऊपर अपराधिक अटैक होता है, बच्चों को अगवा करने की कोशिश होती है, तो उससे ये कैसे बचायेंगे?

उन्होंने कहा कि बेरमो स्थित आवास में 70 से 90 हजार रुपये मिला है। उन्होंने कहा कि अजय सिंह कभी मेरे पिता के करीबी हुआ करते थे। पिछले दस साल से उनसे कोई संबंध नहीं है। यह पूरा बेरमो जानता है कि आज उनसे मेरा छत्तीस का रिश्ता है।

अनूप सिंह ने बताया कि 21 नवंबर को आईटी अधिकारियों ने उन्हें कार्यालय में बुलाया है। वे आयकर के अधिकारियों को पूरा सहयोग करेंगे।

पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि यह छापा राजनीतिक विद्वेष का परिणाम है। छापा मार कर विरोधी दल हमें डराना-धमकाना और कमजोर करना चाहते हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि हमारे सांसद को लगता है कि मैं मजबूत प्रतिद्वंद्वी हूं। वह राजनीतिक रूप से नहीं, तो इस प्रकार के षड्यंत्र कर कमजोर करना चाहते हैं। मैं जांच एजेंसियों को सहयोग करना चाहता हूं। जिसको मेरा करीबी बताया जा रहा है, वह ठेकेदार है और करोड़ों का काम करता है इस षड्यंत्र में दूसरे लोगों के साथ मेरा नाम जोड़ कर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मेरे पास कुल 16 हजार रुपये थे और ड्राइवर के पास 10 हजार।

(झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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