Saturday, February 24, 2024

‘बुल्ली बाई’ एप पर मुस्लिम महिलाओं की नीलामी को लेकर बवाल, सांसदों ने लिखा गृहमंत्री को पत्र

बुल्ली बाई एप पर मुस्लिम महिलाओं की नीलामी मामले में AIPWA ने बयान जारी करके कार्रवाई की मांग की है। अपने बयान में AIPWA ने कहा है कि – हम मुस्लिम महिलाओं को भ्रष्ट हिंदू वर्चस्ववादी पुरुषों द्वारा ऑनलाइन ऐप पर “नीलामी” किए जाने के खिलाफ रोष और एकजुटता में खड़े हैं।

यह कुछ समय पहले “सुली डील” नामक एप पर हुआ था। पुलिस की उदासीनता और अपराधियों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने में विफलता ने ऐप को “बुली डील्स” के एक नए अवतार में फिर से वही सब करने के लिये उनका हौसला बढ़ाया है।

इस ऐप ने विभिन्न मुस्लिम महिला पत्रकार और कार्यकर्ताओं को लक्षित किया है।

ऐपवा के बयान में आगे कहा गया है कि -” अपराधियों के पास बेशर्मी और क्रूरता की कोई सीमा नहीं है – लेकिन शायद यह सबसे घृणित है कि इस बार उन्होंने “नीलामी” में – नजीब की मां को निशाना बनाया है।

उस नजीब की मां को जो एबीवीपी के गुंडों द्वारा हमला किए जाने के कुछ घंटों के भीतर गायब हो गया था ।

ऐपवा अध्यक्ष रति राव, सचिव कविता कृष्णन व जनरल सेक्रेटरी मीना तिवारी ने बयान में आगे देश के गृहमंत्री को संदर्भित करते हुए कहा है कि – “भारत के प्रधान मंत्री और गृह मंत्री ने अपनी चुप्पी के साथ, मुस्लिम महिलाओं को लक्षित इस्लामोफोबिक यौन हिंसा के इस रूप को गुप्त रूप से बढ़ावा दिया है। याद रखें, गृह मंत्री एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने बार-बार मुस्लिम पुरुषों को “माताओं और बेटियों के सम्मान को लूटने वाले समुदाय” के रूप में संदर्भित करके पीएम के लिए वोट मांगा है जिसमें मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू को अपवित्र करने के लिए एक व्यवस्थित साजिश की कल्पना का हवाला दिया गया है।

इस मामले में उनके अपने अनुयायियों ने खुले तौर पर मुस्लिम माताओं और महिलाओं को हिंदू वर्चस्ववादी पुरुषों द्वारा ख़रीदी और बेची जाने वाली यौन वस्तुओं के रूप में संदर्भित किया है।

हम पूरे देश से इन बेशर्म हिंदू वर्चस्ववादियों के ख़िलाफ़ बोलने का आह्वान करते हैं, जिनकी असुरक्षित मर्दानगी उन्हें मुस्लिम महिलाओं की “नीलामी” करने के लिए प्रेरित करती है।

कांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री को लिखा पत्र

अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह आहूजा ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

सुल्ली डील ऐप के समान गुटहब पर बुल्ली बाई ऐप के निर्माण के संबंध में उन्होंने मामले पर तत्काल कार्रवाई करने और इस ऐप के पीछे छिपे अपराधियों को गिरफ्तार करने का आग्रह गृहमंत्री से किया है।

बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद डॉ मोहम्मद जावेद ने भी इस मामले में पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुये कहा है कि – “सांप्रदायिक ताकतें यौन हिंसा को अपना हथियार समझती हैं। नफरत की फसल बोने वाले जो लोग आज पहचान के आधार पर महिलाओं को टारगेट कर यौन हिंसा कर रहे हैं वे समाज, संविधान व देश विरोधी हैं। नरेंद्र मोदी जी इस तरह के लोगों पर एक्शन न लेना आपकी सरकार की महिला विरोधी विचारधारा को दर्शाता है। “

मामला दर्ज़

पूरे मामले पर मुंबई पुलिस ने  बयान देकर कहा है कि उसने मामले को संज्ञान में लिया है और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई साइबर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक जनवरी को कहा था कि सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें गिटहब प्लेटफॉर्म के ज़रिए एक ऐप पर अपलोड की गई हैं। चतुर्वेदी ने इस मामले को मुंबई पुलिस के सामने उठाया था और उन्होंने इसके दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ़्तार करने की मांग की थी।

प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा था, ”मैंने सीपी मुंबई पुलिस और डीसीपी क्राइम रश्मि कारंदिकर से बात की है। वे इस मामले की जांच करेंगे। इसे लेकर महाराष्ट्र के डीजीपी से भी बात की है कि वे मामले में हस्तक्षेप करें। उम्मीद है कि इसमें शामिल महिला विरोधी और लैंगिक भेदभाव करने वाले गिरफ़्तार होंगे। ”

