बिलासपुर में श्रीराम केयर हॉस्पिटल की आईसीयू में भर्ती इंजीनियरिंग छात्रा के साथ गैंगरेप

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बिलासपुर। नेहरू नगर अमेरी रोड स्थित श्रीराम केयर हॉस्पिटल में भर्ती 18 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा के साथ वहीं के दो वार्ड ब्वाय द्वारा बलात्कार करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी है लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। छात्रा अभी हॉस्पिटल में बेहोशी की हालत में दाखिल है। अस्पताल प्रबंधन पर पिता ने आरोप लगाया कि बयान देने से रोकने के लिए पीड़िता को बार-बार इंजेक्शन देकर बेहोश किया जा रहा है। 
डॉ. नताशा सोनी व अमित सोनी द्वारा संचालित बिलासपुर के एक प्रमुख अस्पताल श्रीराम केयर अस्पताल में 21-22 मई की रात को इस घटना के होने के बारे में बताया गया है। छात्रा शहर से सटे एक गांव की रहने वाली है। 18 मई की सुबह वह घर पर थी। चाय पीने के बाद उसके मुंह से झाग निकलने लगा। मां के पूछने पर छात्रा ने बताया कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है। परिजन उसे लेकर सिम्स आये लेकिन यहां कोरोना ओपीडी बनने के बाद अन्य मरीजों को इलाज कराने में दिक्कत हो रही है। सिम्स में मौजूद स्टाफ ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।

छात्रा को लेकर परिजन नारायणी हॉस्पिटल आये लेकिन वहां भी भर्ती नहीं कराया जा सका। छात्रा को तब श्रीराम केयर हॉस्पिटल लाया गया, तब से उसका यहां आईसीयू में इलाज चल रहा है। छात्रा को वेंटिलेटर के जरिये ऑक्सीजन दिया जा रहा है। 

22 मई को छात्रा ने अपने पिता को इशारों में कुछ बताना चाहा। पिता को बात समझ में नहीं आई तब उसने पेन और कागज मांगकर लिखा कि उसके साथ हॉस्पिटल के दो वार्ड ब्वॉय ने बलात्कार किया है। यह पढ़ते ही पिता के होश उड़ गये। उसने सिविल लाइन थाने में जाकर घटना की शिकायत की। 

शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस वहां पहुंची। उसने छात्रा से बयान लेना चाहा तब अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि वह वेंटिलेटर पर है। सिविल लाइन थाने के प्रभारी परिवेश तिवारी का कहना है कि शिकायत पिता की ओर से है, छात्रा के होश में आने पर उससे बयान लेने का प्रयास किया जायेगा ताकि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखी जा सके। युवती का बयान दर्ज नहीं हो पाने पर पिता की शिकायत के आधार पर ही अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जायेगा। पुलिस की टीम जांच के लिए श्रीराम केयर हास्पिटल में पहुंची हुई है। 

युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़िता को दवाइयां देकर बार-बार बेहोश किया जा रहा है ताकि उसका बयान न लिया जा सके। पिता के शिकायत के करीब 48 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस में पीड़िता की पिता के शिकायत करने के बाद से अस्पताल में हड़कम्प मचा है पर प्रबंधन ने अपनी ओर से पुलिस में शिकायत करने और संदिग्धों को उनके हवाले करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। बताया तो यह भी जाता है कि उक्त दोनों स्टाफ से अस्पताल में ड्यूटी भी कराई जा रही है। 

(रायपुर से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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