Tue. Aug 20th, 2019

भिवानी में कर्फ्यू जैसे हालात, आंदोलनकारियों पर खट्टर सरकार ने लगाए हत्या के प्रयास के मुकदमे

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जनचौक ब्यूरो

भिवानी। हरियाणा रोडवेज के निजीकरण की कोशिशों के विरोध में चल रहे अभूतपूर्व आंदोलन के बर्बर दमन पर उतारु भाजपा सरकार ने लाठीचार्ज के बाद गिरफ्तार किए गए जनसंगठनों के नेताओं को हत्या के प्रयास जैसे संगीन आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया है। भिवानी में दिन भर अघोषित आपातकाल जैसा हाल रहा लेकिन जनवादी महिला समिति की एक्टिविस्टों ने पुलिस को धता बताकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका। रोडवेज कर्मचारी नेताओं और दूसरी यूनियनों व संगठनों के नेताओं की धरपकड़ के लिए पुलिस की छापे जारी है। आंदोलनकारी नेताओं के मोबाइल फोन्स की लोकेशन्स पर भी पुलिस की नज़र है।

आरएसएस के भारतीय मजदूर संघ के अलावा लगभग सभी यूनियनें सर्व कर्मचारी संघ से जुड़ी रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आंदोलन के समर्थन में हैं। आम जनता की तरफ से भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। बृहस्पतिवार को रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का 17वां दिन था। बुधवार को फतेहाबाद जिले के भूना और भिवानी में पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया था।

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भूना में माकपा के प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। भूना में पकड़े गए आंदोलनकारियों को तो छोड़ दिया गया था पर भिवानी में दमनचक्र जारी है। पुलिस ने घायलों तक को नहीं बख्शा है। बुधवार को ही पुलिस ने कई आंदोलनकारी महिला-पुरुष नेताओं को इधर-उधर छापे मारकर गिरफ्तार कर लिया था। बृहस्पतिवार को सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सुखदर्शन, पीडब्ल्यूडी वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार पाराशर, जनवादी महिला समिति की जिलाध्यक्ष बिमला घणघस, उनके पति हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के नेता वजीर सिंह, पंप ऑपरेटर श्री सुंडा, फोरेस्ट गार्ड मिंटू, कृष्ण कुमार, जन स्वास्वास्थ्य विभाग के संजय कुमार बिजली निगम के लाइन मैन अशोक कुमार व ड्राइवर धर्मवीर सिंह को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया। इन सभी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा भी लगाई गई हैं। अदालत ने इन सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बृहस्पतिवार को सफाई कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव, शिवकुमार और धर्मवीर को भी हिरासत में ले लिया है। समचार लिखे जाने तक इनकी गिरफ्तारी दिखाई नहीं गई थी। कई दूसरे नेताओं की गिरफ्तारियों के लिए भी पुलिस छापे मार रही है। कॉमरेड ओमप्रकाश आदि आंदोलनकारी नेताओं की मोबाइल फोन लोकेशन्स पर भी पुलिस की नज़र बताई जाती है

भिवानी में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार रामनिवास की तरफ से धारा -147 ,148, 149 ,186 ,188, 332,353, 323, 341, 427, 307, 120 बी आईपीसी, 3 पीडीपीपी एक्ट-8 बी नेशनल हाईवे एक्ट 48 ऑफ 1956 के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

भिवानी में आंदोलनकारी नेताओं के लिए अघोषित आपातकाल की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद रोडवेज कर्मचारियों ने धरना भी दिया और जनवादी महिला समिति ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका।

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