वहीं पत्रकार इस्मत आरा ने इस मामले में दिल्ली साइबर पुलिस में शिक़ायत दर्ज़ कराई है। दिल्ली पुलिस ने ट्विट कर कहा है कि वह इस मामले की जांच कर रही है।

केंद्रीय सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि ”आज सुबह ही गिटहब ने जानकारी दी है कि इस एप को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं।”

नामचीन मुस्लिम महिलाओं को बनाया गया निशाना

ऐप ‘बुल्ली बाई’ भी सुल्ली डील्स की तरह ही काम करता है। एक बार जब इसे आप ओपन करेंगे तो मुस्लिम महिलाओं के चेहरे दिखने लगते हैं.

द वायर की पत्रकार इस्मत आरा ने इस प्लेटफॉम पर बनाई गई ख़ुद की प्रोफ़ाइल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, ”ये बहुत दुख की बात है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में मुझे नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है। बेशक #sullideals के इस नए संस्करण में मुझे अकेले निशाना नहीं बनाया गया है, आज सुबह एक दोस्त ने ये स्क्रीनशॉट भेजा। ‘’नववर्ष की शुभकामनाएं’’।

पत्रकार हिमा बेग ने ट्विटर पर लिखा, ”कोरोना के कारण अपनी दादी को खोने के बाद आज मैं पहली बार उनकी क़ब्र पर गई। जैसे ही मैं घर जाने के लिए कार में बैठी मुझे दोस्तों ने बताया कि एक बार फिर मेरी तस्वीरों की नीलामी की जा रही है बुल्ली डील्स पर। पिछली बार इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया और यह फिर से हो रहा है।

”मैंने ख़ुद को सेंसर कर लिया है, मैं अब शायद ही यहां (ट्विटर पर) बोलती हूं लेकिन फिर भी मुझे ऑनलाइन बेचा जा रहा है, मेरा सौदा किया जा रहा है। मैं इस देश में सुरक्षित नहीं हूं मेरे जैसी और कई मुस्लिम महिलाएं इस देश में सुरक्षित नहीं हैं। कार्रवाई के लिए हमें कितने ऑनलाइन सौदे और देखने होंगे? हमारी मदद करिए!”

आरजे सायमा ने ट्वीट कर कहा, ”सुल्ली डील्स की तर्ज पर बनाए गए बुल्ली डील्स ऐप पर कई मुस्लिम लड़कियों की तरह मेरा प्रोफ़ाइल भी बनाया गया है। यहाँ तक कि नजीब की माँ को भी नहीं बख्शा गया है। यह भारत की टूटी-फूटी न्याय व्यवस्था एक जर्जर क़ानून-व्यवस्था व्यवस्था का प्रतिबिंब है। क्या हम महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बनते जा रहे हैं? ”

6 माह पहले ‘सुल्ली डील’ मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी

बीते साल जुलाई में जब सुल्ली डील्स ऐप पर इस तरह मुस्लिम लड़कियों की तस्वीर अपलोड की जा रही थी तो उस वक़्त भी इसे लेकर एफ़आईआर कराई गई थी, लेकिन उस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई थी।

सुल्ली डील्स को लेकर एक एफ़आईआर हना मोहसिन ख़ान ने भी दर्ज कराई थी। हना उन महिलाओं में से एक थीं जिनकी तस्वीर और नाम को सुल्ली ऐप पर इस्तेमाल किया गया था। ये एफ़आईआर नोएडा सेक्टर-24 में दर्ज हुई है।

संसद में मॉनसून सत्र के दौरान 29 जुलाई को राज्यसभा में सांसद अब्दुल वहाब के सवाल के जवाब में महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने बताया कि ”गृह मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने सुल्ली डील्स मामले में एक एफ़आईआर दर्ज़ की है।

सुल्ली डील्स ऐप की तरह बुल्ली बाई ऐप को भी गिटहब पर ही बनाया गया था।

जुलाई में सुल्ली डील्स को लेकर बीबीसी के सवालों का जवाब देते हुए गिटहब ने कहा था “हमने इस मामले में यूज़र का अकाउंट सस्पेंड कर दिया है। रिपोर्ट्स के आधार पर इस मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। गिटहब की नीतियां ऐसे कॉन्टेंट, जो प्रताड़ना, भेदभाव और हिंसा को बढ़ावा देते हैं, के ख़िलाफ़ हैं। ये कॉन्टेंट हमारी नीतियों का उल्लंघन है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता शुशील मानव की रिपोर्ट़)

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